सामाजिक मुद्दे

27 साल जेल, टूटा परिवार और अब रिहाई की उम्मीद: दारा सिंह केस के अनसुने पहलू

दारा सिंह, ईसाई मिशनरियों के रैकेट का अंत करने की लड़ाई लड़ रहे थे। वहीं दूसरी तरफ ग्राहम स्टेंस जनजातीयों के ब्रेनवॉश में जुटा था।

‘तुम्हें जहाँ से निकाला गया है, उन्हें भी वहाँ से निकालो’: पढ़ें- कैसे अयोध्या में विशाल मस्जिद ना बनने के पीछे चंदे का अकाल...

इनकी सोच बहुत सीधी है, जिस भी सरकारी या प्राइवेट जमीन पर एक बार हक जता दिया या जिसे अपना मान लिया, उसे फिर किसी भी कीमत पर छोड़ना नहीं है।

ब्रिटेन के ‘ग्रूमिंग गैंग’ जैसा है भारत में ‘लव-जिहाद’ और धर्मांतरण का खेल: UP से MP की हिंदू लड़कियाँ इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर,...

UK के ग्रूमिंग गैंग्स का मामला भारत के लिए चेतावनी है। यह किसी समुदाय के खिलाफ नारेबाजी की नहीं, बल्कि लव जिहाद पर नेटवर्क-आधारित जाँच की है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: केवल आसन नहीं, आधुनिक जीवन की बिखरती कड़ियों को जोड़ने का भारतीय सूत्र है योग

योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि व्यक्ति, परिवार, समाज और विश्व को जोड़ने वाली भारतीय जीवन पद्धति है। पढ़िए विशेष लेख।

‘राख’ पहली नहीं: ‘तांडव’ में हिंदू देवताओं का मजाक, ‘दहाड़’ में लव जिहाद पर पर्दा, ‘पाताल लोक’ में हिंदू-सिखों की नकारात्मक छवि; लंबी है...

किरदारों की पहचान बदलना, हिंदुओं को खलनायक और मुसलमानों को पीड़ित दिखाना: ‘दहाड़’ से ‘राख’ तक Prime Video के शोज में दिखता एक जैसा पैटर्न।

एल्गोरिदम के बँधुआ मजदूर… ‘अटेंशन इकॉनमी’ का डिजिटल सर्वहारा

जब मृत शरीर भी वायरल कंटेंट बन जाए, तब सवाल केवल संवेदनशीलता का नहीं बल्कि पूरे डिजिटल कल्चर के पतन का होता है।

एक दीपक जलाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचा दिया बवाल… केरल के निलाविलक्कु विवाद से क्या समझे आप? क्या सेक्युलर होने का ठेका सिर्फ...

फातिमा तहिलिया विवाद के बाद फिर उठे सवाल- जब दूसरे समुदाय अपनी धार्मिक सीमाएँ तय करते हैं, तो समायोजन की उम्मीद सिर्फ हिंदुओं से क्यों?

सहर-अदनान-एजाज… बकरीद पर क्यों चला रहे ‘रोने’ का अभियान? समझिए क्या है मुस्लिम इन्फ्लुएंसर्स का ‘मकसद’

बकरीद पर सरकार ने कुछ नियमों का पालन करने क्या कह दिया, मजहबी कंटेन्ट बनाने वाले मुस्लिम इंफलुएंसर्स ने सोशल मीडिया ने रोना शुरू कर दिया।

साहित्य अकादमी या वामपंथियों का वैचारिक अखाड़ा? ममता कालिया को ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए मिले पुरस्कार से छिड़ी बहस

साहित्य अकादमी 2025 में ममता कालिया को मिले सम्मान के बाद वामपंथी पक्षपात, स्वायत्तता और चयन प्रक्रिया पर नई बहस छिड़ गई है।

नया नहीं नासिक का कार्पोरेट जिहाद, देशभर के KPO-BPO में निशाने पर हिंदू लड़कियाँ: पूर्व KPO कर्मी के तौर पर मैं बताऊँगा इस्लामी कट्टरपंथियों...

नासिक में 'कॉरपोरेट जिहाद' ने देशभर में सनसनी फैला दी है। यह इकलौता मामला नहीं है, देशभर में हिंदू लड़कियाँ निशाने पर हैं, पढ़ें मेरा अनुभव।

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