Monday, September 20, 2021
Homeरिपोर्टमीडियावैष्णो देवी गए 145 को हुआ कोरोना: पत्रकार अली ने फैलाया झूठ, कमलेश तिवारी...

वैष्णो देवी गए 145 को हुआ कोरोना: पत्रकार अली ने फैलाया झूठ, कमलेश तिवारी की हत्या का मनाया था जश्न

अली सोहराब ने माता वैष्णो देवी मंदिर में 400 लोगों के फँसे होने की झूठी ख़बर पोस्ट की। इसके बाद उसने फेसबुक पर ही अगली पोस्ट में यह भी दावा किया कि उनमें से 145 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

पत्रकार अली सोहराब इससे पहले भी आपत्तिनजक ट्वीट करने के आरोप में यूपी पुलिस की कार्रवाई का सामना कर चुका है। अब उसने फिर से अफवाहें फैलाने और झूठे ट्वीट व पोस्ट करने का सिलसिला चालू कर दिया है। अली सोहराब ने माता वैष्णो देवी मंदिर में 400 लोगों के फँसे होने की झूठी ख़बर पोस्ट की है। इसके बाद उसने फेसबुक पर ही अगली पोस्ट में यह भी दावा किया कि उनमें से 145 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अली सोहराब ने लिखा कि बाकियों का टेस्ट जारी है और नए मामले भी सामने आ सकते हैं।

अली सोहराब ने ये सब तबलीगी जमात की हरकतों को ढकने के लिए किया। वो झूठी ख़बर फैला कर ये साबित करना चाहता था कि जैसे दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज़ में हज़ारों जमाती इकट्ठे होकर पुलिस-प्रशासन की अवहेलना कर रहे थे, उसी तरह माता वैष्णो देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने ऐसी ही हरकत की है। जमातियों के कारण भारत में कोरोना वायरस के मामलों में अचानक से तेज वृद्धि हुई है और इसीलिए सेक्युलर गिरोह के कई पत्रकार मजहब और कौम को जिम्मेदार न ठहराने की बात करते हुए घूम रहे हैं।

बता दें कि माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने पहले ही ऐसी किसी भी ख़बर को नकार दिया है, जिसमें मंदिर में श्रद्धालुओं के फँसे होने की बात कही गई है। कटरा में भी कोई श्रद्धालु नहीं फँसा हुआ है। यात्रा पहले ही रोकी जा चुकी है। कई लोग मीडिया पर आरोप लगा रहे थे कि जब किसी हिन्दू धार्मिक स्थल में श्रद्धालु होते हैं तो उन्हें ‘फँसा हुआ’ बताया जाता है जबकि मस्जिद के मामले में ‘छिपा हुआ’ कहा जाता है। इसके बाद फेक न्यूज़ का दौर शुरू हुआ, जिसे अली सोहराब जैसों ने हज़ारों तक फैलाया।

इससे पहले जब लखनऊ में कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी, तब अली सोहराब ने दिवाली कह कर सोशल मीडिया पर जश्न मनाया था। तब अली सोहराब को दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस की संयुक्त ऑपरेशन के दौरान गिरफ़्तार किया गया था। उस पर आईपीसी की धारा 295 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए दुर्भावना से ग्रसित होकर और जानबूझ कर किया गया कृत्य) और 66, 67 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

काबुल के राष्ट्रपति भवन में लत्तम-जूत्तम: डिप्टी PM मुल्ला बरादर पर चले लात-घूसे, हक्कानी गुट ने तालिबान की बैंड बजाई

अफगानिस्तान के तालिबानी शासन में पड़ी फूट। उप-प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को हक्कानी गुट के कमांडर ने लात-घूँसे से पीटा।

महिला IAS को अश्लील मैसेज: #MeToo आरोपित रहे हैं पंजाब के नए CM चन्नी, कैप्टेन पर फोड़ दिया था ठीकरा

चरणजीत सिंह चन्नी पर आरोप लगा था कि उन्होंने एक महिला आईएएस अधिकारी को 2018 में एक आपत्तिजनक मैसेज भेजा था। तब यह मामला खासा तूल पकड़ा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,306FollowersFollow
409,000SubscribersSubscribe