Tuesday, August 3, 2021

सामाजिक मुद्दे

कराहते केरल में बकरीद के बाद विकराल कोरोना लेकिन लिबरलों की लिस्ट में न ईद हुई सुपर स्प्रेडर, न फेल हुआ P विजयन मॉडल!

काँवड़ यात्रा के लिए जल लेने वालों की गिरफ्तारी न्यायालय के आदेश के प्रति उत्तराखंड सरकार के जिम्मेदारी पूर्ण आचरण को दर्शाती है। प्रश्न यह है कि हम ऐसे जिम्मेदारी पूर्ण आचरण की अपेक्षा केरल सरकार से किस सदी में कर सकते हैं?

NASA के ट्वीट पर आई प्रतिक्रियाएँ विज्ञान के प्रति समर्थन नहीं, हिंदुत्व के प्रति घृणा दर्शाती हैं

NASA इंटर्न प्रतिमा राय और हिन्दू देवी-देवताओं पर आई प्रतिक्रिया यह उजागर करती है कि विरोधियों का सरोकार विज्ञान के समर्थन में नहीं है।

‘बिग टेक प्रभावित कर रहे लोकतांत्रिक प्रक्रिया, फेकबुक नहीं झाड़ सकता पल्ला’: जानिए SC की टिप्पणी क्यों है बेहद खास

SC और दिल्ली HC की ओर से आई टिप्पणियाँ बताती हैं कि लोकतान्त्रिक प्रक्रिया में इन टेक कंपनियों की भूमिका को लेकर वह चिंतित और सतर्क दोनों है।

बाड़ी के पटुआ तीत: मात्र एक दिन में पूरे इजरायल की आबादी से ज्यादा टीका, ‘बुद्धिजीवी’ खोज रहे विदेशी मीडिया की रिपोर्ट

दूसरे शब्दों में कहें तो भारत ने एक दिन में लगभग पूरे इजरायल का टीकाकरण कर दिया। मगर इसे विदेशी मीडिया प्रतिशत में बताएगी और...

टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन में फिर से यौन उत्पीड़न की घटना क्या सन्देश देती है?

अब किसान आंदोलन केवल किसानों और उनकी समस्याओं के बारे में नहीं रहा। इसके साथ कई और ग्रुप जुड़ गए हैं, जिनका अपना निहित स्वार्थ है।

बीफ को जब बताया जा रहा ‘संवैधानिक अधिकार’, तब हिंदू मंदिरों की जमीन की लड़ाई कब तक और कितनी महत्वपूर्ण?

मंदिर की भूमि मंदिर को वापस दिलाने के लिए कोर्ट का दरवाजा पीटा जा रहा है। वहीं बीफ पर कोई अपना संवैधानिक अधिकार जता रहा है!

लोगो में ईसाई धर्म… बात विज्ञान की: 600 साल पहले रचा गया था प्रपंच, महामारी में WHO-IMA बढ़ा रहा उसी को आगे

WHO स्वास्थ्य की दुनिया की सबसे बड़ी संस्था- विज्ञान और तर्कों पर आधारित। लेकिन लोगो में ईसाई देवता... यानी धार्मिक उपनिवेशवाद!

वे डफली अच्छी बजाते हैं, Placard अच्छी लिखते हैं, लेकिन मस्जिद के रेपिस्ट मौलवी पर बोलने की मनाही है

कठुआ में एक रेप हुआ था तो पूरे भारत को तुम लोगों ने रेपिस्तान बताया था। तुम्हें तो याद होगा ही? तुम्हारी ही यूनिवर्सिटी के लोग बॉलीवुड वालों के साथ खुद के हिन्दू होने पर शर्मिंदा हुए थे?

असम में डॉक्टर पर हमला हो या बंगाल हिंसा, दोनों जनसंख्या जिहाद की उपज: सरकारों के चेतने का समय

प्रश्न यह है कि ऐसे अपराध के बार-बार किए जाने के मूल में क्या जनसंख्या में बदलाव एक मात्र कारण है? जनसंख्या में ऐसा निरंकुश बदलाव, जो असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में देखा गया।

डॉ. सैयद फैजान अहमद, बीमारी इधर है-आप किधर हैं: बंगाल के बुजुर्ग डॉक्टर मुखोपाध्याय हों या असम के सेनापति, हमलावर वही हैं

असम में डॉक्टर पर हमला करने वालों के नाम सामने आने के बाद से इस विवाद में कट्टरपंथी स्वामी रामदेव को घुसेड़ने की कोशिश में लगे हैं।

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