आपके पास है बिजनेस आइडिया तो इनके पास है पैसा, पर किसका ‘माल’ बाँट रहे शार्क टैंक इंडिया के 7 शार्क्स: जानिए सब कुछ

शार्क टैंक इंडिया के 7 शार्क्स (चित्र साभार: लाइव मिंट)

शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India)। एक बिजनेस रियलिटी शो। सोनी टीवी (Sony TV) पर शुरू हुए इस शो की आजकल काफी चर्चा है। आगे बढ़ने से पहले बता दें कि भले भारतीय टीवी दर्शकों के लिए यह नया हो, पर दुनिया के कई देशों में इस तरह के शो पहले धूम मचा चुके हैं। वैसे भी हमारी टीवी इंडस्ट्री में जो रियलिटी शो आते हैं वे विदेश की नकल भर ही होते हैं।

शार्क टैंक इंडिया का मकसद

शार्क टैंक इंडिया का मकसद ऐसे लोगों को फंड प्रदान करना है, जिनके पास बिजनेस आइडियाज हैं। जो अपने उद्यम की शुरुआत करना चाहते हैं या उसका विस्तार करना चाहते हैं। इसमें प्रतिभागी अपने आइडियाज शार्क्स/जजों के सामने प्रस्तुत करते हैं। आइडिया पसंद आने पर जज करोड़ों का निवेश करने से भी नहीं हिचकते।

शार्क टैंक इंडिया के 7 शार्क्स

सात शार्क्स (Sharks) हैं। इनके नाम हैं: अशनीर ग्रोवर, अमन गुप्ता, पीयूष बंसल, अनुपम मित्तल, नमिता थापर, विनीता सिंह और गजल अलघ। ये सभी देश के बड़े आंत्रप्रेन्योर हैं। अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) भारतपे के फाउंडर हैं। IIT दिल्ली और IIM अहमदाबाद से पढ़े हैं। फिलहाल एक ऑडियो की वजह से विवादों में हैं। अमन गुप्ता (Aman Gupta) बोट ऑडियो के को-फाउंडर हैं। पीयूष बंसल (Piyush Bansal) लेंसकार्ट के CEO और फाउंडर हैं। अनुपम मित्तल (Anupam Mittal) पीपल ग्रुप-शादी डॉट कॉम के संस्थापक और सीईओ हैं। नमिता थापर (Namita Thapar) ग्लोबल फार्मा कंपनी एमक्योर फॉर्मास्यूटिकल की एक्जीक्युटिव डायरेक्टर हैं। विनीता सिंह (Vineeta Singh) सुगर कॉस्मेटिक्स और फैब बैग की को-फाउंडर हैं। गजल अलघ (Ghazal Alagh) ब्यूटी प्रॉडक्टस कंपनी ममाअर्थ (MamaEarth) की को-फाउंडर हैं।

किसका पैसा निवेश करते हैं शार्क्स?

शो के दौरान प्रतिभागियों का आइडिया पसंद आने के बाद शार्क्स के बीच उनके धंधे में निवेश करने और उसे अगले स्तर तक ले जाने को लेकर कभी-कभी होड़ भी दिखती है। कई लोग दावा करते हैं कि शार्क्स जो टीवी पर निवेश करते नजर आते हैं, असल में वह सोनी टीवी का पैसा है। सिद्धार्थ कन्नन ने एक इंटरव्यू के दौरान यह सवाल शादी डॉट कॉम के फाउंडर एवं सीईओ अनुपम मित्तल से पूछा भी था। उन्होंने इससे इनकार किया। मित्तल ने कहा, “देखो, ऐसा कैसे हो सकता है? ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। चैनल के पास जितने पैसे थे आधे बच्चन साहब ले गए, आधे कपिल शर्मा ले गए। चैनल के पास तो कुछ बचा ही नहीं, तो हमको क्या देंगे? काश ऐसा होता।”

शार्क टैंक इंडिया में क्या होता है?

इस शो के दौरान प्रतिभागियों को आपस में मुकाबला नहीं करना होता है। हर प्रतिभागी को एक-एक कर मौका मिलता है। प्रतियोगी अपने धंधे के लिए निवेश जुटाने की कोशिश करते हुए सबसे पहले आइडिया को इस तरह से पेश करते हैं जो शार्क्स को लुभाए। ऐसा होने पर कितना निवेश चाहिए इसकी बात आती है। निवेश के बदले जज को उसमें कितनी हिस्सेदारी चाहिए ये बताई जाती है। इसके अलावा आपका बिजनेस कितना पुराना है, टर्नओवर क्या है, मार्केटिंग प्लान आदि से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। बातचीत के दौरान आने वाले ऐसे बिजनेस शब्द जो सामान्य लोगों की समझ में नहीं आते, उन्हें भी इस कार्यक्रम के दौरान आसान भाषा में समझाया जाता है।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया