सहिष्णुता, प्लूरलिज्म आदि अपने मूल को बचाते हुए, दूसरों को ससम्मान उनके मूल को बचाने में सहयोग देना है। इसका मतलब ये बिलकुल भी नहीं है कि चूँकि उसे पता है कि मंदिर में घंटी बजाना होता है तो वो मंदिर की घंटी तक न पहुँचे तो हम उसे अपने सामने शिवलिंग पर लात रख कर घंटी तक पहुँचते देखते रहें, और कुछ न करें।

संपादक की पसंद

जब वामपंथियों और कॉन्ग्रेसियों ने महामना के BHU संविधान को मोलेस्ट कर ‘सेक्युलर’ बनाया

जब मुस्लिम और ईसाई एक तरफ अल्पसंख्यक होने के नाम पर अपना मजहब और उसकी शुद्धता बनाए रखेंगे और दूसरी तरफ भजन, गीत, संगीत के आभूषणों के साथ संस्कृत भाषा सीखकर आपके हिन्दू धर्म, सनातन मूल्यों, वैदिक साहित्य और अनुष्ठानों की अपने तरह की व्याख्या करेंगे। तब आप सर्वधर्म समभाव का झुनझुना बजाते रहिएगा।

अमेरिका में बैठ भारतीय युवाओं को भड़काने वाले रवीश जी, मॉलिक्यूल नाक की जगह कहीं और भी धँस सकता है

एनडीटीवी की टीआरपी पाताल में धँसते जा रही है और रवीश नाक में धँसने वाला मॉलिक्यूल बनाने की बात कर रहे हैं। उनका मीडिया संस्थान कंगाल होने की ओर अग्रसर है और वो युवाओं को बौद्धिक रूप से कंगाल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

अलीगढ़ नहीं हरिगढ़ कहिए जनाब! योगी सरकार से की गई नाम बदलने की माँग

अलीगढ़ का नाम बदलने की पहल तब भी हुई थी, जब कल्याण सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। लेकिन, उस समय केंद्र में कॉन्ग्रेस की सरकार होने के कारण यह मुमकिन नहीं हो पाया था।

पाक परस्त संगठन के साथ जुड़ेंगे शशि थरूर, लंदन के कार्यक्रम में NDTV की निधि राजदान भी हुई थी शामिल

सीटीडी एडवाइज़र्स नामक इस संस्था का गठन पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश बैंकर शोएब बाजवा ने पिछले साल किया था। जेकेएलएफ जैसा आतंकी संगठन संस्था के कार्यक्रम की प्रशंसा कर चुका है।

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विशेष

हिन्दू संस्थानों में सिर्फ़ हिन्दुओं की नियुक्ति क्यों नहीं: जीसस एंड मेरी कॉलेज के एड पर वरिष्ठ पत्रकार का सवाल

प्रभु चावला ने बताया है कि मुस्लिमों व ईसाइयों द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों में उसी ख़ास महजब के लोगों को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया जाता है। इसके लिए बाकायदा विज्ञापन भी निकाले जाते हैं। यह सब खुल्लम-खुल्ला होता है और कोई मुँह नहीं खोलता।

मैकाले-मैक्समूलर के जले हिन्दू को ‘फिरोज खान’ फूँक-फूँक कर पीना चाहिए

अगर किसी फिरोज खान को हिंदू धर्म की शिक्षा देने की जिम्मेदारी दी जा रही है तो क्या यह पूछा नहीं जाना चाहिए कि मालवीय जी के आदेश का क्या होगा? फिरोज खान जिस धर्म से ताल्लुक रखते हैं वो हिंदुओं को काफिर और वाजिबुल कत्ल मानता है। अगर वो इससे सहमत नहीं हैं तो घर वापसी कर लें।

SVDV में फिरोज क्यों: हम नहीं चाहते कि सनातन धर्म की इस्लामी और ईसाई चश्मे से व्याख्या हो

वेद, व्याकरण, ज्योतिष, वैदिक दर्शन, धर्मागम, धर्मशास्त्र मीमांसा, जैन-बौद्ध दर्शन के साथ-साथ इन सबसे जुड़ा साहित्य। क्या ये विषय महज साहित्य हैं? क्या आप चाहेंगें कि इन विषयों को वो लोग पढ़ाएँ जिनका इनके मर्म और मूल्यों से कोई वास्ता ही न हो? क्या आप चाहेंगे कि इनकी इस्लामी और ईसाइयत मिश्रित व्याख्या हो......

JNU बहुत कुछ है… देश का सबसे बेहतर शोध संस्थान जो रैंकिंग में फिसड्डी और राजनीति का अड्डा है

सामान्य जन को JNU के नाम पर न तो समर्थन और न ही विरोध में हाइप क्रिएट करना चाहिए। JNU वो नहीं रहा जिसके लिए उसे 1969 में बनाया गया था। इससे खुद को दूर रखें, आसपास की बेहतरी को देखें तो हमारे आपके अलावा देश के लिए भी बेहतर होगा।

सीताराम! नक्सली आतंकियों के नाजायज बापों को राम से इतनी एलर्जी क्यों है…

न्याय तलाशते वामपंथी बहुत पीछे जाते हैं तो 1528 में पहुँचते हैं जहाँ रहमदिल, आलमपनाह बाबर, जिसके माता और पिता पक्ष पर करोड़ों हत्याओं का रक्त है, कंधे पर पत्थर उठा कर एक जंगल-झाड़ में, छेनी-हथौड़ा से कूटते हुए मस्जिद बनाता दिखता है।

