भारत की बात

भारतीय दर्शन, परम्परा और सभ्यता से जुड़ी बातें और विचार

भारतस्य महाख्यानम् – अनन्तत्वस्य परमसंरक्षणम्

मम मतानुसारम् अस्माकं भारतीयानां महाख्यानस्य त्रयः भागाः। प्रथमं नाम भारतमेव ईश्वरस्य अनन्तत्वदर्शनस्य परमसंरक्षकम्। द्वितीयं नाम विश्वगुरुत्वेन अस्माभिः ईश्वरस्य अनन्तत्वं लोके पाठनीयम्। तृतीयं नाम वयं सम्राज्ञः भरतस्य वंशजाः प्रजाः च।
राजेंद्र प्रसाद, नेहरू, पटेल

डॉ राजेंद्र प्रसाद को राष्ट्रपति बनने से रोकने के लिए नेहरू ने बोला झूठ तो पटेल ने कहा- शादी नक्की

"अगर दूल्हा भाग न जाए तो शादी नक्की"- सरदार पटेल की इस एक लाइन ने डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की राह में रोड़े अटकाने वाले नेहरू के अरमानों पर पानी फेर दिया। नेहरू ने डॉक्टर प्रसाद को रोकने के लिए झूठ तक बोला लेकिन उनकी पोल खुल गई।
वॉर हीरो, दक्षिण कोरिया

2 लाख का इलाज, 2300 फ़ील्ड ऑपरेशन: भारतीय सेना के रंगराज को मिलेगा ‘वॉर हीरो’ का सबसे बड़ा युद्ध सम्मान

कोरियाई युद्ध में मारे गए सैनिकों की याद में दक्षिण कोरिया ने राजधानी सिओल में वॉर मेमोरियल बनाया है। उस वॉर मेमोरियल में 'भारत' के नाम से अलग स्मारक बनाया गया है जहाँ तिरंगा झंडा बड़ी शान से लहराता रहता है।
अमर सिंह राठौड़

जब चमकी मारवाड़ी तलवार तो सलावत खान के दिल के हो गई पार, दरबार छोड़ नंगे पाँव भागा शाहजहाँ

ये कहानी है उस योद्धा की, जिसकी गाथा मारवाड़ में आज भी सुनाई जाती है। वो राठौड़, जिसके प्रताप से भयभीत होकर शाहजहाँ नंगे-पाँव अपने ही दरबार से भाग खड़ा हुआ। जिसकी वीरता देख मुगलों ने छल का सहारा लिया और प्रपंच की आड़ ली।
अहोम योद्धा

इतिहास में गुम हैं मुगलों को 17 बार हराने वाले अहोम योद्धा: देश भूल गया ब्रह्मपुत्र के इन बेटों को

राजपूतों और मराठों की तरह कोई और भी था, जिसने मुगलों को न सिर्फ़ नाकों चने चबवाए बल्कि उन्हें खदेड़ कर भगाया। असम के उन योद्धाओं को राष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाई, जिन्होंने जलयुद्ध का ऐसा नमूना पेश किया कि औरंगज़ेब तक हिल उठा। आइए, चलते हैं पूर्व में।
सरस्वती नदी

वैज्ञानिकों ने सबूत के साथ साबित किया सरस्वती नदी का अस्तित्व: वैदिक ऋचाओं पर रिसर्च की मुहर

78,000 ईसापूर्व से लेकर 18,000 ईसापूर्व और 7000 ईसापूर्व से लेकर 2500 ईसापूर्व की समयावधि में सरस्वती नदी निरंतर बिना किसी रुकावट के बहा करती थी। इसके साथ ही ऋग्वेद की उन कई ऋचाओं पर भी मुहर लग गई है, जिनमें सरस्वती नदी का जिक्र है।
लेखक और धर्मशास्त्रों के विद्वान टिप्पणीकार नितिन श्रीधर की ऑपइंडिया से हिन्दू धर्म पर बात

