स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना का नाम नेशनल वॉर मेमोरियल में, यासीन मलिक ने करवाई थी हत्या

1990 में जम्मू-कश्मीर में भारतीय वायुसेना के 4 निहत्थे जवानों की हत्या कर दी गई थी। इनमें स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना भी शामिल थे। इस घटना के 30 साल बाद ट्रायल शुरू किया गया है, जिससे वीरगति प्राप्त जवानों के परिजनों की न्याय की आस फिर से जगी है।

स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना का नाम अब नेशनल वॉर मेमोरियल में शामिल किया जाएगा। भारतीय वायुसेना ने उनके नाम की मंजूरी दे दी है। उनका नाम नेशनल वॉर मेमोरियल में वीरगति को प्राप्त जवानों की सूची में शामिल किया जाएगा। इन जवानों ने देश के लिए अपनी जान क़ुर्बान कर दी। ये फ़ैसला सितम्बर के अंतिम सप्ताह में लिया गया, जब वायुसेना के उच्चाधिकारियों ने निर्णय लिया कि रवि खन्ना का नाम नेशनल वॉर मेमोरियल में होना चाहिए। इसके साथ ही उनका नाम वहाँ लिखा जाएगा और साथ ही उनके कारनामों के बारे में विवरण भी दिया जाएगा।

ज्ञात हो कि 1990 में जम्मू-कश्मीर में भारतीय वायुसेना के 4 निहत्थे जवानों की हत्या कर दी गई थी। इनमें स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना भी शामिल थे। इस घटना के 30 साल बाद ट्रायल शुरू किया गया है, जिससे वीरगति प्राप्त जवानों के परिजनों की न्याय की आस फिर से जगी है। टाडा कोर्ट ने तिहाड़ जेल में बंद यासीन मलिक को पेश करने का भी आदेश दिया है। जिन आतंकियों ने जवानों की हत्या की थी, वे यासीन मलिक द्वारा संचालित आतंकी संगठन के सदस्य थे। यह घटना जनवरी 25, 1990 को हुई थी। हाल ही में गोलीबारी की इस घटना में टाडा कोर्ट ने यासीन मलिक सहित 4 आरोपितों को पेश होने का आदेश दिया था।

यासीन मलिक ‘जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट’ नामक संगठन चलाता है। वह फ़िलहाल टेरर फंडिंग मामले में गिरफ़्तार होकर तिहाड़ जेल में बंद है। उसे एनआईए द्वारा गिरफ़्तार किया गया था। उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जेल से ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। वीरगति को प्राप्त स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना की पत्नी निर्मल खन्ना अपने पति के हत्यारों को सज़ा दिलाने के लिए लड़ रही हैं। हाल ही में उन्होंने रवि खन्ना का नाम नेशनल वॉर मेमोरियल में शामिल करने की माँग की थी, जो अब पूरी हो रही है।

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अगर उस हत्याकांड की बात करें तो भारतीय वायुसेना के जवानों की हत्या तब की गई जब उनके पास कोई भी हथियार नहीं था और वे एयरपोर्ट जाने के लिए बस का इन्तजार कर रहे थे। वहाँ भारतीय वायुसेना के 14 जवान थे। तभी अचानक से एक मारुति जिप्सी और एक बाइक से 5 आतंकी वहाँ पहुँचे और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उन्होंने एके-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवानों के अलावा 2 कश्मीरी महिलाओं की भी हत्या कर दी गई, जो बस का इंतजार कर रही थीं। आतंकियों ने ख़ून से लथपथ जवानों के सामने डांस करते हुए जिहादी नारे भी लगाए थे।

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