विचार

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आरफा शेरवानी

मुसलमान बन कर मत करो विरोध-प्रदर्शन, वरना… द वायर की आरफा शेरवानी ने मुस्लिम भीड़ को समझाई रणनीति

"हम अपनी विचारधारा से समझौता नहीं कर रहे बल्कि अपने तरीके और स्ट्रेटेजी बदल रहे हैं। सभी जाति, धर्म के लोग साथ आएँ। घर पर खूब मजहबी नारे पढ़कर आइए, उनसे आपको ताकत मिलती है। लेकिन सिर्फ मुस्लिम बनकर विरोध मत कीजिए, आप लड़ाई हार जाएँगे।"
कश्मीर हिंसा

आज शरजील है, तब मुहम्मद शफी था: उस समय भी हिंदू भेंट चढ़े थे, आज भी निशाना वही हैं

तब भी ऐसा ही मजहबी उन्माद था। इसी तरह के नारे और ऐसी ही साजिशें थी। उस समय इसकी आग में कश्मीर के हिंदू जले थे। आज नहीं चेते तो अगला नंबर आपका हो सकता है।
संविधान, शाहीन बाग

शाहीन बाग की इन औरतों का हंगामा और संविधान देने वाली उन 15 महिलाओं का हासिल

संविधान का मसौदा तैयार करने में अहम किरदार निभाने वाली उन महिलाओं ने क्या सपना देखा था और शाहीन बाग की औरतें कैसी मिसाल पेश कर रही हैं। यह जानने के लिए 26 जनवरी से बेहतर दिन नहीं हो सकता।
नरेंद्र मोदी, लुटियंस मीडिया

…और ऐसे ख़त्म हो गई ‘मसीहा पत्रकारों’ के गैंग की मौज: मशहूर न्यूज़ एंकर से समझिए पूरी क्रोनोलॉजी

कौन हैं वो 'मसीहा पत्रकार', जिनकी पूर्ववर्ती सरकारों में अच्छी-ख़ासी मौज रहती थी? मोदी के आने से उन्हें दिक्कत क्यों हुई? 'इंडिया टीवी' के न्यूज़ एंकर सुशांत सिन्हा से समझिए कि अवार्ड-वापसी और 'लिंचिंग' की कैसे रची गई पूरी साज़िश। लुटियंस गैंग की तिलमिलाहट का पोस्टमॉर्टम।
दीपक चौरसिया, वामपंथी पत्रकार

वो 6 ‘बड़े’ पत्रकार जो दीपक चौरसिया पर शाहीन बाग में हुए हमले से हैं खुश!

वामपंथी पत्रकार रोहिणी सिंह ने पत्रकार दीपक चौरसिया को लगभग लताड़ लगाते हुए कहा कि शाहीन बाग में मुस्लिम महिलाएँ विरोध-प्रदर्शन कर रही थीं और आप (दीपक चौरसिया) वहाँ अपनी आवाज़ बुलंद करने गए थे!
शाहीन बाग़

संविधान और शरीयत में से शरीयत को चुन चुका है शाहीन बाग़

वास्तविकता आज बुरका पहनकर शाहीन बाग़ में अल्लाह हू अकबर के नारे लगाते हुए पत्रकारों की सामूहिक लिंचिंग कर रही है। सेकुलर शाहीन बाग़ आज ला इलाहा इल्लल्लाह और अल्हम्दुलिल्लाह का स्वर बोल रहा है, और क्योंकि यह स्वर क्रांतिजीवों, JNU-मतावलम्बियों के श्रीमुख से निकला है, इसलिए प्रोग्रेसिव लिबरल भी उनकी हाँ में हाँ मिलाता नजर आ रहा है।
पत्रकारों पर हमला, CAA, NRC

9 महीने में 12 पत्रकारों पर जानलेवा हमला, मारपीट, गाली-गलौज: सब के सब सेक्युलर और ‘शांतिपूर्ण’ जगहों पर!

गोदी मीडिया, सरकार मीडिया को धमका रही है, देश में आपातकाल आ गया है, लोग लिखने से डर रहे हैं... इन सारे जुमलों के बीच पत्रकारों पर हुए हमलों की ताजा लिस्ट देखिए। समझिए कि ये हमले कौन और कहाँ कर रहा है। कौन मीडिया को लिखने से रोक रहा है, कौन उन्हें धमका रहा है।

शाहीन बाग में रवीश Vs दीपक चौरसिया: एक से याराना, दूसरे संग मारपीट – Video में प्रदर्शनकारियों का दोहरा चरित्र

दीपक चौरसिया और रवीश कुमार दोनों ही वरिष्ठ पत्रकार हैं। अंतर सिर्फ इतना है कि दोनों की सैलरी अलग-अलग जगह से आती है। लेकिन हैं दोनों ही पत्रकार। शायद शाहीन बाग वाले इस बात को समझ नहीं पाए। तभी एक तरफ वो रवीश के साथ याराना रखते हैं जबकि दीपक चौरसिया के साथ मारपीट की जाती है।

#MeToo: TV-9 भारतवर्ष के कार्यकारी संपादक पर महिला पत्रकारों से यौन उत्पीड़न के आरोप, इस्तीफ़ा

TV9 भारतवर्ष में बतौर सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर अजय आजाद के व्हाट्सएप्प चैट के स्क्रीनशॉट्स को ट्रेनी पत्रकार द्वारा सार्वजानिक किए जाने के बाद यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। कुछ अन्य ने भी अजय पर ऐसी घटनाओं में पहले भी संलिप्त होने के आरोप लगाए हैं।
दीपक चौरसिया

अल्लाह हू अकबर के नारे लगाते हुए शाहीन बाग के गुंडों ने की पत्रकार दीपक चौरसिया से मारपीट, कैमरा भी तोड़ा

शाहीन बाग़ में चल रहे CAA-विरोधी प्रदर्शन में आज न्यूज़ नेशन के वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया के साथ वहाँ प्रदर्शन कर रहे गुंडों ने बदसलूकी की। यही नहीं, उनके साथ हाथापाई करने के बाद उनका कैमरा भी तोड़ दिया गया।
शाहीन बाग पर नजर आए पोस्टर

तिरंगे वाले हिजाब में हरे को ऊपर रखने के पीछे की मंशा क्या है?

तिरंगे में समाहित रंगों की आड़ में संदेश दिया जा रहा है कि शाहीन बाग कोई आम प्रदर्शन नहीं है। ये वो प्रदर्शन हैं, जहाँ वेदना के नाम पर अपने मनसूबों को इस्लामिक ताकतों ने खुलेआम प्रदर्शित करना शुरू कर दिया है। औचित्य की लड़ाई को अब स्पष्ट तौर पर मजहबी लड़ाई बना दिया गया है...
इमरान ख़ान, रवीश कुमार

तेरा-मेरा रिश्ता क्या… रवीश ने कही, इमरान ने मानी: टीवी देखना, अख़बार पढ़ना सब बंद

रवीश ने कही, इमरान ने सुनी। रवीश की सलाह इमरान ने मानी। अब इमरान ख़ान न अख़बार पढ़ेंगे और न ही टीवी देखेंगे। उन्होंने न्यूज़ शो देखना बंद कर दिया है। रवीश लगातार अपने 'प्राइम टाइम' में कहते हैं कि टीवी न देखें और अख़बार न पढ़ें। उन्हीं अख़बारों की ख़बर वो शेयर भी करते हैं।

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