मदरसे में रह रहा था अलकायदा का खूँखार आतंकी कलीमुद्दीन, ATS ने जिहाद करने से पहले धर दबोचा

कलीमुद्दीन उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात सहित कई राज्यों में भ्रमण कर के अलकायदा का नेटवर्क बढ़ाने का कार्य कर रहा था। आतंकी गतिविधियों में वह बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और सऊदी अरब भी जा चुका है।

झारखण्ड एटीएस को आतंकियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है। इसी क्रम में जमशेदपुर से वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा के आतंकी मोहम्मद कलीमुद्दीन मुजाहिर को गिरफ़्तार किया गया। संवेदनशील मामला होने के कारण फिलहाल कलीमुद्दीन को एटीएस ने अज्ञात स्थान पर ले जाकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। अलकायदा की स्थापना ओसामा बिन लादेन ने की थी, जिसे पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिका ने मार गिराया था। अलकायदा जम्मू कश्मीर में भी सक्रिय रहा है।

दबोचा गया आतंकी कलीमुद्दीन स्लीपर सेल्स के माध्यम से किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। वह मानगो इलाक़े के आज़ादनगर थाना क्षेत्र का निवासी है। वह काफ़ी लम्बे वक़्त से अलकायदा से जुड़ा हुआ था। देश भर में सुरक्षा एजेंसियाँ 2016 से ही इस कुख्यात आतंकी की तलाश में लगी हुई थीं। वह भारत में अलकायदा के मुख्य चेहरों में से एक था। उसे अलकायदा ने स्लीपर सेल्स तैयार करने की ज़िम्मेदारी सौंपी थी।

एक और बड़ा खुलासा यह हुआ है कि आतंकी संगठन अलकायदा का कुख्यात आतंकी मोहम्मद कलीमुद्दीन मुजाहिर एक मदरसे में छिप कर रह था था और जिहाद के लिए युवाओं को प्रशिक्षित कर रहा था। वह पिछले 3 सालों से फरार चल रहा था और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से वांछित था। वह मूल रूप से रांची के चान्हो ब्लॉक के राडगाँव का है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

अब्दुल रमन उर्द कटकी और अब्दुल सामी जैसे आतंकी कलीमुद्दीन के सहयोगी रहे हैं। ये दोनों ही आतंकी फ़िलहाल दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं। कलीमुद्दीन उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात सहित कई राज्यों में भ्रमण कर के अलकायदा का नेटवर्क बढ़ाने का कार्य कर रहा था। आतंकी गतिविधियों में वह बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और सऊदी अरब भी जा चुका है।

कलीमुद्दीन को टाटानगर रेलवे स्टेशन से गिरफ़्तार किया गया। वह युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कर उन्हें पाकिस्तान भेजा करता था। 2014 में वह दुबई के रास्ते पाकिस्तान गया था और कराची में रुका था। वहीं उसे हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया था।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

गोटाभाया राजपक्षे
श्रीलंका में मुस्लिम संगठनों के आरोपों के बीच बौद्ध राष्ट्र्वादी गोटाभाया की जीत अहम है। इससे पता चलता है कि द्वीपीय देश अभी ईस्टर बम ब्लास्ट को भूला नहीं है और राइट विंग की तरफ़ उनका झुकाव पहले से काफ़ी ज्यादा बढ़ा है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

114,382फैंसलाइक करें
22,948फॉलोवर्सफॉलो करें
120,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: