विज्ञान और प्रौद्योगिकी

विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़े वो विषय जो हिन्दी में बहुत कम दिखते हैं

चंद्रयान 2

NASA ने जारी की 3 हाई रेजॉलूशन तस्वीरें, कहा- लैंडर विक्रम की हुई थी हार्ड लैंडिंग

"चंद्रमा की सतह पर विक्रम की हार्ड लैंडिंग हुई, यह स्पष्ट है। मगर लैंडर के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। तस्वीरें शाम के अंधेरे में ली गईं हैं। बाकी तस्वीरें अक्टूबर में बेहतर प्रकाश की स्थिति में ली जाएँगी।”
इसरो प्रमुख के शिवन (DNA से साभार)

चंद्रयान-2 98% सफल, 2020 तक एक और मिशन, 2021 में स्वदेशी रॉकेट से चाँद पर भारतीय: इसरो प्रमुख

इसरो प्रमुख ने बताया कि इसरो का अगला बड़ा लक्ष्य गगनयान है। उन्होंने बताया कि संस्था दिसंबर, 2021 तक चन्द्रमा पर मनुष्य को भेजने के लक्ष्य पर काम कर रही है। और उस मिशन में रॉकेट भी भारत में बना हुआ ही होगा।
चंद्रयान-2

पूरी तरह सुरक्षित है लैंडर विक्रम, हुई हार्ड-लैंडिंग: ISRO ने चंद्रयान-2 को लेकर सुनाई बड़ी खुशखबरी

ऑर्बिटर के कैमरा द्वारा भेजी गई तस्वीरों के मुताबिक़, जहाँ विक्रम को लैंड करना था, उसने वहाँ से कुछ ही दूरी पर हार्ड-लैंडिंग की है।
चंद्रयान-2

Breaking: विक्रम लैंडर की मिली लोकेशन, ऑर्बिटर से मिली थर्मल इमेज – इसरो प्रमुख

इसरो प्रमुख के शिवन ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए बताया कि इसरो ने चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की स्थिति का पता लगा लिया है। चाँद की सतह पर विक्रम लैंडर की थर्मल इमेज ऑर्बिटर से मिल गई है। लेकिन...
चंद्रयान-2

इसरो से बोला नासा: चंद्रयान-2 की यात्रा हमारे लिए प्रेरणा, मिलकर सौरमंडल की सैर करेंगे

इसरो प्रमुख के. सिवन ने बताया है कि विक्रम लैंडर से फ़िलहाल सम्पर्क टूटा हुआ है। लेकिन उम्मीदें कायम हैं। अगले 14 दिनों में सम्पर्क स्थापित करने के प्रयास किए जाएँगे। अतिरिक्त ईंधन के कारण ऑर्बिटर 7-7.5 साल तक चन्द्रमा की परिक्रमा करने में सक्षम है।
के. सिवन

प्रधानमंत्री प्रेरणा के स्रोत, चंद्रयान-2 पर उम्मीदें अभी कायम: इसरो प्रमुख सिवन

सिवन ने बताया कि हालाँकि ऑर्बिटर में काफी अतिरिक्त ईंधन मौजूद है। ऑर्बिटर लगभग 7-7.5 साल तक चन्द्रमा की परिक्रमा कर सकता है। विक्रम लैंडर से फ़िलहाल सम्पर्क टूटा हुआ है। अगले 14 दिनों में सम्पर्क फिर से स्थापित करने के प्रयास किए जाएँगे।
चंद्रयान-2

95% सफल रहा Chandrayaan-2 मिशन, ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में सुरक्षित, लगा रहा चक्कर

"978 करोड़ रुपए के लागत वाले चंद्रयान-2 मिशन का सब कुछ समाप्त नहीं हुआ है। मिशन को सिर्फ लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर का नुकसान हुआ है, जबकि अंतरिक्ष यान का तीसरा खंड ऑर्बिटर अब भी चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगा रहा है।"
क्या धरती पर विज्ञान के नए आयाम खोल पाएगा चंद्रयान (तस्वीर Dataquest से साभार)

चंद्रयान-2: हम वहाँ जा रहे हैं, जहाँ कोई नहीं जाता, ISRO प्रमुख के शिवन का बयान, जानिए पूरा मिशन

इसरो ने उम्मीद जताई है कि चन्द्रमा पर होने वाले अभियानों में तो आमूलचूल परिवर्तन लाएगा ही, साथ ही अंतरिक्ष की सीमाओं को नापने में भी इसका योगदान होगा।
चंद्रयान 2, प्रधानमंत्री मोदी

7 सितंबर को चाँद पर होगी चंद्रयान की लैंडिंग, 60 बच्चों के साथ PM देखेंगे ये नजारा

4 सिंतबर के बाद अगले तीन दिनों तक लैंडर विक्रम चाँद के सबसे नजदीकी कक्षा 35×97 में चक्कर लगाता रहेगा। 7 सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव में लैंडर विक्रम की लैंडिंग होगी।
चंद्रयान-2

चंद्रमा की कक्षा में चंद्रयान-2: दो सितंबर को अगली परीक्षा, 7 को साउथ पोल पर उतरेगा

चाँद की कक्षा में आने के बाद चंद्रयान-2 चाँद की चार कक्षाओं से होकर गुजरेगा, जिसके बाद यह चाँद की अंतिम कक्षा में दक्षिणी ध्रुव पर करीब 100 किमी ऊपर से गुजरेगा। इसी दौरान 2 सितंबर को यान का विक्रम लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा।
दिल

अब इंसानों के शरीर में धड़केगा सुअर का दिल: ब्रिटेन का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टर का दावा

सिर्फ 3 साल के भीतर सुअर के दिलों को इंसानों में ट्रांसप्लांट करना संभव हो सकता है। 40 साल पहले ब्रिटेन का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टर टेरेन्स का कहना है कि इस तकनीक से हृदय रोगियों को एक नई जिंदगी मिल सकती है।
Chandrayaan-2

इसरो ने जारी की Chandrayaan-2 द्वारा ली गई पृथ्वी की बेहद खूबसूरत तस्वीरें

2 अगस्त को भारत के मून स्पेसक्राफ्ट चंद्रयान-2 की ऑर्बिट को चोथी बार सफलतापूर्वक बढ़ाया था। इसके ऑर्बिट को 6 अगस्त को दोपहर 2.30 से 3.30 के बीच में पाँचवीं बार बढ़ाया जाएगा।

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