लालू यादव की सलामती के लिए उनकी बेटी रखेंगी रोज़ा, अल्लाह-पाक से न्याय की भी दुआ करेंगी

अल्लाह को याद करते लालू यादव (बाएँ) और रोहिणी (दाएँ)

“कल से रमज़ान का पाक महीना शुरू हो रहा है! इस साल हमने भी फैसला किया है कि पूरे महीने अपने पापा के सेहतयाबी और सलामती के लिए रोज़े रखूँगी! पापा की हालत में सुधार हो और जल्दी न्याय मिल सके, इसकी भी दुआ करूँगी! साथ ही मुल्क में अमन चैन हो, इसलिए ईश्वर/अल्लाह से कामना करूँगी।”

https://twitter.com/RohiniAcharya2/status/1381514102997090305?ref_src=twsrc%5Etfw

रोहिणी आचार्य नाम की महिला ने यह ट्वीट किया है। ट्वीट के साथ एक फोटो है, जिसमें भारत के कानून के अनुसार सजा पा चुका कैदी लालू प्रसाद यादव है और साथ में एक बच्चा। शायद यह बच्चा रोहिणी आचार्य का ही होगा क्योंकि खुद रोहिणी आचार्य लालू यादव की बेटी हैं।

लालू यादव जन्म से हिंदू है। अब का कैदी और पहले का नेता लालू यादव खुद को यदुवंशी और असली हिंदू बताते-बताते खप भी चुका है। खप गया क्योंकि चारा घोटालेबाज इस नेता को जमानत के लिए कॉन्ग्रेसी कपिल सिब्बल का दाँव CBI के आगे फेल हो गया। हिंदू लालू की बेटी रोहिणी आचार्य अब न्याय की उम्मीद में कानून को छोड़ अल्लाह के पास पहुँच गई है। लेकिन यह देश चलता तो कानून से ही है, शायद वो नहीं जानती!

MGM मेडिकल कॉलेज से कहानी शुरू

लालू तब मुख्यमंत्री हुआ करते थे, कैदी नहीं था। तब झारखंड बिहार से अलग भी नहीं था। लालू को अपनी बेटी से बहुत प्यार था। बड़ी वाली मीसा भारती को डॉक्टर बनवाया था MGM में दाखिला करा कर। फिर पढ़ाई के दौरान एकाध साल के भीतर ही PMCH में ट्रांसफर करवा दिया था। बवाल हुआ था।

बवाल CM लालू का क्या बिगाड़ लेता? मीसा के बाद वाली लालू की बेटी का नाम रोहिणी है। हिंदू लालू की वही रोहिणी, जिसने रोज़े वाला ट्वीट किया है। रोहिणी का भी दाखिला MGM मेडिकल कॉलेज में करवाया जाता है। यहाँ के गर्ल्स होस्टल में रोहिणी जब रहती थीं, तो उनका लोकल गार्डियन जमशेदपुर का एसपी होता था। लेखक की निजी रिश्तेदार भी उसी होस्टल में थी, इसीलिए यह जानकारी।

मीसा से कम किस्मत वाली रही रोहिणी एक मामले में। वो मामला था MGM से PMCH में ट्रांस्फर का। मीसा वाले बवाल के बाद कुछ कोर्ट-कचहरी हुआ था, जिसके कारण कम रैंक वाले बच्चे-बच्चियों का पढ़ाई के दौरान अच्छे रैंक वाले कॉलेज में ट्रांस्फर पर रोक लग गई थी (रैंक से कन्फ्यूज नहीं होना है, MGM में मैनेजमेंट सीट के रास्ते भी दाखिला होता था)। जिसका बाप CM था, उसकी बेटी को 450 किलोमीटर दूर जमशेदपुर में रहना पड़ रहा था। बेटी रोहिणी इस ‘अन्याय’ के खिलाफ काश उस साल भी रोज़ा रखती तो शायद अल्लाह-पाक की ओर से कुछ मिल सकता था। शायद ‘आसमानी’ किताब पर भरोसा तब कम था!

MBBS से पहले शादी

2002 में रोहिणी की शादी कर दी गई… पूरे हिंदू तौर-तरीके से। शादी की चर्चा ज्यादा नहीं क्योंकि तब लोकल से लेकर नेशनल मीडिया तक में सिर्फ इसी शादी के चर्चे थे। पटना के कई बिजनेसमैन इस शादी को लेकर घाटे में चले गए थे। लेकिन हिंदू रोहिणी ने उस साल इन बिजनेसमैन को न्याय दिलाने के लिए रोज़े नहीं रखे थे। आखिर बाप वाला प्यार दूसरों के लिए कैसे?

बाप अपराधी भले हो, लेकिन बेटियाँ उन्हें कभी अपराधी नहीं मानतीं। लालू जेल में आरोपित नहीं है। वो सजा काट रहा है। लालू को कानून ने साबित कर दिया है कि वो अपराधी है, सजा दी जा चुकी है। लेकिन बेटी रोहिणी को यह मंजूर नहीं। वो ‘आसमानी’ किताब के भरोसे अब रोज़ा रख कर अपने बाप के लिए न्याय माँग रही हैं।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया