विचार

एल्गोरिदम के बँधुआ मजदूर… ‘अटेंशन इकॉनमी’ का डिजिटल सर्वहारा

जब मृत शरीर भी वायरल कंटेंट बन जाए, तब सवाल केवल संवेदनशीलता का नहीं बल्कि पूरे डिजिटल कल्चर के पतन का होता है।

कॉकरोचों के प्रदर्शन में घुसी नेहा बोरा कौन है? जानिए AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष का चिट्ठा- उमर खालिद को बताती है बेचारा, ब्राह्मणों से...

आइए जानते हैं CJP के प्रदर्शन में घुसकर वामपंथी एजेंडे को हवा देने वाली नेहा बोरा कौन हैं और कैसे वो ब्राह्मणों के खिलाफ जहर उगलती आईं हैं।

मोदी जेल जाएँगे…? क्योंकि आजादी के 67 साल बाद शौचालय, पानी-बिजली और गरीब की बात करने वाला PM ‘महान’ कैसे हो सकता है

गाँव, गरीब, बिजली, पानी, शौचालय की बात करने वाला प्रधानमंत्री 'बड़ा' क्यों नहीं? अजित अंजुम की टिप्पणी के बहाने मोदी VS नेहरू बहस की पड़ताल।

एक दीपक जलाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचा दिया बवाल… केरल के निलाविलक्कु विवाद से क्या समझे आप? क्या सेक्युलर होने का ठेका सिर्फ...

फातिमा तहिलिया विवाद के बाद फिर उठे सवाल- जब दूसरे समुदाय अपनी धार्मिक सीमाएँ तय करते हैं, तो समायोजन की उम्मीद सिर्फ हिंदुओं से क्यों?

मौका, मोह और बड़ा राजनीतिक जाल… TMC का आत्मविनाश, BJP के लिए बंगाल में ‘अग्निपरीक्षा’ क्यों?

बंगाल में TMC संकट के बीच BJP के लिए भी चुनौती है। नए नेताओं की एंट्री से संगठन मजबूत होने के बजाय पुरानी संस्कृति ना लौट आए।

भारत के विकास को नई दिशा, नई गति और नया विश्वास मिला: PM मोदी को CM योगी का पत्र, 12 साल की उपलब्धियों का...

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर CM योगी ने PM मोदी को शुभकामनाएँ दीं। UP में विकास, रोजगार, राम मंदिर, निवेश और कानून व्यवस्थ का जिक्र किया।

कभी अयोध्या की जमीन, कभी मुहूर्त तो कभी चढ़ावा चोरी… बार-बार राम मंदिर पर बेतुके विवाद खड़े कर रही सपा, क्या सत्ता में लौटने...

राम मंदिर को लेकर सपा के आरोप, जमीन पर किया विवाद, प्राण प्रतिष्ठा से दूरी और अब चढ़ावा 'चोरी' का दावा। क्या है अखिलेश यादव की मंशा?

यात्रा गोरक्षा के लिए, बातें मुलायम-अखिलेश-मुस्लिम की, मंच पर शिवपाल-डिंपल यादव: क्या सपा की चुनावी चाल में फँस गए हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद?

क्या स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सपा की सोची-समझी राजनीतिक चाल को समझ नहीं पा रहे हैं या फिर इसके पीछे कोई और कहानी है?

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी: ‘क्रांति’ की रील और लोकतंत्र की रियलिटी

कॉकरोच जनता पार्टी, जेपी-अन्ना हजारे आंदोलन और भारतीय लोकतंत्र के संदर्भ में समझिए कि केवल असंतोष ही पर्याप्त क्यों नहीं होता। भारतीय मतदाता क्या देखते हैं?

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