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₹200 के लिए गुणानंद और मुर्शीद के बीच विवाद, कट्टर पंथियों ने CAA-NRC से जोड़ की आगजनी, पथराव

दरभंगा जिले में ही पिछले दिनों सर्वे करने आई एक टीम को कट्टरपंथियों ने सीएए से जोड़ बंधक बना लिया था। साथ ही उनसे मारपीट भी की थी। 17 सदस्यीय टीम में चार महिलाएँ भी शामिल थीं। काफी जद्दोजहद के बाद प्रशासन ने सर्वे टीम को भीड़ से मुक्त कराया था।

बिहार के दरभंगा जिले में रविवार (फरवरी 2, 2020) को समुदाय विशेष के लोगों ने जमकर हिंसा की। घटना मनीगाछी प्रखंड के दहौड़ा गॉंव की है। 200 रुपए की लेनदेन के विवाद को सांपद्रायिक रंग दे दिया गया। पत्थरबाजी और आगजनी की गई। तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। दर्जन भर लोगों को गंभीर चोटें आई। घटना की सूचना मिलने पर मनीगाछी, नेहरा, बाजितपुर, बहेड़ा, सकतपुर सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुँची। हिंसा पर काबू पाने में 6 पुलिस वाले भी घायल हो गए। इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गुणानंद यादव और बाइक मिस्त्री मोहम्मद मुर्शीद के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। ग्रामीणों के अनुसार गुणानंद ने अपने ट्रैक्टर से मुर्शीद के यहाँ मिट्टी गिराई थी। दो सौ रुपए बकाया था जिसे देने में मुर्शीद आनाकानी कर रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने ऑपइंडिया को बताया कि लेनदेन के विवाद को मुर्शीद ने एनआरसी और सीएए से जोड़ दिया। इसके बाद समुदाय विशेष के लोग हिंसा पर उतर आए। मस्जिद से भी पथराव किए जाने की बात स्थानीय लोगों ने कही है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गॉंव के ​हिंदुओं को दौड़-दौड़ा कर पीटा गया।

हिंसक भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने बाजार की दुकानों में भी तोड़फोड़ और लूटपाट की। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि बाजार के अधिकांश दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए। प्रारंभिक तौर पर तोड़फोड़ में करीब चार लाख की क्षति होने की बात बताई सामने आई है। हालाँकि, अभी लोगों का कहना है कि यह अनुमान बढ़ सकता है। स्थानीय प्रशासन की ओर से किए गए सर्वे में करीब 21 क्षतिग्रस्त दुकानों को चिह्नित किया गया है।

दैनिक जागरण के दरभंगा संस्करण में 3 फरवरी 2020 को प्रकाशित खबर

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, स्थिति सामान्य करने के लिए स्थानीय विधायक ललित कुमार यादव ने घटनास्थल पहुँचकर शांति मार्च किया। शांति बनाए रखने की अपील की। समय रहते माहौल को नियंत्रण करने के लिए उन्होंने प्रशासन को बधाई दी। लोगों से कहा कि प्रशासन को कार्रवाई करने में मदद करें। ताकि, ऐसी घटना फिर से न हो।

इधर, अधिकारियों ने भी गणमान्य लोगों से शांति समिति की बैठक कर लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाने की अपील की। अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित कर प्रशासन को सूचित करने को कहा। साथ ही ग्रामीणों ने माहौल सामान्य होने तक गाँव में मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने की माँग की।

ताजा जानकारी के अनुसार इस मामले में अराजक तत्वों के ख़िलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी। अवर निरीक्षक रमाशंकर पांडेय के आवेदन पर 23 लोगों को नामजद एवं करीब 150 अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। नामजद लोगों में से 18 को सोमवार को न्यायायिक हिरासत में भी भेजा गया है। इसकी जानकारी एसडीपीओ उमेश्वर चौधरी ने दी।

फिलहाल गाँव का माहौल सामान्य करने के लिए शांति समिति की बैठक का गठन करके कई प्रयास किए जा रहे हैं। सोमवार को इस समिति की बैठक बीडीओ मनोज कुमार राय की अध्यक्षता में हुई। इसमें सभी लोगों से आपसी सौहार्द व भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई।

प्रभात खबर के दरभंगा संस्करण में 4 फरवरी 2020 को प्रकाशित खबर

दरभंगा जिले में ही पिछले दिनों सर्वे करने आई एक टीम को कट्टरपंथियों ने सीएए से जोड़ बंधक बना लिया था। साथ ही उनसे मारपीट भी की थी। यह घटना 31 जनवरी की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जमालपुर थाना क्षेत्र के झगरुआ गॉंव में शुक्रवार को लखनऊ से सामाजिक सर्वे करने आई 17 सदस्यीय टीम को बंधक बना लिया गया। टीम में चार महिलाएँ भी शामिल थीं। काफी जद्दोजहद के बाद प्रशासन ने सर्वे टीम को भीड़ से मुक्त कराया था। उससे पहले भीड़ ने बंधकों से लिखवाया, “हम यह सर्वे RSS और बजरंग दल के लिए कर रहे हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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