श्रीलंका में राजपक्षे के ऑफिस में मिली करोड़ों की नकदी, उनका पैतृक आवास फूँका: राष्ट्रपति भवन में मस्ती करते और IMF का मजाक बनाते नजर आए लोग

श्रीलंका के राष्ट्रपति भवन में नकदी गिनते प्रदर्शनकारी (फोटो साभार: आजतक)

श्रीलंका में आर्थिक संकट को लेकर लोगों में उपजे असंतोष के बाद राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शनकारियों के कब्जे के पास एक से एक हैरतअंगेज खुलासे हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति भवन में रखी गोटबाया राजपक्षे की करोड़ों रुपए की नकदी प्रदर्शनकारियों के हाथ लगी है।

इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है राष्ट्रपति भवन पर कब्जा करने वाले प्रदर्शनकारियों में से एक नोटों की गड्डियाँ गिन रहा है। वहीं एक प्रदर्शनकारी नोटों का बंडल दिखा रहा है।

स्थानीय अखबार डेली मिरर के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के बंगले से मिले करोड़ों रुपए को सुरक्षा बलों को सौंप दिया है। वहीं, सुरक्षा इकाइयों का कहना है कि प्राथमिक जाँच के बाद इसके बारे में उठाए गए कदमों की जानकारी देंगे।

वहीं, श्रीलंका के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल शैवेंद्र सिल्वा ने देश के सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और आर्मी, सशस्त्र बलों एवं पुलिस को अपना समर्थन देने का आग्रह किया। सिल्वा ने कहा कि इस संकट की घड़ी में देश में स्थापित करना पहली प्राथमिकता है।

उधर राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और उनके बड़े भाई एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे का हंबनटोटा में स्थित पैतृक घर को सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने आग के हवाले कर दी। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

इसके पहले प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के घर में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ और आगजनी की थी। हालाँकि, प्रदर्शनकारियों द्वारा नेताओं के निजी घरों को आग लगाने पर चारों तरफ आलोचना की जा रही है।

प्रदर्शकारियों ने विक्रमसिंघे के घर में आग लगाने की घोषणा तब तक, जब वे प्रधानमंत्री पद छोड़ने की घोषणा सार्वजनिक तौर पर कर चुके थे और सर्वदलीय सरकार बनाने के लिए अपनी इच्छा के बारे में बता चुके थे।

विक्रमसिंघे की इस्तीफे की घोषणा के बाद पर्यटन एवं भूमि मंत्री हरिन फर्नांडो और श्रम एवं विदेश रोजगार मंत्री मानुषा नानायकारा ने भी तुरंत इस्तीफा दे दिया था। वहीं, निवेश संवर्धन मंत्री धम्मिका परेरा ने भी रविवार (10 जुलाई 2022) को अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

बता दें कि शुक्रवार (8 जुलाई 2022) को देश के कोने-कोने से रेलगाड़ियों और विभिन्न वाहनों में कोलंबो पहुँचे प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद राष्ट्रपति वहाँ से भाग गए। कहा जाता है कि वे नौसेना के जहाज में सवार हो कर कोलंबो से बाहर निकल गए हैं।

वहीं, हजारों प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन में डटे हुए हैं। वे वहाँ प्रेसिडेंशियल सुइट का जमकर आनंद उठा रहे हैं। दर्जनों लोगों के स्वीमिंग पुल में तैरते हुए वीडियो सामने आया है। प्रदर्शनकारी पुल में अठखेलियाँ कर रहे हैं। वहीं, कुछ शॉवर में नहा रहे हैं।

राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शनकारी पियानो बजाते भी नजर आए। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे का चुनावी अभियान गीत ‘द हीरो दैट वर्क्स’ को प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति कार्यालय में बजाया और गाया। इस दौरान वे मस्ती करते नजर आए।

इतना ही नहीं, इस दौरान प्रदर्शनकारी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा फंड का भी मजाक उड़ाते नजर आए।

इसके अलावा, कुछ प्रदर्शनकारियों को सोफे पर लेटे हुए तो कुछ विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के बैठने वाली कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारी लंबे संघर्ष के बाद अपनी थकान मिटाते तथा मस्ती के मूड में नजर आ रहे हैं।

उधर इंडियन ऑयल कंपनी की सहायक कंपनी लंका इंडियन ऑयल कंपनी (LIOC) ने कहा कि उसने आज 10 जुलाई 2022 से ईंधन वितरण फिर से शुरू कर दिया है। कंपनी ने कहा कि त्रिंकोमाली टर्मिनल 24 घंटे काम कर रहा है।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया