‘प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश इमरजेंसी जैसा’: बीजेपी ने INDI अलायन्स द्वारा 14 एंकर्स के बहिष्कार का किया विरोध, कहा- घमंडिया गठबंधन को सच सुनने में लगता है डर

बीजेपी ने INDI अलायन्स द्वारा 14 एंकर्स के बहिष्कार का किया विरोध (साभार-आउटलुक)

INDI अलायंस ने न्यूज एंकर्स की एक लिस्ट जारी कर खुले तौर पर उनका बहिष्कार करने का फैसला लिया है। वहीं इस पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ से एक प्रेस बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि घमंडिया INDI अलायंस का मीडिया को सीधी धमकी देना सच बोलने पर मीडिया का मुँह बंद करने जैसा है।

बीजेपी ने अपने बयान में कहा है कि इससे यह भी पता चलता है कि ‘घमंडिया’ गठबंधन में सच्चाई का सामना करने का साहस नहीं है। पार्टी इस गठबंधन के दुर्भाग्यपूर्ण कदम की सख्त आलोचना और खंडन करती है।

दरअसल, विपक्षी दलों के INDI गठबंधन द्वारा बुधवार (13 सितंबर, 2023) को दिल्ली में हुई बैठक में तय किया गया कि वो अपने नेताओं और प्रवक्ताओं को कुछ टीवी एंकर्स के शो का बहिष्कार करते हुए नहीं भेजेंगे। इसके लिए गठबंधन की तरफ से 14 एंकर्स की लिस्ट भी जारी कर दी गई थी।

इसके बाद से बीजेपी विपक्षी गठबंधन पर हमलावार है और इसका करारा जवाब दे रही है। इसी कड़ी में पार्टी की तरफ से ये आधिकारिक बयान राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी की तरफ से जारी किया गया है। बीजेपी के इस आधिकारिक बयान में कहा गया है कि INDI अलायंस के दलों द्वारा पत्रकारों के बहिष्कार और उन्हें धमकाने का निर्णय घोर निंदनीय और आलोचना के योग्य है।

इस गठबंधन में शामिल दलों ने ऐसा निर्णय लेकर अपनी दमनकारी, तानाशाही और नकारात्मक सोच को जाहिर किया है। बीजेपी इस दुर्भाग्यपूर्ण कदम की कड़ी निंदा करती है। बीजेपी ऐसी विकृत सोच का घोर विरोध करती है जो विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोके।

पार्टी ने कहा, “इस गठबंधन में शामिल दलों के पत्रकारों के बहिष्कार की धृष्टता से ऐलान उनकी इमरजेंसी वाली सोच को दर्शाता है। हम सब जानते हैं कि अतीत में भी इसी तरह से आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया का गला घोंटा गया था। आज भी घमंडिया गठबंधन के दल उसी अराजकतावादी और इमरजेंसी वाली सोच के तहत काम कर रही है।”

बीजेपी ने कहा कि इस गठबंधन द्वारा खुलेआम मीडिया को धमकी देना देश की आवाज को कुचलने जैसा है। इससे ये भी लगता है कि घमंडिया दलों में सच का सामना करने की हिम्मत नहीं है। इससे ये भी लगता है कि ये गठबंधन किसी बाहरी दबाव में मीडिया की स्वतंत्रता को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।

बीजेपी ने विपक्षी दलों के गठबंधन पर बोलते हुए कहा, “देश में लोकतंत्र है किसी को भी प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ये गठबंधन हताश और निराश है। बीजेपी मीडिया संस्थानों और अपने कर्तव्य के लिए समर्पित सभी पत्रकारों से आग्रह करती है कि आप ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए ऐसी विकृत सोच का विरोध करें।”

पार्टी ने कहा, “सभी पत्रकार साथी घमंडिया गठबंधन के दलों की ऐसी तानाशाही मानसिकता के आगे बिल्कुल न डरते हुए बगैर किसी फियर (डर) और फेवर (पक्षपात) के उच्च भारतीय मूल्यों का पालन करते हुए ऐसी घटिया सोच का बहिष्कार करें।”

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी सोशल मीडिया पर शेयर एक पोस्ट में लिखा, “झूठ बोलने के एक सूत्रीय कार्यक्रम के तहत बने सनातन विरोधी INDI एलायंस को सच सुनने में डर लगता है। इसलिए वे घमंडिया गठबंधन के आगे न झुकने वाले पत्रकारों के खिलाफ प्रतिबंध का ऐलान कर रहे हैं।”

वहीं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी विपक्षी गठबंधन के नेताओं पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया। अपने एक्स हैंडल पर उन्होंने लिखा- “पत्रकारों का बायकॉट, उनके ऊपर मुकदमे INDI एलायंस में इतनी छटपटाहट क्यों है?”

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया