राजनैतिक मुद्दे

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।

जिस चुनाव आयोग को राहुल गाँधी विदेश तक कोसते रहे, ट्रंप ने उसी की तारीफ की: कॉन्ग्रेस को लगी मिर्ची

ट्रंप ने भारत की चुनाव व्यवस्था और फोटो-ID सिस्टम का उदाहरण देते हुए अमेरिका में SAVE America Act पास करने की माँग की।

बंगाल मे शुभेंदु सरकार के 100 दिन पूरे: जानिए ममता राज जाने से राज्य में क्या-क्या हुए परिवर्तन

अब जब बंगाल में भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे हो रहे हैं। तो आइए जानते हैं कि इन 100 दिनों के भीतर बंगाल की तस्वीर कितनी बदली है?

भारतीय परमाणु हथियारों के विरोध से लेकर ‘भगवा आतंकवाद’ के नैरेटिव तक: चिदंबरम के खुद को ‘दिमागी नक्सल’ स्वीकारने पर क्यों हैरान नहीं है...

चिदंबरम की भारत और विकास विरोधी मानसिकता उनके हर फैसले में साफ झलकती है। कभी उन्हें डिजिटल इंडिया से समस्या हुई कभी उन्होंने भगवा आतंक का नैरेटिव गढ़ा।

15 अगस्त से ‘पब्लिसिटी स्टंट’ करने के लिए अभिजीत दीपके फिर तैयार, झारखंड पर बोलते वक्त पड़ गए थे बीमार: समझिए CJP की अवसरवादी...

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म होने और झारखंड आंदोलन से दूरी के बाद, CJP 15 अगस्त से ग्रामीण स्कूलों के सोशल ऑडिट का नया पैंतरा लाएगी।

CJP प्रदर्शन में पेलट गन से लाठीचार्ज तक सब ‘तानाशाही’ था, झारखंड में छात्रों पर वही कार्रवाई ‘सामान्य’: लेफ्ट-लिबरल पाखंड का पर्दाफाश

CJP प्रदर्शन में हिंसा और उपद्रव के खिलाफ कार्रवाई को 'तानाशाही' कहा गया, वहीं झारखंड वाले मामले में वामपंथी इसे 'सामान्य' बता रहे हैं।

वांगचुक ने 26 दिन भूख हड़ताल कर राहुल गाँधी को दिया राजनीतिक वापसी का मौका, लेकिन उनके अहंकार ने सब चौपट कर दिया

वांगचुक ने बताया कि वह चाहते थे राहुल गाँधी उनका अनशन तुड़वाएँ। जानिए कैसे कॉन्ग्रेस ने CJP आंदोलन से दूरी बनाकर अलग सियासी राह चुनी।

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