हिन्दू धर्म के प्रति निष्ठावान थी इंदिरा गाँधी: वो 6 बातें, जिनसे आज के कॉन्ग्रेस को सीखने की ज़रूरत है

पुलवामा और उरी के हमले अगर इंदिरा सरकार के समय में हुए होते, तो भी पाकिस्तान को कमोबेश वैसा ही जवाब मिलता, जैसे मोदी ने दिया। लेकिन वही 26/11 के बाद, बनारस, दिल्ली से लेकर मुंबई, हैदराबाद और दंतेवाड़ा अनेकों बम धमाकों के बाद भी यूपीए सरकार ने लचर रुख अख्तियार किया।

जब इंदिरा गाँधी ने JNU की गुंडागर्दी पर लगा दिया था ताला: धरी रह गई थी नारेबाजी और बैनर की राजनीति

जेएनयू छात्रों की हड़ताल में जर्मन कोर्स की एक छात्रा शामिल नहीं होना चाहती थी, इसलिए वह क्लास करने के लिए जर्मन फैकल्टी की ओर बढ़ी। उसका नाम था मेनका गाँधी- संजय गाँधी की पत्नी और इंदिरा गाँधी की बहू।

फ़ैक्ट चेक : मीडिया या सोशल मीडिया में चल रही ख़बरों का पोस्टमार्टम

जम्मू-कश्मीर: छह महीने में पत्थरबाजी की 190 घटनाएँ, 765 की हुई गिरफ़्तारी

संसद में बोलते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि घाटी में इन्टरनेट सेवाओं पर लगे प्रतिबन्ध उसी वक़्त हटाया जाएगा जब स्थानीय प्रशासन को लगेगा कि घाटी की स्थितियाँ सामान्य हैं।

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मिस्ट्रेसीकरण, ससुरालीकरण, राजनीतिकरण: दांडी यात्रा के बाद विन्ची-गाँधी यात्रा के 3 प्रमुख पड़ाव

जो मीडिया और क्रांतिजीव 5 साल तक मोदी की विदेश यात्राओं का लेखा-जोखा करते रहे, उन्हें नेहरू से लेकर राजीव गाँधी के भ्रमणों से रूबरू होना चाहिए, ताकि वो उसकी समीक्षा कर के बता सकें कि मिस्ट्रेसीकरण और ससुरालीकरण उनकी किसी विदेश नीति का हिस्सा थे?

ऑपइंडिया को है आप पर भरोसा

भारत का मीडिया तंत्र हमेशा से एक ख़ास विचारधारा को पसंद करता आया है। इस विचारधारा से जुड़े रहने वालों ने मीडिया के हर पहलू पर अपना दबदबा बना रखा है। वो मठाधीश बन बैठे हैं, और उनसे जो भी अलग राय रखता है, उन्हें 'ट्रोल' और असहिष्णु करार दिया जाता है। अलग राय रखने वालों का हुक्का-पानी भी बंद करवाने की कोशिश की जाती है। ऑपइंडिया इन मठाधीशों से अलग राय रखता है। और हमें विश्वास है कि हमारा हुक्का-पानी इन मठाधीशों के भरोसे नहीं, आपके भरोसे चलेगा। इस पोर्टल पे उपलब्ध 'डिजिटल सामग्री' के लिए आपको जो भी उचित लगे, उतना सहयोग करें...

चू#$या… 4 साल के बच्चे को यही गाली दी थी स्वरा भास्कर ने, अब बोली – ‘मैं तो मज़ाक कर रही थी’

"मैं मुंबई में शूटिंग का अपना अनुभव शेयर कर रही थी। इस दौरान मैंने जो शब्द इस्तेमाल किए वह एडल्ट कॉमेडी है, मैंने यह शब्द एक एडल्ट मज़ाक के तौर पर उस वक़्त के अपने फ्रस्टेशन (कुंठा) को व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल किए थे।"

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित फ़िल्म के निर्देशक समेत 7 लोगों पर जातिवादी गालियों के इस्तेमाल पर मामला दर्ज

शिक़ायत में फ़िल्म हेलारों के निर्देशक अभिषेक शाह, निर्माता आशीष सी पटेल, नीरव सी पटेल, आयुष पटेल, मीट जानी के साथ-साथ संवाद लेखक सौम्या जोशी और संपादक प्रतीक गुप्ता के ख़िलाफ़ सरकार द्वारा कथित रूप से 'समुदाय का अपमान करने और भावनाओं को आहत करने' से प्रतिबंधित 'शब्द' का उपयोग करने के ख़िलाफ़ कार्रवाई किए जाने की माँग की गई है।

घर लौटीं स्वर कोकिला लता मंगेशकर, चेस्ट इन्फेक्शन के कारण अस्पताल में होना पड़ा था दाखिल

सितम्बर 28, 2019 को लता मंगेशकर ने अपना 90वाँ जन्मदिन मनाया था। हजारों गानों को अपनी मधुर आवाज़ से सँवार चुकी लता मंगेशकर 8 दशक तक भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रही हैं और उन्होंने कई भाषाओं में गाने गए हैं।