हिज्बुल, लश्कर, जैश जैसे आतंकी संगठनों की रिपोर्टिंग प्रोपेगेंडा है: तथाकथित पत्रकार सबा नकवी

सबा नकवी ने आतंकियों के ख़िलाफ़ लिखने वालों को प्रोपेगेंडाबाज बताया

पत्रकार सबा नकवी ने आतंकियों के ख़िलाफ़ लिखने वालों को कोसा है और आतंकियों का विरोध करने को प्रोपेगेंडा बताया है। साथ ही उन्होंने ऐसे पत्रकारों को नीचा भी दिखाया। बता दें कि भारत के तीन ऐसे फोटोग्राफरों को पुलित्जर प्राइज (Pulitzer Prize) से नवाजा गया है, जो जम्मू कश्मीर में आतंकियों के हिमायती रहे हैं और सेना को बदनाम करने के लिए फोटो क्लिक करते रहे हैं। डार यासीन, मुख़्तार ख़ान और चन्नी आनंद को ये अवॉर्ड मिला।

राहुल गाँधी ने भी इन तीनों को बधाई दी थी। ट्विटर पर आईएनएस की पत्रकार आरती टीकू सिंह ने कहा कि उन पत्रकारों को कोई अवॉर्ड नहीं दिया जाता जो पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा मार डाले गए लोगों के अनाथ बच्चों की व्यथा को दुनिया के सामने लाते हैं। उन्होंने लिखा कि हिज़्बुल, लश्कर और जैश ने बम ब्लास्ट कर के न जाने कितने ही बच्चों को अनाथ बनाया लेकिन उनका दर्द दिखाने वालों को पुलित्जर नहीं मिलता।

उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि ऐसे पत्रकारों के लिए कोई लॉबिंग ही नहीं करता, इसीलिए उन्हें अच्छा काम कर के भी अवॉर्ड नहीं दिया जाता। ये पढ़ते ही सबा नकवी बौखला गईं। उन्होंने लिखा कि प्रोपेगेंडा और पक्षपाती पत्रकारिता के लिए कोई केटेगरी ही नहीं होती। बता दें कि इससे पहले राहुल गाँधी ने भी तीनों पत्रकारों को ट्वीट कर के बधाई दी थी। संबित पात्रा ने उन तीनों को तथाकथित पत्रकार बताया है।

भाजपा नेता संबित पात्रा ने राहुल गाँधी को ये याद दिलाया कि पुलित्जर प्राइज की वेबसाइट जम्मू कश्मीर के बारे में क्या सोचती है। इस अवॉर्ड के साइटेशन में लिखा हुआ है कि जम्मू कश्मीर एक विवादित प्रदेश है, ये स्वतंत्र होना चाहिए था लेकिन भारत ने इस पर जबरदस्ती कब्जा किया हुआ है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी राष्ट्र के सामने स्पष्ट करे कि उनकी पार्टी जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानते हैं या नहीं?

ज्ञात हो कि पुलित्ज़र प्राइज की वेबाइट पर जम्मू कश्मीर को ‘कंटेस्टेड टेरिटरी’ बताया गया है। इसका अर्थ हुआ- विवादस्पद प्रदेश। ये भारत के रुख के एकदम विपरीत है। इसमें अवॉर्ड जीतने वालों की फोटो के नीचे भी जम्मू कश्मीर पर भारत के कब्जे की बात कही गई है। बावजूद इसके सबा नकवी और राहुल गाँधी जैसों का भारत को बदनाम करने और देश को खंडित दिखाने वाले पत्रकारों को बधाई देना और उनका बचाव करना आश्चर्य का विषय है।

पुलित्जर जम्मू कश्मीर को नहीं मानता भारत का अंग

इससे पहले सबा नकवी ने एक पुराना वीडियो शेयर कर यह जताने की कोशिश की थी कि हिंदू भी लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने एक मंदिर का पुराना वीडियो शेयर कर के जमतियों का बचाव किया था। हालाँकि पकड़े जाने पर अपना ट्वीट डिलीट कर दिया था। बाद में उन्होंने सब्जी और फल बेचने वालों को लेकर भी एक वीडियो बना कर प्रोपेगेंडा चलाया था। आज सबा नकवी दूसरों को प्रोपेगेंडाबाज बता रहीं।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया