Thursday, September 23, 2021
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कॉन्ग्रेस नेताओं के भूमि पूजन से पहले सॉफ्ट हिंदुत्व दिखाने से भड़के उदारवादी, कहा- वाह रे नेहरूवादी सेकुलरिज्म

लिबरल का ढोंग करने वाले मोहम्मद आसिफ खान ने कहा कि “सेकुलर कॉन्ग्रेस” अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का जश्न मना रही है। उन्होंने दोहराया कि कुछ समय के लिए कॉन्ग्रेस पर जो आरोप लगाए कि वो दूसरे मजहब वालों को द्वितीय श्रेणी के नागरिक मानते हैं, अभी वो ऐसा ही कर रहे हैं।

कॉन्ग्रेस के कुछ नेता, जो अब तक अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए जाने जाते थे, उन्होंने हिंदू कॉन्ग्रेसियों को लुभाने के लिए अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के शुभ अवसर को चुना।

भगवान राम के अस्तित्व को नकारने वाली पार्टी, गाँधी परिवार और कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी की बहन प्रियंका गाँधी ने राम मंदिर का स्वागत करते हुए एक बयान जारी किया।

प्रियंका गाँधी के अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और केंद्रीय पूर्व मंत्री मनीष तिवारी ने भी ट्विटर के जरिए अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के समर्थन का दिखावा किया है।

गाँधी परिवार और यूपी के महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा ने अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन समारोह के लिए अपना समर्थन दिया। उन्होंने कार्यक्रम पर एक बयान जारी किया, जिसमें दावा किया गया कि यह राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक समागम का कारण है।

प्रियंका गाँधी ने अपने ट्वीट में लिखा, “सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनवद्धता, दीनबंधु राम नाम का सार है। राम सबमें हैं, राम सबके साथ हैं। भगवान राम और माता सीता के संदेश और उनकी कृपा के साथ रामलला के मंदिर के भूमि पूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर बनें।”

प्रियंका गाँधी द्वारा राम मंदिर के निर्माण पर अपना रुख स्पष्ट किए जाने के बाद सोशल मीडिया लिबरलों ने उन्हें निशाने पर लेना शुरू कर दिया। उनमें से एक ने सवाल किया कि क्या राम मंदिर का निर्माण राष्ट्रीय एकता का कारण है।

प्रियंका गाँधी के राम मंदिर के समर्थन पर ट्विटर यूजर ने उठाए सवाल

एक अन्य ट्विटर यूजर ने कॉन्ग्रेस पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। उसने दावा किया कि पंडित नेहरू कॉन्ग्रेस पार्टी से निराश होंगे। यूजर ने लिखा, “हमारा प्यारा देश अब दहलीज पार कर चुका है और बिना किसी वापसी के मुकाम पर पहुँच गया है। न्याय की धीमी मौत, कानून के नियम और धर्मनिरपेक्षता…”

प्रियंका गाँधी के राम मंदिर के समर्थन से नाराज ट्विटर यूजर

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने एक ट्वीट पोस्ट किया जिसमें उनके प्रोफ़ाइल तस्वीर में बदलाव के बारे में बताया गया। मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कॉन्ग्रेस के प्रतीक के बजाय, ‘श्री हनुमान चालीसा पाठ’ के साथ भगवान हनुमान की तस्वीर और पूर्व सीएम कमलनाथ की तस्वीर है।

हालाँकि, उत्साही कॉन्ग्रेस समर्थकों और लिबरलों को मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस का ट्विटर प्रोफाइल पिक्चर रास नहीं आया। प्रोफाइल पिक्चर बदलने के तुरंत बाद ही उन्हें ट्रिगर करना शुरू कर दिया।

असंतुष्ट सोशल मीडिया यूजर्स में से एक ने टिप्पणी करते हुए कॉन्ग्रेस के धर्मनिरपेक्ष परिचय पत्र पर चुटकी लेते हुए लिखा, “वाह रे नेहरूवादी धर्मनिरपेक्षता।”

एमपी कॉन्ग्रेस के ट्वीट पर ट्विटर यूजर

लिबरल का ढोंग करने वाले मोहम्मद आसिफ खान ने कहा कि “सेकुलर कॉन्ग्रेस” अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का जश्न मना रही है। उन्होंने दोहराया कि कुछ समय के लिए कॉन्ग्रेस पर जो आरोप लगाए कि वो दूसरे मजहब वालों को द्वितीय श्रेणी के नागरिक मानते हैं, अभी वो ऐसा ही कर रहे हैं।

एमपी कॉन्ग्रेस के ट्वीट पर ट्विटर यूजर

विनय अरविंद के नाम से जाने जाने वाले एक ट्विटर यूजर ने कहा कि कॉन्ग्रेस अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का जश्न मना रही है। मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के ट्वीट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “यह अव्यवहारिक रूप से दयनीय है।”

एमपी कॉन्ग्रेस के ट्वीट पर ट्विटर यूजर

एक अन्य वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी नेता ने अपने ट्विटर अकाउंट पर भगवान राम को समर्पित एक भक्ति गीत पोस्ट किया, जिसमें हिंदुओं और दूसरे मजहब वालों के विरोध और विरोध प्रदर्शनों पर प्रकाश डाला गया।

जहाँ अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री की सूक्ष्म स्वीकृति से दूसरे समुदाय को निराशा हुई, वहीं भक्ति गीत के बोल गलत होने के कारण हिन्दू काफी क्षुब्ध हो गए।

तिवारी के भक्तिपूर्ण हिंदू भजन के ट्विटर पोस्ट से भड़के हुए एक व्यक्ति ने भगवान राम के चरित्र पर उनकी पत्नी सीता की शुद्धता पर संदेह किए जाने पर ऊँगली उठाया।

मनीष तिवारी के पोस्ट पर इस्लामी ने हिंदू भगवान पर किया हमला

हिंदुओं ने भी मनीष तिवारी पर चर्चित हिंदू भजन के मिलावटी संस्करण पोस्ट करने के लिए हमला किया। ट्विटर यूजर्स में से एक ने भक्ति गीत के वास्तविक संस्करण को एक तस्वीर के साथ पोस्ट किया, जिसने वास्तविक गीत के बोल और “गाँधीवादी” गीत के बीच के अंतर को उजागर किया।

कई अन्य लोगों ने भी यह बताया कि मनीष तिवारी द्वारा पोस्ट किया गया संस्करण सही संस्करण नहीं था बल्कि एक विकृत था।

ट्विटर यूजर ने मनीष तिवारी के भजन को सही किया

एक ट्विटर यूजर विशेष रूप से प्रार्थना के विकृत संस्करण को पोस्ट करने के लिए तिवारी के खिलाफ आंदोलित था। उन्होंने तिवारी को सुझाव दिया कि “राम” को नमाज में शामिल करें और उसी के प्रभाव को देखें।

ट्विटर यूजर ने भजन को विकृत करने के लिए मनीष तिवारी को गाली दी

बता दें कि 5 अगस्त, 2020 को राम मंदिर के निर्माण के लिए ऐतिहासिक भूमि पूजन के लिए अयोध्या में तैयारी चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को समारोह के लिए अयोध्या जाएँगे। इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई अन्य आमंत्रित लोग शामिल होंगे। कोरोना वायरस दिशानिर्देशों के अनुसार, समारोह में 200 से अधिक लोग शामिल नहीं होंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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