दिल्ली में UP सरकार की जमीन, रोहिंग्या ने कर रखा था कब्जा: बुलडोजर से योगी सरकार ने साफ करवाया

दिल्ली में भी चला योगी सरकार का बुलडोजर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पास मदनपुर खादर में योगी सरकार ने रोहिंग्याओं के अवैध कब्जे से 150 करोड़ रुपए की जमीन खाली करवाई है। ईद के अगले दिन, गुरुवार (जुलाई 22, 2021) की सुबह 4 बजे प्रशासन ने यह कार्रवाई की। रिपोर्ट्स बताती हैं कि सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा करके रोहिंग्या कैंप बनाया गया था। इसी पर योगी सरकार ने बुलडोजर चलाकर जमीन को कब्जे से मुक्त करवाया है। पूरी कार्रवाई में सिंचाई विभाग की 2.10 हेक्टेयर जमीन मुक्त की गई है।

यूपी सरकार में जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने इस संबंध में अपने ट्वीट से जानकारी दी। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, “दिल्ली में फिर से चला योगी का बुलडोजर। योगी सरकार की दिल्ली में बड़ी कार्रवाई। मदनपुर खादर में सुबह 4 बजे ही कार्रवाई कर, सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे से रोहिंग्या कैंम्पों को हटाया गया एवं अवैध कब्जे तोड़े गए। इस दौरान यूपी सिंचाई विभाग की 2.10 हेक्टेयर जमीन मुक्त कराई गई।”

https://twitter.com/bjpdrmahendra/status/1418099064164388864?ref_src=twsrc%5Etfw

इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य मंत्री ने बताया कि उक्त जमीन पर लोगों ने कब्जा करके अपने पक्के मकान बना लिए थे। इसके बाद स्थानीय सरकार की मदद से वहाँ रोहिंग्या लोगों को बसाया गया। इस संबंध में उन्होंने एलजी से बात की और एलजी ने उन्हें आश्वासन दिया कि जमीन को खाली कराने के लिए सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह प्रदेश की एक-एक इंच की जमीन को खाली करवाएँगे। 

बता दें कि जिस मदनपुर खादर इलाके में यूपी सरकार की कार्रवाई हुई है। वो इलाका ओखला विधानसभा में आता है और वहाँ के विधायक का नाम अमानतुल्लाह खान है। ऐसे में यूपी के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह का कहना है कि वहाँ के विधायक ने कुछ अराजकता की है और उनके विरुद्ध शिकायत भी हुई है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले यूपी के अन्य इलाकों में अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की गई थी। इसमें प्रशासन ने सरकारी जमीनों पर बने धार्मिक स्थलों को हटवाया था। हालाँकि इस बार दिल्ली से सटे इलाके में योगी सरकार का बुल्डोजर चला है और इस कार्रवाई में रोहिंग्याओं के कब्जे से सिंचाई विभाग की जमीन के बड़े हिस्से को मुक्त करवाया गया है।

इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस कदम की आलोचना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे पोस्ट में देख सकते हैं कि बिन अवैध कब्जे वाली बात का जिक्र किए कार्रवाई के लिए योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। सैयद फरमान तस्वीरें साझा करते हुए लिखते हैं, 

“ईद-उल-अज़हा से अगले दिन जब कुर्बानियों से थक कर मुसलमान सो रहे थे। उस वक़्त यूपी पुलिस ने बहादुरी दिखाते हुए रोहिंग्या की मस्जिद को तोड़ दिया। साथ ही मस्जिद से थोड़ी दूर ही 16 झुग्गियाँ जिन में लगभग 100 लोग थे, सब तोड़ दी हैं। यूपी सरकार को इतनी नफ़रत, इतना ग़ुस्सा आख़िर किस बात का है? पहले रात के अंधेरे में झुग्गियों में आग लगा दी गई और अब बची हुई मस्जिद जिसकी तस्वीरें आप देख रहे है उसको तहस-नहस कर दिया। अब ये लोग सड़क पर है, ना इनके पास रहने के लिए जगह है और बैठने का कोई ठिकाना। सलाम है दोगली सरकार को। जय हो मोदी दी।”

सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा
ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया