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भारतीय मुस्लिम

‘मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं’ – मुसलमान महिला मंत्री की तब की बात… और अब संविधान के रास्ते मजहबी कट्टरता!

सवाल मुस्लिमों की अल्पसंख्यक बने रहने में रूचि को लेकर है। किसी देश में अल्पसंख्यक होना, उस देश की कृपा और मेहरबानी पर आश्रित होने जैसा भाव देता है। बावजूद इसके भारत में अल्पसंख्यक होना एक अवसर माना जाता रहा है। तो क्या अवसरवादिता के लिए...
केशवानंद भारती

क्या बदला जा सकता है संविधान? लोकतंत्र की मर्यादा पुनर्स्थापित करने वाला केस

'केशवानंद भारती बनाम केरल सरकार' वाले ऐतिहासिक केस ने संविधान की मर्यादा को पुनर्स्थापित किया। इसे भारतीय न्यायपालिका का सबसे 'लैंडमार्क फ़ैसला' कहा जाता है। एक ऐसा निर्णय, जिसने लोकतंत्र की मर्यादा और संविधान की अक्षुण्णता को बरक़रार रखा।
सर्वेश तिवारी 'श्रीमुख' से बातचीत

Interview: ‘पंचायत चुनावों ने की गाँवों की हत्या, नए लेखकों ने रखा लव जिहाद जैसे विषय को साहित्य से अछूता’

चाहे कोई भी वर्ग हो वो उनकी किताब की चाहकर भी नकारात्मक आलोचना नहीं कर सकता, क्योंकि उन्होंने अपनी किताब में सिर्फ़ सच्चाई लिखी है। वे कहते हैं कि किताब में मौजूद कहानियों को पाठक अपने से जोड़कर महसूस कर पाएगा और उसे ये भी लगेगा कि अगर वो इन मुद्दों पर लिखता तो वैसा ही लिखता जैसे श्रीमुख ने उन्हें पेश किया।
नरेंद्र मोदी, अर्थव्यवस्था

72 साल में $2 ट्रिलियन, 5 साल में $3 ट्रिलियन: मोदी के आते सरपट दौड़ी अर्थव्यवस्था

भारत को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 60 साल लगे। इसके अगले 12 वर्षों में देश के 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके बाद भारत ने अभूतपूर्व छलांग लगाते हुए मात्र 5 वर्षों में 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन कर दुनिया को चौंका दिया।
मोहम्मद अजरुद्दीन

मोहम्मद अजहरुद्दीन फिर फँसे: 20 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप, FIR दर्ज

भारत के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन समेत 3 लोगों के ख़िलाफ़ एक ट्रैवल कंपनी से 20 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज हुआ है। अजहरुद्दीन ने इन आरोपों का खंडन कर इसे महज पब्लिसिटी स्टंट बताया है और कहा है कि वे मानहानि...
बांग्लादेश, पाकिस्तान, क्रिकेट

‘सीरीज से बाहर बैठना कठिन… लेकिन मेरा परिवार डरा हुआ’: पाकिस्तान-बांग्लादेश क्रिकेट सीरीज खटाई में!

"मेरा परिवार पाकिस्तान के सुरक्षा माहौल से डरा हुआ है। इस हालात में मैं पाकिस्तान नहीं जा सकता और वहाँ जाकर खेल नहीं सकता। बांग्लादेश क्रिकेट टीम से एक सीरीज के दौरान बाहर बैठना मेरे लिए हमेशा ही बहुत कठिन रहा है।"
मो कैफ, सचिन

‘सचिन मेरे भगवान कृष्ण, मैं उनका सुदामा’ – मो. कैफ की इस बात पर कट्टरपंथियों ने कहा: मुसलमान हो, शर्म करो

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने क्रिकेट के भगवान कहे जाने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के साथ शानदार पोस्ट शेयर किया। उन्होंने इस शानदार पोस्ट का कैप्शन दिया है- भगवान कृष्ण के साथ मेरा सुदामा पल। बस इतने के लिए कट्टरपंथियों की सुलग गई और...
क़ुरान, सऊदी अरब, केरल

सऊदी अरब से आई कुरान: कोच्चि में होगी नीलामी, 21 जनवरी को लगाएँ बोली

विदेश में अत्याधुनिक प्रेस में छपी कुरान 6 महीने से लावारिस पड़ी हैं। इन्हें मलप्पुरम के दारुल उलूम अरबी कॉलेज के प्रिंसिपल अब्दुल सलाम ने मॅंगवाया था। उनका कहना है कि गरीबों के बीच बॉंटने के लिए कुरान मॅंगवाई गई थी।
लक्ष्मी अग्रवाल

‘छपाक’ की रियल स्टोरी: 15 साल की लक्ष्मी ने शादी से इनकार किया तो 32 साल के नईम ने तेजाब फेंका

वो बचपन से ही गायक बनने के सपने देखती थी। लेकिन, एक मनहूस घड़ी उस पर नईम की नजर पड़ी। शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद नईम ने 10 महीने तक पीछा किया। फिर एक दिन...
CRPF, जम्मू कश्मीर

…जब आसिफा अपने बच्चों के साथ फँस गईं तो CRPF ने बर्फ में 12 Km पैदल चल पहुँचाया खाना: मिसाल नहीं, परंपरा है यह

"मेरे 3-4 साल के बच्चे भूखे हैं, हम फँस गए हैं" - आसिफा के एक फोन पर CRPF की 157वीं बटालियन तुरंत एक्शन में आई। दाल-चावल, दो-ढाई लीटर दूध, 6 लीटर गर्म पानी, फल और बिस्किट के पैकेट बाँधकर 6 लोगों की टीम निकल पड़ी बर्फ़ीले रास्ते पर - 12 किलोमीटर पैदल चलते हुए।
रवीश कुमार, नितीश, सुशिल मोदी, स्वरा भास्कर, शेहला रशीद

ऑपइंडिया टॉप 10: वो नेगेटिव चेहरे जिन्होंने 2019 में केवल ग़लत वजहों से बनाई सुर्खियाँ

इन 10 चेहरों को देख लीजिए। इन्होंने 2019 में नकारात्मकता, जातिवाद, डर और तानाशाही का कारोबार किया है। ऑपइंडिया लेकर आया है उन 10 लोगों के नाम, जिन्होंने पूरे 2019 में केवल बुरे कारणों से ही सुर्खियाँ बनाईं। कइयों को जनता ने इस साल करारा सबक सिखाया।

ऑपइंडिया टॉप 10: नृशंस अपराधों की दस खबरें जिसने पूरे देश को हिला दिया (वामपंथियों के फर्जी नैरेटिव शामिल नहीं)

ऑपइंडिया ले कर आया है इस वर्ष की नृशंस अपराधों की टॉप-10 ख़बरें, जिन्हें वामपंथी मीडिया ने छिपाने की भरसक कोशिश की। ये ऐसी ख़बरें हैं, जिन्हें मीडिया के एक वर्ग ने छिपाना चाहा। साल की ऐसी सभी 10 ख़बरों को आप एक साथ यहाँ पढ़ सकते हैं।

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