Monday, August 2, 2021
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केरल और कर्नाटक में सक्रिय हैं ISIS के 200 आतंकी, भारत में हमले की साजिश रच रहा अलकायदा: UN की रिपोर्ट में खुलासा

अफगानिस्तान और इराक सहित अन्य देशों में ISIS ने केरल के आतंकियों को लगाया हुआ है। सबसे ज्यादा कन्नूर के युवक इस आतंकी संगठन में शामिल हुए हैं। पिछले सप्ताह के आँकड़ों के अनुसार, केरल के कुल 98 लोगों ने ISIS की सदस्यता ली थी। इनमें से 38 मारे जा चुके हैं जबकि 60 आतंकी अब भी सक्रिय हैं।

आतंकवाद पर आई संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट में चेताया गया है कि भारतीय राज्य केरल और कर्नाटक में अच्छी-खासी संख्या में खूँखार वैश्विक आतंकी संगठन ISIS के आतंकवादी मौजूद हैं। साथ ही खुलासा किया गया है कि ISIL की भारतीय यूनिट ‘हिन्दू विलायाह’ के भी कम से कम 180 से लेकर 200 तक आतंकी सक्रिय हैं। बता दें कि इस आतंकी संगठन के गठन की घोषणा मई 2019 में हुई थी।

ISIS सहित अन्य आतंकी संगठनों पर नजर रखने के लिए गठित की गई यूएन की ‘Analytical Support and Sanctions Monitoring Team’ की 26वीं रिपोर्ट के अनुसार केरल और कर्नाटक में ISIS के कई आतंकी सक्रिय हैं। साथ ही इस रिपोर्ट में चेताया गया है कि अलकायदा की भारतीय उपमहाद्वीपीय यूनिट AQIS भी इस क्षेत्र में हमले की साजिश रच रहा है। ये संगठन तालिबान के बैनर तले सक्रिय है।

इसके सरगना निमरूज़, हेलमंद और कंधार प्रांतों से अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार में इस आतंकी संगठन के 150-200 आतंकी सक्रिय हैं। ये संगठन अपने पूर्व-सरगना की मौत का बदला लेना चाहता है। फिलहाल ओसामा महमूद AQIS का सबसे बड़ा सरगना है। इससे पहले असीम उमर था, जिसे मार गिराया गया था। उसकी ही मौत का बदला लेने को ये आतंकी संगठन बेचैन है।

पिछले साल 2019 में ISIS ने अपने ‘अमाक न्यूज एजेंसी’ के माध्यम से दावा किया था कि उसने भारत में एक नया प्रांत बनाया है, जिस पर उसका कब्जा है। उसने जम्मू-कश्मीर के भीतर के ही एक क्षेत्र को ‘वालियाह-ए-हिन्द’ या ‘हिन्द प्रांत’ नाम दिया था। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के बाद ये दावा किया गया था। हालाँकि, ये अपने-आप में इस किस्म का पहला दावा था। सुरक्षा बलों ने इसे नकार दिया था।

इससे पहले जम्मू-कश्मीर में सक्रिय ISIS आतंकियों में से कइयों के नाम खोरासन प्रांत में सक्रिय आतंकी संगठन के ब्रांच से जुड़ा था। इसकी स्थापना 2015 में की गई थी, ताकि ‘अफगानिस्तान और पाकिस्तान के इलाकों को कवर किया जा सके।’ हालाँकि, भारत में भी केरल व कर्नाटक में सक्रिय ISIS आतंकियों के बारे में तब पता चला था, जब NIA ने स्पेशल सब-इन्स्पेक्टर विल्सन की हत्या मामले में फाइल की गई चार्जशीट में इसका खुलासा किया था।

इसमें बताया गया था कि केरल और कर्नाटक में न सिर्फ़ ISIS के आतंकी सक्रिय हैं, बल्कि उनकी संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। तमिलनाडु पुलिस ने ISIS के आतंकियों मोहम्मद हनीफ़ खान, इमरान खान और मोहम्मद जैद को जनवरी 2020 में मार गिराया था। इसके जवाब में खुद को जिहादी कहने वाले आतंकियों ने विल्सन की हत्या कर दी थी। इस मामले में ISIS (इराक व सीरिया) के आतंकी खाजा मोहिदीन का नाम सामने आया था।

जाँच में पता चला था कि उसने ही मई 2019 में अब्दुल शमीम और मोहम्मद तौफीक को आतंक की ‘तालीम’ दी थी। उसने इन दोनों को हथियार मुहैया कराया था। साथ ही हमला करने के लिए प्रशिक्षित किया था।

अफगानिस्तान और इराक सहित अन्य देशों में ISIS ने केरल के आतंकियों को लगाया हुआ है। सबसे ज्यादा कन्नूर के युवक इस आतंकी संगठन में शामिल हुए हैं। पिछले सप्ताह के आँकड़ों के अनुसार, केरल के कुल 98 लोगों ने ISIS की सदस्यता ली थी। इनमें से 38 मारे जा चुके हैं जबकि 60 आतंकी अब भी सक्रिय हैं। जून 2019 तक कन्नूर की 8 महिलाओं के आतंकी संगठन में शामिल होने की ख़बर आई थी।

कन्नूर के अलावा कासरगोड, मल्लपुरम, कोझिकोड, एर्नाकुलम और थिसुर के कई लोगों ने भाग कर आतंकी संगठन ज्वाइन किया था। ये सभी मिडिल-ईस्ट में जाकर ‘जिहाद’ कर रहे हैं। इन सभी को वहाँ विभिन्न इलाक़ों में तैनात किया गया है। कहा गया है कि वैश्विक आतंकी संगठन वहाँ के मुस्लिम युवकों को निशाना बनाता है और उन्हें आतंक के लिए प्रशिक्षित करता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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