सनातन हिन्दू धर्म को ईसाई या इस्लामी चश्मे से देखना अनुचित: नितिन श्रीधर की ऑपइंडिया से बात

लेखक, indiafacts.org और अद्वैत एकेडमी के सम्पादक व धर्मशास्त्रों के जाने-माने टिप्पणीकार नितिन श्रीधर ने धर्म से जुड़े कई पक्षों पर ऑपइंडिया से बात की, जिसमें राजनीति, लोकतंत्र के बारे में दृष्टिकोण, हाल ही में आए सबरीमाला और राम मंदिर के फैसले, धर्म की व्यवहारिक परिभाषा आदि शामिल थे। पेश है इस साक्षात्कार के मुख्य हिस्सों का सारांश:
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई

पेशवा की ‘छबीली’: चीते का शिकार करने वाली वो वीरांगना जिसकी तलवारों से फिरंगी भी कॉंपे

पड़ोसी राज्य ओरछा व दतिया के हमलों को नाकाम करने वाली रानी जिसे अंग्रेजों ने घेर लिया, फिर भी उसने घुटने नहीं टेके। 23 साल की उम्र में वीरगति को प्राप्त करने वाली उस मर्दानी की वीरगाथा सदियों तक यूॅं ही गूॅंजती रहेगी।
इंदिरा गाँधी (पूर्व प्रधानमंत्री, तस्वीर The Pioneer से साभार)

हिन्दू धर्म के प्रति निष्ठावान थी इंदिरा गाँधी: वो 6 बातें, जिनसे आज के कॉन्ग्रेस को सीखने की ज़रूरत है

पुलवामा और उरी के हमले अगर इंदिरा सरकार के समय में हुए होते, तो भी पाकिस्तान को कमोबेश वैसा ही जवाब मिलता, जैसे मोदी ने दिया। लेकिन वही 26/11 के बाद, बनारस, दिल्ली से लेकर मुंबई, हैदराबाद और दंतेवाड़ा अनेकों बम धमाकों के बाद भी यूपीए सरकार ने लचर रुख अख्तियार किया।
माधवराव पेशवा

पुणे में बैठ कर दिल्ली चलाने वाला मराठा: 16 की उम्र में सँभाली कमान, निज़ाम और मैसूर को किया चित

16 वर्ष के बच्चे ने मराठा साम्राज्य की कमान सँभाली। जलवा ऐसा कि दिल्ली के सिंहासन पर कौन बैठेगा, ये भी उसके इशारे पर तय होता था। जानिए, कौन था मैसूर के हैदर अली और हैदराबाद के निज़ाम को धूल चटाने वाला महायोद्धा?
जामा मस्जिद, दिल्ली

जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दफ़न की गई थी मंदिरों से लूटी गई हिन्दू प्रतिमाएँ, ये रहा सबूत

दिल्ली का जामा मस्जिद, जिसे शाहजहाँ ने बनवाया था। औरंगज़ेब के आदेश से मंदिरों से लूटी गईं हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दफ़न कर दिया गया था। इसका सबूत है 'मसीर-ई-आलमगीरी', जो औरंगज़ेब की जीवनी है। पढ़िए क्या लिखा है इसमें?
राम, अयोध्या

हिन्दू धर्मांतरण क्यों नहीं करते? कलमा क्यों नहीं पढ़ लेते? क्योंकि वो काल को जीतने वाले राम के उपासक हैं

अपने अंतर्मन में हर हिन्दू यह बात जानता था कि श्री राम व राम का नाम हिन्दू धर्म की आत्मा है। राम गए तो हिन्दू धर्म नहीं बचेगा। वह आस्था, वह श्रद्धा जो हमारे रक्त और हमारी हड्डियों में समाई हुई है। राम का ‘तत्व’ ही वह शाश्वत धारा है जिसने हिन्दू समाज को विषम-से-विषम परिस्थिति में भी स्पंदित व जीवित रखा है, तथा सदैव रखेगी।

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