Tuesday, August 3, 2021
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पाक में मोहम्मद हसन की अगुवाई में भीड़ ने माँ-बेटे को मारा: अल्पसंख्यकों के खिलाफ क्रूर अत्याचार पर विश्व के मौन होने पर उठे सवाल

"ईसाई माँ यासमीन और उसका बेटे उस्मान मसीह को मोहम्मद हसन के अगुवाई में इस्लामी भीड़ ने बेरहमी से मार डाला। ईश निंदा के नाम पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ क्रूर अत्याचार जारी है और पूरा विश्व पूर्ण रूप से मौन है।"

पाकिस्तान में इस्लामी बर्बरता का कोई अंत होता नहीं दिख रहा। चाहे हिंदू हो या ईसाई वहाँ हर अल्पसंख्यक को खून के आँसू रोने पर मजबूर किया जा रहा है। ताजा मामला पाकिस्तान के गुजरांवाला से आया है। वहाँ एक ईसाई समुदाय की महिला और उसके बेटे को दिन दहाड़े इस्लामी भीड़ ने मार डाला। उनका शव खून से लथपथ सड़क पर पड़ा तस्वीरों में देखा जा सकता है।

पत्रकार आदित्यराज कौल ने यह जानकारी अपने ट्विटर पर शेयर की। उन्होंने लिखा, “ईसाई माँ यासमीन और उसका बेटे उस्मान मसीह को मोहम्मद हसन के अगुवाई में इस्लामी भीड़ ने बेरहमी से मार डाला। ईश निंदा के नाम पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ क्रूर अत्याचार जारी है और पूरा विश्व पूर्ण रूप से मौन है।”

पाकिस्तान के वकील व कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन ने इस घटना की सूचना देते हुए लिखा, “यहाँ सवालों के जवाब देने पर या फिर इस्लाम के लिए सख्त शब्दों का आदान-प्रदान करने पर भी उसे ईशनिंदा मानकर, मौत की सजा दी जाती है। एक ईसाई माँ और उसके बेटे उस्मान मसीह को मोहम्मद हसन और अन्यों ने पाकिस्तान पंजाब के गुजरांवाला के वजीराबाद के कठोर गाँव में हत्या कर दी।”

राहत ने जानकारी दी कि मृत महिला का केवल एक ही बेटा था और उसकी खुद की भी दो बेटियाँ थी। तस्वीरों में दोनों बेटियों को अपने पिता के शव के पास बैठकर रोते देखा जा सकता है।

साजेदा अख्तर इसी घटना पर लिखती हैं, “आधुनिक पाकिस्तान की बहुसंख्यक आबादी को ईशनिंदा के नाम पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को चुन-चुन कर मारने का लाइसेंस मिल गया है और दुनिया बस चुपचाप देख रही है।”

याद दिला दें पाकिस्तान में ईशनिंदा के नाम पर किसी व्यक्ति को मौते के घाट उतारना कोई अपराध करना नहीं होता बल्कि वहाँ ऐसा करने वालों का फूलों से स्वागत होता है। लोग उस व्यक्ति के समर्थन में नारे लगाते हैं, उसे अपना हीरो बताते हैं।

हाल में पाकिस्तानी एक्टिविस्ट राहत ऑस्टिन ने ख़ुशब की क़ैदाबाद तहसील में नेशनल बैंक ऑफ़ पाकिस्तान शाखा के एक मैनेजर को ईशनिंदा के आरोप में गोली मारने वाले सिक्योरिटी गार्ड अहमद नवाज का वीडियो शेयर किया था।

वीडियो में अहमद एक भीड़ का नेतृत्व करते, नारे लगाते और हत्या का जश्न मनाते हुए सड़क पर दिखाई दे रहे थे। इस प्रदर्शन के बीच एक व्यक्ति को भीड़ से निकलते और उसे चूमते हुए भी देखा जा सकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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