जिस तारीख पर आया राम मंदिर को लेकर सुप्रीम फैसला, उसी दिन अयोध्या में बैठी योगी कैबिनेट: बोले PM मोदी- राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम

अयोध्या में सीएम योगी की बैठक, पीएम ने किया राम मंदिर का जिक्र

राम मंदिर में जैसे-जैसे प्राण प्रतिष्ठा के दिन करीब आ रहे हैं वैसे-वैसे निर्माण कार्य तेजी पर है। पीएम नरेंद्र मोदी एक तरफ मध्यप्रदेश में रैली के दौरान आज (9 नवंबर 2023) ये बात बोल आए कि राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम, तो वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राम मंदिर से जुड़े कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में अपनी पहली मंत्रिमंडल की बैठक की है। सीएम योगी ने पहले आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जाकर रामलला के दर्शन किए और फिर मंत्रिमंडल के साथियों के साथ अयोध्या में उसी तारीख को अपनी पहली बैठक की जिस दिन सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर को लेकर फैसला आया था। यानी- 9 नवंबर।

सीएम योगी सुबह 11 बजे अयोध्या स्थित रामकथा पार्क पहुँचे और फिर मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों के साथ हनुमानगढ़ी मंदिर का दर्शन किया। इसके बाद उन्होंने रामलला के भी दर्शन किए और बैठक को अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में शुरू किया। इससे पहले ये बैठकें लखनऊ में मंगलवार को होती थी। मगर अब वीरवार को अयोध्या में हुई। इस बैठक में मंदिर के निर्माण से लेकर दीपोत्सव तक पर बात होगी।

दिलचस्प बात ये है कि सीएम योगी आदित्यानाथ जहाँ राम मंदिर के कार्य में कोई ढिलाई नहीं बरत रहे। वहीं पीएम ने सतना में रैली करते हुए साफ कर दिया है कि जब तक राम मंदिर का काज पूरा नहीं होता तब तक विश्राम नहीं करेंगे।

सतना में पीएम मोदी की रैली और अयोध्या का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सतना में रैली के एक ओर जहाँ जमकर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कॉन्ग्रेस आई-तबाही लाई का नारा दिया। तो वहीं अयोध्या में राम मंदिर पर खुलकर बात करते हुए कहा, “आजकल मैं जहाँ भी जाता हूँ वहाँ अयोध्या में बन रहे प्रभु राम के बन रहे भव्य मंदिर की चर्चा चलती है। पूरे देश में खुशी की लहर है।”

इसके बाद उन्होंने बताया कि उन्हे प्रेरणा- राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहाँ बिश्राम चौपाई से प्रेरणा मिलती है और यही बात हमेशा उनके काम में गूँजती रहती है। आगे वह जनता से बोले-अब रुकना नहीं है। अब थकना नहीं है और विश्राम का तो सवाल पैदा ही नहीं होता।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया