Wednesday, July 17, 2024
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बेंगलुरु के 2.5 एकड़ मैदान पर मुस्लिम संगठन जता रहा अपना दावा: BBMP बोला- यह उसकी जमीन, हिंदू सबके लिए खोलने की कर रहे माँग

पुलिस अधिकारी ने कहा, “मैदान वाली जगह के चारों ओर 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों की क्षमता 4MP जूम और 4K क्लियरिटी है, जो कंपाउंड की निगरानी का काम करेंगे। इसके फुटेज तक चामराजपेट पुलिस स्टेशन की पहुँच होगी।”

कर्नाटक (Karnataka) के बेंगलुरू (Bengaluru) में चामराजपेट स्थित ईदगाह मैदान (Idgah Maidan) के मालिकाना हक को लेकर मुस्लिमों और हिन्दुओं के बीच चल रहे विवाद को देखते हुए यहाँ पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँगे। राज्य पुलिस ने 2.5 एकड़ के दायरे में फैले इस मैदान बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) के साथ मिलकर वहाँ पर क्लोज सर्किट टेलीविजन कैमरे (CCTV) लगाने का फैसला किया है।

इस मामले में हिन्दू संगठनों ने BBMP से पछा कि ईदगाह मैदान जब उसके अंतर्गत आता है तो इसके इस्तेमाल की इजाजत किसी एक ही समुदाय को क्यों दी गई है। इसके जवाब में BBMP ने कहा कि यह जमीन उसकी ही है, लेकिन BBMP (पश्चिम) के ज्वाइंट कमिश्नर की इजाजत से बाकी समुदाय के लोग इसका उपयोग कर सकते हैं।

एक सीनियर पुलिस अधिकारी के मुताबिक, विभाग ने BBMP के अधिकारियों से मुलाकात कर ईदगाह मैदान के आसपास CCTV कैमरे लगाने का फैसला किया है। पुलिस अधिकारी ने कहा, “मैदान वाली जगह के चारों ओर 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों की क्षमता 4MP जूम और 4K क्लियरिटी है, जो कंपाउंड की निगरानी का काम करेंगे। इसके फुटेज तक चामराजपेट पुलिस स्टेशन की पहुँच होगी।”

इसी क्रम में गुरुवार (9 जून 2022) को सेंट्रल मुस्लिम एसोसिएशन (CMA) ने ईदगाह मैदान पर दावा करते हुए BBMP के समक्ष कागजी रिकॉर्ड पेश किए। इस मामले में शुक्रवार (10 जून 2022) को मुस्लिमों ने कहा कि विवादित जगह पर सीसीटीवी लगाए जाने को लेकर वे अनजान हैं, लेकिन वे इसका विरोध नहीं करेंगे, क्योंकि इससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

गौरतलब है कि हिन्दू पक्ष लगातार ईदगाह मैदान को स्वतंत्रता दिवस, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, गणेश उत्सव समेत दूसरे आयोजनों के लिए खोलने की माँग करता रहा है। इस मसले पर BBMP के मुख्य आयुक्त तुषार गिरिनाथ ने पहले संकेत दिया था कि कुछ रिकॉर्ड में जमीन बीबीएमपी संपत्ति के रूप में लिस्टेड है। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ दस्तावेज गायब थे।

वहीं, सेंट्रल मुस्लिम एसोसिएशन (CMA) ने दावा किया है कि यह जमीन उसकी है। उसने तपल के माध्यम से 1965 से राजपत्र अधिसूचना दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, जो साबित करते हैं कि भूमि उसके नियंत्रण में है।

स्पेशल कमिश्नर और पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी एसएम श्रीनिवास ने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ किया जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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