भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
FCRA संशोधन विधेयक को चर्चों पर हमले के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि विवाद की असली वजह विदेशी फंडिंग, धर्मांतरण नेटवर्क और भारत-विरोधी गतिविधियों पर सरकार की बढ़ती निगरानी है
Gen Z की जुबान अमर्यादित हो गई है, जिससे समाज चिंतित दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया फ्रेंडली ये पीढ़ी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है। जरूरत है पूरी शिक्षा प्रणाली में बदलाव की।
ग्राउंड रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयान बताते हैं कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की। उन्होंने बैग में पत्थर भर रखा था। इनलोगों ने कनॉट प्लेस के पास सुरक्षा बलों को निशाना बनाया।