Sunday, September 19, 2021
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयकरतारपुर कॉरिडोर समझौता: लंगर और प्रसाद मिलेगा पाकिस्तान में, लेकिन देने होंगे 20 डॉलर

करतारपुर कॉरिडोर समझौता: लंगर और प्रसाद मिलेगा पाकिस्तान में, लेकिन देने होंगे 20 डॉलर

भारत के विरोध के बावजूद भी वह यात्रियों से 20 डॉलर फीस लेने पर अड़ा है। जिसे भारत ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। भारत ने कहा है कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत के विरोध के बावजूद पाकिस्तान ने तीर्थ यात्रियों से चार्ज वसूलने के फैसले को नहीं बदला।

भारत और पाकिस्तान के बीच आज (अक्टूबर 24, 2019) करतारपुर कॉरिडोर को लेकर फैसला हो गया। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज यानी गुरुवार को इस मामले के मद्देनजर सहमति पत्र पर अपने-अपने हस्ताक्षर किए। भारत की ओर से इस मौक़े पर गृह मंत्रालय के अधिकारी एससीएल दास उपस्थित रहे, जबकि पाकिस्तान की ओर से विदेश मंत्रालय के अधिकारी मोहम्मद फैसल।

दोनों देशों के बीच पहले ये समझौता 23 अक्टूबर को साइन किया जाना था, लेकिन आखिरी मौक़े पर इसकी तिथि एक दिन आगे बढ़ा दी गई। लंबे इंतजार के बाद दोनों देशों के बीच ये समझौता हुआ।

गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एससीएल दास ने इसपर हस्तात्क्षर करने के बाद जानकारी दी कि आज से पोर्टल पर करतारपुर कॉरिडोर जाने के लिए रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर सुबह से शाम तक खुला रहेगा, लेकिन सुबह यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को उसी दिन लौटना होगा।

इस दौरान गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने बताया कि पाकिस्तान इस समझौते में गुरुद्वारे के परिसर में लंगर और प्रसाद वितरण के लिए महत्तवपूर्ण प्रावधान बनाने को राजी हो गया है।

लेकिन, बता दें भारत के विरोध के बावजूद भी वह यात्रियों से 20 डॉलर फीस लेने पर अड़ा है। जिसे भारत ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। भारत ने कहा है कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत के विरोध के बावजूद पाकिस्तान ने तीर्थ यात्रियों से चार्ज वसूलने के फैसले को नहीं बदला। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भारत ने पाकिस्तान को यात्रियों से 20 डॉलर चार्ज वसूलने वाले फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था, लेकिन पाकिस्तान इसपर राजी नहीं हुआ।

गौरतलब है कि इस समझौते के बाद पाकिस्तान ने करतारपुर का गलियारा तीर्थयात्रियों के लिए 9 नवंबर से खोलने का ऐलान किया है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा किया जाएगा। ये कॉरिडोर करतारपुर के दरबार साहिब को पंजाब के गुरदासपुर जिला के डेरा बाबा नानक धर्मस्थल से जोड़ेगा। जिससे भारतीय तीर्थयात्री वहाँ केवल वैध पासपोर्ट की मदद से बिना वीजा जा पाएँगे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सिख नरसंहार के बाद छोड़ दी थी कॉन्ग्रेस, ‘अकाली दल’ में भी रहे: भारत-पाक युद्ध की खबर सुन दोबारा सेना में गए थे ‘कैप्टेन’

11 मार्च, 2017 को जन्मदिन के दिन ही कैप्टेन अमरिंदर सिंह को पंजाब में बहुमत प्राप्त हुआ और राज्य में कॉन्ग्रेस के लिए सत्ता का सूखा ख़त्म हुआ।

अडानी समूह के हुए ‘The Quint’ के प्रेजिडेंट और एडिटोरियल डायरेक्टर, गौतम अडानी के भतीजे के अंतर्गत करेंगे काम

वामपंथी मीडिया पोर्टल 'The Quint' में बतौर प्रेजिडेंट और एडिटोरियल डायरेक्टर कार्यरत रहे संजय पुगलिया अब अडानी समूह का हिस्सा बन गए हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,110FollowersFollow
409,000SubscribersSubscribe