विषय: मुस्लिम महिलाएँ

शाहीन बाग, प्रदर्शन

शाहीन बाग की औरतें: कब माँगेंगी हलाला से, माहवारी आते ही निकाह कर देने की रवायत से आजादी

"सहारनपुर जिले में महिलाओं का हलाला करवाने के लिए मदरसों में लड़कों को रखा जाता है। यही नहीं, उम्र और सुन्दरता के अनुसार वो महिलाओं के हलाला का पैसा लेते हैं।" अब सोचिए, इनकी स्थिति कितनी बदतर है। लेकिन फिर भी आवाज़ उस पर उठानी है, जिस पर इनका समुदाय इजाजत दे।
शाहीन बाग में हिन्दू स्त्री को हिजाब में दिखाना कोई आकस्मिक बात नहीं है, ये सोची-समझी चाल है

शाहीन बाग के मुसलमानों ने पोस्टर से मंशा बता दी: हिन्दू स्त्रियों पर है इनका ध्यान, पहले कन्वर्जन फिर…

पहले काली माँ के हिजाब से टेस्टिंग हुई। फिर देखा कि किसी हिन्दू को फर्क नहीं पड़ा, तो उन्होंने अब आम हिन्दू स्त्री को हिजाब में दिखाया, बिन्दी के साथ। संदेश साफ है कि हिन्दुओं के प्रतीकों को तोड़ा जाएगा, उनकी स्त्रियों को कन्वर्ट करा कर मुसलमान बनाया जाएगा, और फिर उन्हें इसी काले बोरे में निकलना होगा।
मियॉं खलीफा और उनकी बहनें

मोदी जी बने रहे, शाहीनबाग सजा रहे: आजादी के मजे ले रही सबा नक़ली और इकतरफा ख़ानम

सबा नक़ली की मानें तो इस स्टेटस को मुस्लिम औरतें बेहद इंज्वाय कर रही हैं। वे और उनकी बहनों नीलोफर, रुबीना, जमीला किसी को नहीं पता माजरा क्या है। लेकिन, सब खुश हैं। लग रहा है अच्छे दिन आ गए। खुली हवा में साँस और मल्टीप्लेक्स में छपाक।
कजाकी-उइगर

मुस्लिम महिलाओं के गर्भ गिरवा रहा है चीन, 35 साल से कम उम्र की हर औरत से रेप

चीनी प्रशासन गर्भपात को मुस्लिमों के ख़िलाफ़ एक हथियार की तरह इस्तेमाल करता है। उनकी मुस्लिम होने की पहचान को समय से पहले ही मिटाया जा रहा है। उनके बच्चों को पैदा होने से पहले ही मारा जा रहा है।
बुर्का और घूँघट

बुर्क़ा होता है मुस्लिम महिला की पहचान, घूँघट से रहती है हिंदू महिला परेशान: BBC की बिग BC

बीबीसी की रिपोर्ट्स में हिंदू बनाम मुस्लिम ध्यान रखते हुए एकतरफा पत्रकारिता का फर्क़ पहली बार नहीं झलक रहा। बल्कि यदि बीबीसी की वेबसाइट पर जाकर सर्च बॉक्स में इन दोनों (घूँघट और बुर्का ) शब्दों को टाइप किया जाए तो इनके इस पूरे अजेंडे का खुलासा होता है।
ट्रिपल तलाक पीड़िता, योगी सरकार

तीन तलाक पीड़िताओं से योगी सरकार ने निभाया वादा, नए साल से 6000 रुपए पेंशन

योगी सरकार ने कहा था कि जिन पीड़ित महिलाओं के पास आवास नहीं हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास या फिर मुख्यमंत्री आवास से घर दिया जाएगा। इन परिवारों को आयुष्मान या आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी दिया जाएगा।
जैस्मीन सुल्तान

आँख से बह रहा था खून, वीडियो पोस्ट कर बोली- अम्मी-अब्बा मुझे बचाओ: शौहर खिजर उल्ला गिरफ्तार

"मुझे मदद की जरूरत है। मेरा नाम जैस्मीन सुल्तान है। मैं यूएई के शारजाह में रहती हूॅं। मेरे पति का नाम मोहम्मद खिजर उल्ला है, मेरे पति ने मुझे बहुत बुरी तरह मारा है…मुझे मदद चाहिए।"
भारत के मुसलमानों के पिछड़ेपन के लिए जिम्मेदार मुसलमान स्वयं हैं

ओवैसी जी, मदरसों से बाहर आओ, आतंकी के जनाजे में जाना बंद करो, ‘हलाला’ को निजी मसला मत कहो, सुधार होगा

ओवैसी ने कभी यह सोचा है कि मदरसों में जो सीमित शिक्षा मिलती है, उसके आधार पर क्या मुसलमानों को नौकरी मिलेगी? क्या वो मुख्यधारा का हिस्सा बनने को तैयार हैं? क्या मजहबी शिक्षा के साथ-साथ दुनिया के हर कोने में प्रचलित शिक्षा को मुसलमान स्वीकारेगा? या फिर वो आज भी गणित और विज्ञान को 'शैतान' की बातें मान कर आगे बढ़ने की आस लगाए रहेगा?
PM मोदी के लिए मंदिर

मुस्लिम महिलाएँ मुजफ्फरनगर में बनवा रहीं ‘मोदी मंदिर’, कहा- पीएम ने बदल दी जिंदगी

रूबी गज़नी ने बताया कि हम सब मुस्लिम महिलाएँ अपना पैसा इकट्ठा करके नरेंद्र मोदी जी का मंदिर बनवा रही हैं। हम यह संदेश देना चाहते हैं कि मुस्लिम महिलाएँ मोदी जी के साथ हैं। उन्होंने अच्छे-अच्छे काम किए हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर

मुसलमानों को पीरियड के हिसाब से निकाह की आजादी चाहिए, फिर कैसे लागू होगी समान नागरिक संहिता?

विज्ञान कहता है कि पीरियड का शादी की उम्र से कोई रिश्ता नहीं होता। कम उम्र में शादी का लड़कियों के जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। बाल विवाह रोकने के लिए कानून भी है। फिर भी मुस्लिम लॉ का हवाला देकर अदालत के फैसले पर सवाल। आखिर इस दकियानूसी सोच और कठमुल्लों के दवाब का क्या है इलाज?
बाल विवाह

पीरियड आते ही मुस्लिम लड़कियों की शादी जायज: कब बदलेगा कठमुल्लों का कानून

सांप्रदायिकता की लकीर खींचने के लिए अंग्रेज मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एप्लिकेशन एक्ट लेकर आए। आजादी के बाद कॉन्ग्रेस की तुष्टिकरण नीति की वजह से बाल विवाह के कानून बदले, लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ को छुआ भी नहीं गया।
शबनम की काटी नाक

शाहिद ने तलाक़शुदा बीवी शबनम की काटी नाक, शाहिद के अब्बू-भाई समेत 3 के ख़िलाफ़ FIR दर्ज

पीड़िता शबनम का कहना है "जब वो पड़ोस में अपने रिश्तेदार के यहाँ जा रही थी तभी अचानक शाहिद और उसके अब्बू जाहिद, भाई सादे और बासिद ने रोककर भला-बुरा कहते हुए उसके साथ मारपीट की। इसी बीच शाहिद ने चाकू निकालकर उसकी नाक काट दी।"

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

143,833फैंसलाइक करें
35,978फॉलोवर्सफॉलो करें
163,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements