बात चाहे हस्तमैथुन और ऑर्गेज़्म के जरिए महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली स्वरा भास्कर की हो या फिर उन्हीं के जैसी काम के अभाव में सोशल मीडिया पर एक्टिविस्ट्स बने फिर रहे अन्य मीडिया गिरोह हों, सब जानते हैं कि उन्हें कब कैंडल बाहर निकालनी है और किन घटनाओं का विरोध करना है।

संपादक की पसंद

अजय देवगन के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करना शख्स को पड़ा मँहगा, जज ने पूरे कानपुर में विमल बाँटने का दिया आदेश

अदालत ने आपत्तिजनक पोस्ट लिखने वाले उस युवक को अगले एक साल तक कानपुर के हर गली-मोहल्ले में 'विमल' बाँटने की सजा सुना दी है और साथ ही उन्हें 'बोलो जुबाँ केसरी' के नारे भी लगाने होंगे।

ऋचा भारती को नहीं बाँटनी होगी कुरान की प्रतियाँ, राँची कोर्ट ने वापस लिया फैसला

राँची की अदालत ने ऋचा भारती वाले मामले में दिया गया 'कुरान बाँटने' वाला आदेश वापस ले लिया है। अदालत ने यह निर्णय इस केस की जाँच कर रहे इन्वेस्टीगेशन अधिकारी के निवेदन पर लिया।

RSS और उससे जुड़े 18 संगठनों पर नीतीश की नजर, पदाधिकारियों की कुंडली तैयार कर रही पुलिस

पटना विशेष शाखा के एसपी ने बीते साल मई में सभी डीएसपी को पत्र भेज कर एक सप्ताह के भीतर संघ और उससे जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा था। हालॉंकि सरकार के इस फैसले की वजह क्या थी यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

‘मंदिर तोड़ने वालों को वेद बॉंटने और कावड़ लाने का आदेश सुनाओ’

कांवड़ लाने पर वाले मुसलमानों की आस्था पर सवाल उठाते हुए साध्वी ने कहा कि यह महज दिखावा होता है। यदि जज किसी मुस्लिम को कांवड़ लाने का आदेश दे तो वह इसे कभी नहीं मानेंगे। उनके फैसले को साजिश करार दिया जाएगा।

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विशेष

देश की इंच-इंच ज़मीन से घुसपैठियों को निकाल बाहर करेंगे: अमित शाह का जावेद अली को जवाब

सरकार घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए बहुआयामी तरीकों पर काम कर रही है। सीमा पर फेंसिंग कराने, फ्लड लाइट्स लगवाने, सीमा पर अच्छी सड़कें बनवाने और आउटपोस्ट्स स्थापित करने सम्बन्धी कई निर्णय लिए गए हैं।

ऋचा भारती को आप ने कहा क़ुरान बाँटो, उसे ‘रंडी साली’, ‘फक योर सिस्टर’ कहने वाले क्या बाँटें मी लॉर्ड?

हो सकता है अंजुमन इस्लामिया वालों को ‘फक योर सिस्टर’ का या ‘तेरी माँ मेरी रखैल’ आदि का मतलब मालूम न हो, लेकिन कोर्ट के जजों को तो ज़रूर पता होगा कि इन शब्दों से एक लड़की की ‘मोडेस्टी आउटरेज’ होती है। और यह क़ानूनन जुर्म है।

बिहारी पत्रकारों, नीतीश कुमार की काहिली को डिफेंड कर रहे हो? इसी बाढ़ में डूब क्यों नहीं जाते?

बाढ़ सरकारी महकमे के अफसरों और नेताओं के लिए उत्सव है। ये वो समय है जब राहत पैकेज के रूप में भ्रष्टाचार का पैकेज आता है। आखिर लगभग पंद्रह साल से सत्ता में रही पार्टी इस समस्या का कोई हल ढूँढने में विफल क्यों रही है? अगर कोसी द्वारा अपने पुराने बहाव क्षेत्र में वापस आने वाले साल को छोड़ दिया जाए, तो बाकी के हर साल एक ही समस्या कैसे आ जाती है?

खानदानी सेलेब्स के पाँव पर लोटने वाली मीडिया को कंगना ने दिखाया आइना, इस बेचैनी का कारण क्या?

बॉलीवुड में अच्छा रूतबा रखने वाले सेलेब्स ने मीडिया को न जाने कितनी बार ज़लील किया लेकिन मजाल है कि किसी पत्रकार ने उफ़ तक किया हो! सुदूर पहाड़ी कस्बे से आई एक सेल्फ-मेड महिला ने आइना क्या दिखा दिया, गिरोह के गठन की ज़रूरत आन पड़ी!

सभी मर्द एक जैसे… जबरन ब्रम्हचर्य ले डूबता है? – कंगना के बहाने कहानी चर्च और हॉलीवुड की

जबरन ब्रम्हचर्य को किसी सामाजिक संस्था पर थोप देना, जिसका मुख्य उद्देश्य कुछ और है, वैसे ही हानिकारक परिणाम देगा, जैसे गलत तरीके से किए गए योग के आसनों से होगा। इसे जबरन लोगों पर थोपने के नतीजे बिलकुल वैसे ही होंगे जैसे चर्च के लिए हुए हैं।

ता चढ़ि मुल्ला (फर्जी) बाँग दे: ‘जय श्री राम’ न कहने पर मुसलमान को मारा, हम अदरक करेंगे, लहसुन करेंगे

मोदी के जीतते ही ऐसी खबरों में अचानक से इजाफा कैसे हो गया? आखिर आधी खबरें झूठी क्यों साबित हो रही हैं? दर्जन भर मंदिर तोड़े गए, मूर्तियाँ विखंडित हुईं, और हर बार आरोपित या तो मुसलमान है, या अज्ञात।

जिसने हिंदुस्तान को ‘ईसाई राष्ट्र’ बनाने का ख्वाब देखा था, RSS को उससे सीखने की जरुरत नहीं Scroll

हज़ारों हिन्दुओं को ज़िंदा जला देने और शरीर छेद कर टाँग देने वाला पुर्तगालियों का Goa Inquisition शायद ईसाईयत के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। गोम्स साहब का इसके खिलाफ एक भी लफ्ज़ दर्ज नहीं है इतिहास में... और RSS को इनसे सीखने की जरुरत है!!!

फ़ैक्ट चेक : मीडिया या सोशल मीडिया में चल रही ख़बरों का पोस्टमार्टम

कर्नाटक: कॉन्ग्रेस-जदएस सरकार की बलि लेकर ही मानेंगे बागी, कुमारस्वामी ने साधी चुप्पी

225 सदस्यीय विधानसभा में कॉन्ग्रेस के 79, जदएस के 37, बीजेपी के 105, दो निर्दलीय, एक बीएसपी का विधायक है। इनमें से कॉन्ग्रेस के 13 और जदएस के तीन विधायक इस्तीफा दे चुके हैं।

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मतदान बाद EVM को लाल चुनरी से सील कर उसे पवित्र धागे से बाँधा जाए: विपक्ष का छोटा पंडित

ऐसे नेताओं को ईवीएम का नट-बोल्ट खोलने के लिए पेचकस और पिलास दे देना चाहिए ताकि वे वोट देने के बाद ईवीएम को खोलें और अंदर झाँक कर देख सकें कि आख़िर उनका वोट गया कहाँ, किस पार्टी को गया? ये नेता वोट देने के बाद ईवीएम को खोलेंगे, झाँक कर देख लेंगे कि उनका वोट इच्छित पार्टी को गया है या नहीं और फिर उसे वापस पेचकस से कस सकते हैं।

ऑपइंडिया को है आप पर भरोसा

भारत का मीडिया तंत्र हमेशा से एक ख़ास विचारधारा को पसंद करता आया है। इस विचारधारा से जुड़े रहने वालों ने मीडिया के हर पहलू पर अपना दबदबा बना रखा है। वो मठाधीश बन बैठे हैं, और उनसे जो भी अलग राय रखता है, उन्हें 'ट्रोल' और असहिष्णु करार दिया जाता है। अलग राय रखने वालों का हुक्का-पानी भी बंद करवाने की कोशिश की जाती है। ऑपइंडिया इन मठाधीशों से अलग राय रखता है। और हमें विश्वास है कि हमारा हुक्का-पानी इन मठाधीशों के भरोसे नहीं, आपके भरोसे चलेगा। इस पोर्टल पे उपलब्ध 'डिजिटल सामग्री' के लिए आपको जो भी उचित लगे, उतना सहयोग करें...

‘अंतिम सेलेक्शन के लिए बॉस को कैसे satisfy करेंगी?’- अभिनेत्री ने बिग बॉस आयोजकों पर ठोका मुकदमा

रेड्डी ने आरोप लगाया कि आयोजकों ने उन्हें अंतिम सेलेक्शन के लिए अपने बॉस को satisfy करने के लिए कहा। उन्होंने कोई करार नहीं दिया और पूछा कि वह (रेड्डी) उनके बॉस को कैसे satisfy करेंगी।

Forbes-100: सबसे ज्यादा कमाई वाली सूची में अक्षय कुमार अकेले भारतीय, सलमान खान बाहर

अंतरराष्ट्रीय सेलेब्रिटीज की बात करें तो अमेरिकी गायिका टेलर स्विफ्ट 1263 करोड़ रुपए की कमाई के साथ इस सूची में टॉप पर विराजमान हैं। उनके बाद 1161 करोड़ रुपए की कमाई के साथ काइली जेनर का स्थान आता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस सूची में शीर्ष 2 पर महिला सेलेब्रिटीज का ही कब्ज़ा है।

दीमक, दोगली, बिकाऊ, 10वीं फेल, सूडो लिबरल, नालायकों, देशद्रोहियों… मीडिया के एक सेक्शन पर कंगना

“मीडिया का एक सेक्शन है जो दीमक की तरह हमारे देश में लगा है। ये जो दोगली मीडिया है, बिकाऊ मीडिया है, जो ख़ुद को लिबरल कहती है, सेकुलर कहती है और कुछ भी नहीं है दसवीं फेल है... ये लोग सूडो लिबरल हैं और ये लोग बिल्कुल भी सेकुलर नहीं हैं।”