Thursday, September 16, 2021
Homeसोशल ट्रेंडदुनियाभर में ठप्प हुआ Twitter और TweetDeck, सामान्य यूजर्स सहित मीडिया जगत भी परेशान

दुनियाभर में ठप्प हुआ Twitter और TweetDeck, सामान्य यूजर्स सहित मीडिया जगत भी परेशान

जब फेसबुक, व्हाट्सप्प और इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स काम करना बंद कर देते हैं, तब ट्विटर ट्रेंड्स के माध्यम से लोगों को पता चलता है कि ये काम नहीं कर रहे। अब जब ख़ुद ट्विटर ही ठप्प है, तो लोगों के पास कुछ खास विकल्प ही नहीं बचा है।

भारत सहित पूरी दुनिया में ट्विटर और ट्वीटडेक के ठप्प होने से लोग परेशान हैं। आज गाँधी जयंती होने के कारण सरकारी महकमों से लेकर मीडिया जगत तक, सभी ट्वीटर पर सक्रिय थे लेकिन ट्विटर ठप्प होने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। कहा जा रहा है कि माइक्रो ब्लॉगिंग साइट मंगलवार (अक्टूबर 1, 2019) से ही ठप्प है। हज़ारों यूजर्स ने इस सम्बन्ध में ट्विटर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद कम्पनी ने रिप्लाई करते हुए इस बात की पुष्टि की। इससे मीडिया जगत भी परेशान है।

ट्विटर ने बताया है कि ट्विटर और ट्वीटडेक पर लोगों को ट्वीट करने, ट्वीट शेड्यूल करने और नोटिफिकेशन एवं ट्रेंड्स वगैरह देखने में काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कम्पनी ने यूजर्स को आश्वस्त किया है कि जल्द ही इन खामियों को दूर कर लिया जाएगा। बता दें कि ट्वीटडेक का प्रयोग किसी ट्वीट को किसी निश्चित समय पर शेड्यूल करने के लिए किया जाता है। अधिकतर न्यूज़ पोर्टल्स भी समय-समय पर ट्वीट शेड्यूल कर लोगों तक ख़बरें पहुँचाते हैं।

ट्विटर व ट्वीटडेक के ठप्प होने से यह सब बंद पड़ा हुआ है। दोपहर के समय ख़बर आई थी कि दोनों ही वेबसाइट्स ने फिर से काम करना शुरू कर दिया है। लेकिन, कुछ ही मिनटों बाद यह फिर से ठप्प हो गया। बता दें कि जब फेसबुक, व्हाट्सप्प और इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स काम करना बंद कर देते हैं, तब ट्विटर ट्रेंड्स के माध्यम से लोगों को पता चलता है कि ये काम नहीं कर रहे। अब जब ख़ुद ट्विटर ही ठप्प है, तो लोगों के पास कुछ खास विकल्प ही नहीं बचा है।

ज्ञात हो कि ट्वीटडेक किसी निश्चित कीवर्ड्स के आधार पर फिल्टर लगाकर ट्वीट्स को आपके सामने प्रस्तुत करता है। ट्वीटडेक क्रोम, फायरफॉक्स, इंटरनेट एक्स्प्लोरर और सफारी ब्राउजर्स पर काम करता है। यह विंडोज और मैक कमप्यूटर्ज दोनों पर ही काम करता है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

प्राचीन महादेवम्मा मंदिर विध्वंस मामले में मैसूर SP को विहिप नेता ने लिखा पत्र, DC और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की माँग

विहिप के नेता गिरीश भारद्वाज ने मैसूर के उपायुक्त और नंजनगुडु के तहसीलदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए SP के पास शिकायत दर्ज कराई है।

कोहाट दंगे: खिलाफ़त आंदोलन के लिए हुई ‘डील’ ने कैसे करवाया था हिंदुओं का सफाया? 3000 का हुआ था पलायन

10 सितंबर 1924 को करीबन 4000 की मुस्लिम भीड़ ने 3000 हिंदुओं को इतना मजबूर कर दिया कि उन्हें भाग कर मंदिर में शरण लेनी पड़ी। जो पीछे छूटे उन्हें मार डाला गया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
122,733FollowersFollow
409,000SubscribersSubscribe