आदित्य ठाकरे को ‘बेबी पेंग्विन’ और उद्धव को कहा औरंगजेब: नागपुर के युवक पर FIR दर्ज

बेबी पेंग्विन (बाएँ), आदित्य ठाकरे (दाएँ)

मुंबई पुलिस ने ट्विटर पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी, उनके बेटे और पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे को ‘बेबी पेंग्विन’ और ऊर्जा मंत्री नितिन राउत के खिलाफ भद्दे पोस्ट करने के लिए समित ठक्कर नाम के एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

शिकायत के अनुसार, तीस वर्षीय आरोपित नागपुर निवासी समित ठक्कर ने जून 01, जून 30 और जुलाई 01 को ठाकरे और राउत के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक पोस्ट किए थे। ऐसे ही एक ट्वीट में समित ठक्कर ने उद्धव ठाकरे को औरंगज़ेब और आदित्य ठाकरे को ‘बेबी पेंग्विन’ कहा था।

वीपी रोड पुलिस ने गत सोमवार को समित ठक्कर पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मानहानिकर लेख लिखने और अश्लील लेख प्रसारित करने, ड्राइंग या फिर किसी अन्य तरह से अपमानित करने पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

ट्विटर पर समित ठक्कर के इस वक्त 42,700 से अधिक फॉलोअर्स हैं। मुंबई के अधिवक्ता धर्मेंद्र मिश्रा, जो शिवसेना के कानूनी सलाहकार हैं, ने ये पोस्ट देखे और 13 जुलाई को वीपी रोड पुलिस स्टेशन के साथ ठक्कर के खिलाफ शिकायत दर्ज की।

समित ठक्कर पर जिस वीडियो को लेकर FIR हुई है, उसे ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा है – “बेबी पेंग्विन और दिशा पटानी को पहली बार व्यंगात्मक तरीके से पेश कर रहा हूँ। एन्जॉय।”

https://twitter.com/thakkar_sameet/status/1282624574547390465?ref_src=twsrc%5Etfw

मिश्रा ने कहा, “किसी की आलोचना करने के लिए अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करते समय कुछ सीमाएँ होनी चाहिए। आप बेकार और अशिष्ट भाषा का प्रयोग करते हुए किसी के साथ भी सार्वजनिक रूप से दुर्व्यवहार नहीं कर सकते। मैंने ठक्कर को सम्मानित राजनीतिक हस्तियों के बारे में ऐसी अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने से रोकने के लिए सूचित किया था। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और ऐसा करना जारी रखा। इसलिए, मैंने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।”

शहर की ही एक अन्य 21 वर्षीय युवती ने भी इसी तरह की शिकायत के साथ पुलिस से संपर्क किया और कहा कि उसे ठक्कर की पोस्ट अश्लील और घटिया लगी। पुलिस ने उvका बयान दर्ज किया और उन्हें ठक्कर के खिलाफ दर्ज पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में शामिल कर लिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विषय पर समित ठक्कर ने कहा, “मैंने सिर्फ मजबूत भाषा का इस्तेमाल किया है, जो किसी भी तरह से असंवैधानिक नहीं है। अगर मेरी पोस्ट अपमानजनक थी तो ट्विटर ने उसे हटाया क्यों नहीं? मैंने सिर्फ सरकार की आलोचना करने के लिए अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल किया। जब वीपी रोड पुलिस अधिकारियों ने मुझसे संपर्क किया तो मैंने उनसे कहा कि मैं बाद में पुलिस स्टेशन का दौरा कर पाउँगा क्योंकि अभी लॉकडाउन प्रभावी है और मैंने ईमेल के माध्यम से पुलिस आयुक्त और डीसीपी को अपना बयान भेज दिया है।”

आदित्य ठाकरे को क्यों कहा जा रहा है बेबी पेंग्विन?

सोशल मीडिया पर अक्सर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे का ‘पेंग्विन’ कहकर मजाक बनाया जाता है। इसके पीछे वजह यह है कि महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडणवीस सरकार के दौरान उन्होंने मुंबई के चिड़ियाघर में पेंग्विन लाने पर जोर दिया था।

आदित्य ठाकरे की जबरदस्ती पर पेंग्विन को दक्षिण कोरिया के सियोल से मुंबई चिड़ियाघर में लाने के लिए एक असफल परियोजना शुरू की गई। और फिर इसके लिए कृत्रिम वातावरण बनाया गया था, लेकिन कुछ दिनों के बाद, कुछ पेंग्विन की मौत हो गई।

मुंबई में मौसम ऐसे पक्षियों के अनुकूल नहीं है और ऐसे प्रोजेक्ट पर अनावश्यक रूप से पैसा लगाया गया। पेंग्विन के प्रति आदित्य ठाकरे परिवार और उनकी पार्टी के लगाव के कारण ही उन्हें ‘बेबी पेंग्विन’ नाम देकर मजाक बनाया जाता है।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया