किसानों को ₹25 हजार करोड़, ₹1.63 लाख करोड़ MSME के लिए: PM मोदी के आत्मनिर्भर पैकेज का रिपोर्ट कार्ड

पीएम मोदी के साथ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण फाइल फोटो (साभार: deccanherald)

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने रविवार (सितम्बर 13, 2020) को कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मई में घोषित किए गए 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत कई योजनाओं की प्रगति पर रिपोर्ट पेश की। वित्‍त मंत्रालय ने आत्‍मनिर्भर भारत अभियान के तहत की गई घोषणाओं पर तुरंत अमल करते हुए इस अभियान के तहत किए जाने वाले कामों की निगरानी और नियमित समीक्षा भी शुरू कर दी है।

मंत्रालय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत नाबार्ड के माध्यम से किसानों के लिए अतिरिक्त इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल फंडिंग के आवंटित 30,000 करोड़ रुपए में से 25,000 करोड़ रुपए का वितरण किया गया है। शेष विशेष लिक्विडिटी सुविधा (एसएलएफ) के तहत 5,000 करोड़ रुपए की राशि को छोटे एनबीएफसी और एनबीएफसी-एमएफआई के लिए आरबीआई द्वारा नाबार्ड को आवंटित किया गया है। नाबार्ड इसे जल्द ही शुरू करने के लिए परिचालन दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप दे रहा है।

वहीं, नाबार्ड ने ऋणदाताओं से क्रेडिट प्राप्त करने के लिए अनारक्षित गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (NBFC) और माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस (MFI) की सहायता के लिए दो एजेंसियों और बैंकों के सहयोग से संरचित वित्त और आंशिक गारंटी योजना भी शुरू की है। बैंक ने दो एजेंसियों और बैंकों के साथ भी सहयोग किया था, जिसमें ऐसे छोटे एमएफआई के लिए ऋण पात्रता को पाँच-छह गुना बढ़ाया जाएगा।

मंत्रालय ने कहा कि इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपए के बाद उन छोटे एनबीएफसी-एफआईआई द्वारा 2500 से 3000 करोड़ रुपए की क्रेडिट परिकल्पना की गई है, जो ‘गेम-चेंजर’ साबित होंगे।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि 28 अगस्त को बैंकों ने 25,055.5 करोड़ रुपए के पोर्टफोलियो की खरीद को मँजूरी दे दी है और वर्तमान में एनबीएफसी, एचएफसी और एमएफआई के लिए 45,000 करोड़ रुपए की आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना 2.0 के तहत अतिरिक्त 4,367 करोड़ रुपए की मँजूरी की प्रक्रिया में है।

नाबार्ड के जरिए किसानों को दिए 30,000 करोड़ रुपए

अब तक नाबार्ड (NABARD) के जरिए कृषि कार्यों के लिए किसानों को 30,000 करोड़ रुपए बाँटे जा चुके हैं। इसके तहत 28 अगस्‍त तक किसानों को 25,000 करोड़ रुपए दिए गए। मंत्रालय ने कहा कि ‘SBICAP’ (एसबीआई कैपिटल मार्केट्स) को एनबीएफसी, एचएफसी, एमएफआई को उधार देने के लिए 30,000 करोड़ रुपए की विशेष तरलता योजना लागू करने के लिए एक एसपीवी स्थापित करने का काम सौंपा गया था।

‘स्‍पेशल लिक्विडिटी स्‍कीम’ के तहत 37 प्रस्‍ताव मँजूर

सितंबर 11, 2020 तक 10590 करोड़ रुपए की राशि वाले 37 प्रस्तावों को मँजूरी दी गई है। 783.5 करोड़ रुपए के वित्तपोषण के लिए 06 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।

10 सितंबर तक 23 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और शीर्ष निजी बैंक 42,01,576 कर्जदारों को 1.63 लाख करोड़ रुपए का कर्ज दे चुके हैं। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि 10 सितंबर को 1.18 लाख करोड़ रुपए 25,01,999 कर्जदारों को दिए जा चुके हैं।

गौरतलब है कि केंद्र ने मई 2020 में 20 लाख करोड़ रुपए के प्रोत्‍साहन पैकेज की घोषणा करते हुए अर्थव्‍यवस्‍था, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, सिस्‍टम, वायब्रेंट डेमोग्राफी और उपभोक्‍ता माँग को ‘आत्‍मनिर्भर भारत’ के ‘5 स्‍तंभ’ बताया था। इसके बाद सरकार ने किसानों से लेकर गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) और करदाताओं (Taxpayers) से लेकर छोटे कारोबार चलाने वाली महिलाओं तक की आर्थिक मदद की।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया