Friday, September 24, 2021
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वार्निंग की बत्ती जलती रही, पाकिस्तानी पायटल कोरोना पर चर्चा करते रहे, प्लेन क्रैश से पहले बोले: मैनेज कर लूँगा

"पायलट ओवर कॉन्फिडेंट थे। उन्होंने एयरक्राफ्ट पर ध्यान नहीं दिया। एटीसी ने उनसे प्लेन की ऊँचाई बढ़ाने को कहा। जवाब में एक पायलट ने कहा कि वो सब संभाल लेगा। पूरी फ्लाइट के दौरान दोनों पायलट कोरोना वायरस से परिवार को बचाने के बारे में बातचीत करते रहे।"

कराची में हुए प्लेन हादसे की जाँच रिपोर्ट पेश करते हुए पाकिस्तान के उड्डयन मंत्री सरवर खान ने कहा कि पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइंस में 40% पायलटों के पास फर्जी लाइसेंस हैं और इस हादसे के वक्त पायलट कोरोना वायरस पर चर्चा कर रहे थे।

पाकिस्तान के दक्षिणी बंदरगाह शहर कराची में पिछले महीने 22 मई को हुए विमान हादसे में में 98 लोगों की मौत के लिए पायलट और हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) जिम्मेदार पाए गए हैं। पाकिस्तान की संसद में अंतरिम रिपोर्ट पेश करते हुए, वहाँ के उड्डयन मंत्री गुलाम सरवर खान ने कहा कि जाँच बोर्ड द्वारा की गई निष्पक्ष जाँच में पता चला है कि कि हवाई दुर्घटना मानवीय भूल के कारण हुई थी।

उन्होंने कहा कि इस प्लेन क्रैश के लिए पायलट, केबिन क्रू और एटीसी जिम्मेदार हैं। क्रैश के पहले पायलट कोरोना वायरस पर चर्चा कर रहे थे। रिपोर्ट पेश करते हुए सरवर खान ने कहा कि इसकी रिकॉर्डिंग उनके पास है।

सरवर खान ने कहा कि अंतिम रिपोर्ट को पूरा होने में एक साल लगेगा। उन्होंने संसद में कहा – “विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। यह उड़ान के लिए पूरी तरह से फिट था। पायलट और को-पायलट, जो दोनों चिकित्सकीय रूप से फिट और अनुभवी थे, ने पूरे उड़ान में एटीसी के लिए किसी भी तकनीकी गलती का उल्लेख नहीं किया।

‘हमारी सरकारी एयरलाइंस में 40% पायलट ऐसे हैं जो फर्जी लाइसेंस से एयरक्राफ्ट उड़ा रहे हैं’

पाकिस्तान के उड्डयन मंत्री सरवर खान ने पाकिस्तान एयरलाइंस (पीआईए) पर हैरान करने वाला खुलासा करते हुए कहा, “हमारी सरकारी एयरलाइंस में 40% पायलट ऐसे हैं जो फर्जी लाइसेंस से एयरक्राफ्ट उड़ा रहे हैं। इन लोगों ने न तो कभी एग्जाम दिया और न इनके पास फ्लाइंग एक्सपीरिएंस है। इनकी भर्ती में सियासी दखलंदाजी होती है। 4 पायलट्स की तो डिग्री भी जाली पाई गईं हैं।”

उल्लेखनीय है कि पिछले माह की 22 मई को, पाकिस्तान के पूर्वोत्तर शहर लाहौर से उड़ान भरने वाली पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार 99 यात्री और चालक दल के लोग सवार थे। इस दुर्घटना में कुल 97 यात्री और जमीन पर मौजूद एक लड़की की मौत हो गई, जबकि दो यात्री बच गए।

संसद में पेश की गई जाँच रिपोर्ट के अनुसार, सरवर खान ने कहा कि विमान जब हवाई अड्डे से 10 समुद्री मील दूर था, तो वह आवश्यक 2,500 फीट की ऊँचाई के मुकाबले 7,220 फीट की ऊँचाई पर था।

संसद में सरवर खान ने कहा, “पायलट ओवर कॉन्फिडेंट थे। उन्होंने एयरक्राफ्ट पर ध्यान नहीं दिया। एटीसी ने उनसे प्लेन की ऊँचाई बढ़ाने को कहा। जवाब में एक पायलट ने कहा कि वो सब संभाल लेगा। पूरी फ्लाइट के दौरान दोनों पायलट कोरोना वायरस से परिवार को बचाने के बारे में बातचीत करते रहे।”

उन्होंने कहा कि एटीसी ने पायलट को ऊँचाई के मुद्दे को बार-बार बताया लेकिन ‘उन्होंने चेतावनी नहीं दी।’

सरवर खान के अनुसार – “दुर्भाग्य से, पायलट कुछ ज्यादा ही आत्मविश्वास में था और उसका ध्यान केंद्रित नहीं था। उसने आखिर तक भी एटीसी की चेतावनियों को कई बार नजरअंदाज किया। लैंडिंग के पहले असफल प्रयास के बाद विमान के इंजन में आग लग गई, लेकिन एटीसी ने दूसरी लैंडिंग के लिए रवाना होने से पहले पायलट को सतर्क नहीं किया। पायलट्स ने तीन बार लैंडिंग गियर खोले बिना उतरने की कोशिश की। इससे प्लेन के इंजिन खराब हो गए।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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