विचार

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

जिस चुनाव आयोग को राहुल गाँधी विदेश तक कोसते रहे, ट्रंप ने उसी की तारीफ की: कॉन्ग्रेस को लगी मिर्ची

ट्रंप ने भारत की चुनाव व्यवस्था और फोटो-ID सिस्टम का उदाहरण देते हुए अमेरिका में SAVE America Act पास करने की माँग की।

बंगाल मे शुभेंदु सरकार के 100 दिन पूरे: जानिए ममता राज जाने से राज्य में क्या-क्या हुए परिवर्तन

अब जब बंगाल में भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे हो रहे हैं। तो आइए जानते हैं कि इन 100 दिनों के भीतर बंगाल की तस्वीर कितनी बदली है?

भारतीय परमाणु हथियारों के विरोध से लेकर ‘भगवा आतंकवाद’ के नैरेटिव तक: चिदंबरम के खुद को ‘दिमागी नक्सल’ स्वीकारने पर क्यों हैरान नहीं है...

चिदंबरम की भारत और विकास विरोधी मानसिकता उनके हर फैसले में साफ झलकती है। कभी उन्हें डिजिटल इंडिया से समस्या हुई कभी उन्होंने भगवा आतंक का नैरेटिव गढ़ा।

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।

जंतर-मंतर पर ‘बेटी चुप कराओ’, झारखंड में बेटियों का जिक्र तक नहीं: दो प्रदर्शनों में ‘द वायर’ का दो एजेंडा, केंद्र पर सवाल तो...

'द वायर' का एजेंडा साफ है। जंतर-मंतर प्रदर्शन में मोदी सरकार ने महिलाओं को टारेगट किया और झारखंड मसले पर अत्याचारों का जिक्र तक नहीं किया।

15 अगस्त से ‘पब्लिसिटी स्टंट’ करने के लिए अभिजीत दीपके फिर तैयार, झारखंड पर बोलते वक्त पड़ गए थे बीमार: समझिए CJP की अवसरवादी...

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म होने और झारखंड आंदोलन से दूरी के बाद, CJP 15 अगस्त से ग्रामीण स्कूलों के सोशल ऑडिट का नया पैंतरा लाएगी।

CJP प्रदर्शन में पेलट गन से लाठीचार्ज तक सब ‘तानाशाही’ था, झारखंड में छात्रों पर वही कार्रवाई ‘सामान्य’: लेफ्ट-लिबरल पाखंड का पर्दाफाश

CJP प्रदर्शन में हिंसा और उपद्रव के खिलाफ कार्रवाई को 'तानाशाही' कहा गया, वहीं झारखंड वाले मामले में वामपंथी इसे 'सामान्य' बता रहे हैं।

गालीबाजों में दिखे ‘स्वतंत्रता सेनानी’ और मोदी सरकार में ‘क्रूर ब्रिटिश’… ‘पत्रकारिता’ के नाम पर इस वामपंथी सनक को छोड़ दो आरफा-श्याम-तनुश्री

आरफा-श्याम-तनुश्री और अनमोल ने उस सीजेपी प्रदर्शन पर राउंड टेबल चर्चा की जो खत्म हो चुकी है, लेकिन झारखंड पेपर लीक पर फेविकोल लगा के बैठे है।

वांगचुक ने 26 दिन भूख हड़ताल कर राहुल गाँधी को दिया राजनीतिक वापसी का मौका, लेकिन उनके अहंकार ने सब चौपट कर दिया

वांगचुक ने बताया कि वह चाहते थे राहुल गाँधी उनका अनशन तुड़वाएँ। जानिए कैसे कॉन्ग्रेस ने CJP आंदोलन से दूरी बनाकर अलग सियासी राह चुनी।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें