Saturday, July 31, 2021
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयबकरीद पर कुर्बानी तो ठीक लेकिन उसके अवशेष फेंकने पर पाबंदी: सिंध हवाई अड्डे...

बकरीद पर कुर्बानी तो ठीक लेकिन उसके अवशेष फेंकने पर पाबंदी: सिंध हवाई अड्डे के लिए आया ऑर्डर

हवाई अड्डे के आस-पास के इलाकों में जानवरों के अवशेष डंप करने को प्रतिबंधित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने उस पूरे इलाके में धारा 144 लगा दी है, जहाँ तक हवाई अड्डे की सीमा है। यह धारा पूरे एक महीने तक लागू रहने वाली है।

पाकिस्तान के सिंध में जानवरों से संबंधित एक अहम अधिसूचना जारी की गई है। राज्य के हवाई अड्डे के नज़दीक जानवरों के अवशेष फेंकने या डंप करने पर पाबंदी लगा दी गई है। उस इलाके में जानवरों के अवशेष पड़े रहने की वजह से कई तरह के पक्षी मंडराते रहते हैं। जिसके चलते हवाई जहाज़ों के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बनती है। 

इस बात को ध्यान में रखते हुए हवाई अड्डे के आस-पास के इलाकों में जानवरों के अवशेष डंप करने को प्रतिबंधित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने उस पूरे इलाके में धारा 144 लगा दी है, जहाँ तक हवाई अड्डे की सीमा है। यह धारा पूरे एक महीने तक लागू रहने वाली है।

यह कदम ठीक उस घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें पाकिस्तान का एक हवाई जहाज बुरी तरह दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। जिसके बाद पूरे देश में यह माँग उठाई गई थी कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।

22 मई के दिन पाकिस्तान इंटरनेशनल एयर-लाइन का हवाई जहाज PK-8303 दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। यह घटना कराची स्थित जिन्नाह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नज़दीक भीड़ वाले इलाके में हुई थी। इस दुर्घटना में कुल 97 लोगों की जान गई थी।

इसके पहले सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। उनका कहना था कि सरकार को ऐसी कोई जगह तय कर देनी चाहिए, जहाँ जानवरों को काटा और मारा जाए। उन्होंने कहा था “अगर जानवर इस तरह सड़कों पर कहीं भी मारे जाएँगे तो इससे बीमारी भी फ़ैल सकती है।” 

कुल मिला कर उनका सरकार से यह कहना था कि जानवरों की डम्पिंग के लिए कोई जगह तय कर दी जाए। जिससे तमाम तरह की दिक्कतें एक बार में ही ख़त्म हो जाए। और आने वाले समय में कोई बड़ी दुर्घटना न हो या किसी तरह की बीमारी न फैले।

इसके पहले शाह ने प्रशासनिक अधिकारियों को एक और आदेश दिया था। जिसके मुताबिक़ बाज़ार लगाने की जगहें तय की जाएँ, ख़ासकर शहरी इलाकों से बाहर। जिससे कोरोना वायरस फैलने का ख़तरा न बढ़े। 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पेगासस: ‘खोजी’ पत्रकारिता का भ्रमजाल, जबरन बयानबाजी और ‘टाइमिंग’- देश के खिलाफ हर मसाले का प्रयोग

दुनिया भर में कुल जमा 23 स्मार्टफोन में 'संभावित निगरानी' को लेकर ऐसा बड़ा हल्ला मचा दिया गया है, मानो 50 देशों की सरकारें पेगासस के ज़रिए बड़े पैमाने पर अपने नागरिकों की साइबर जासूसी में लगी हों।

पिता ने उधार लेकर करवाई हॉकी की ट्रेनिंग, निधन के बाद अंतिम दर्शन भी छोड़ा: अब ओलंपिक में इतिहास रच दी श्रद्धांजलि

वंदना कटारिया के पिता का सपना था कि भारतीय महिला हॉकी टीम ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीते। बचपन में पिता ने उधार लेकर उन्हें हॉकी की ट्रेनिंग दिलवाई थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,163FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe