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अर्पित त्रिपाठी

अवध से बाहर निकला यात्री...

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।

EC में कैसे आए 3 कमिश्नर? जब राजीव गांधी से भिड़े CEC शास्त्री, तो बदल दिया गया चुनाव आयोग का पूरा गेम

चुनाव आयोग में तीन कमिश्नर्स की व्यवस्था कैसे शुरू हुई? राजीव गाँधी, आरवीएस शास्त्री और टीएन शेषन से जुड़ी पूरी कहानी समझिए।

राम मनोहर लोहिया के सिद्धांतों से भटकी समाजवादी पार्टी, ‘PDA’ के नाम पर सिर्फ ‘MY’ समीकरण को तरजीह: समझिए कैसे दलितों की अनदेखी कर...

सामाजिक न्याय का दावा करने वाली सपा आज भी अपने पुराने ढर्रे पर चल रही है, जिससे उसका 'PDA' का रैपर महज एक चुनावी चुनावी हथकंडा नजर आता है।

स्मार्ट लॉक्स बन रहे मौत का फंदा, दिल्ली से लखनऊ तक बिजली कटते ही जाम हुए बायोमेट्रिक दरवाजे: आखिर ‘फेल सिक्योर’ तकनीक क्यों ले...

स्मार्ट दरवाजे में एक 'मैकेनिकल ओवरराइड' यानी मैनुअल लॉक सिस्टम होना अनिवार्य है, ताकि आपातकाल में उसे हाथ से खोला जा सके।

क्या अकाल तख्त के आदेश पर CM इस्तीफा दे दें? भगवंत मान विवाद और टिवाना का ऐतिहासिक सबक: जब जिन्ना के दवाब में झुके...

क्या धार्मिक संस्थाएँ निर्वाचित नेताओं के राजनीतिक भविष्य का फैसला कर सकती हैं? खिज्र हयात टिवाना के बहाने भगवंत मान विवाद का पूरा विश्लेषण।

9 घंटे बिजली, 27% शॉर्टफॉल और ‘कटिया मॉडल’ की सरकारी व्यवस्था: आँकड़े ही बताते हैं अखिलेश राज की बदहाल बिजली व्यवस्था की कहानी

क्या अखिलेश राज में बेहतर थी बिजली व्यवस्था? पढ़िए UP बिजली संकट, कटियाबाजी, कम बिजली सप्लाई और बिजली चोरी पर विस्तृत रिपोर्ट

केवल कारों को EV बनाने से नहीं खत्म होगा तेल संकट क्योंकि 59% पेट्रोल बाइक वाले फूँक डालते हैं: जानिए क्यों ग्रीन एनर्जी मिशन...

सिर्फ कारों को इलेक्ट्रिक कर देना इस मर्ज की दवा नहीं है। असली समाधान छुपा है टू-व्हीलर्स और ट्रक्स को ग्रीन एनर्जी पर शिफ्ट करने में।

वेनेजुएला और ईरान पर चीन की चुप्पी ने किया साबित, वो सिर्फ मौका परस्त: नहीं है सुपरपॉवर जैसी कोई बात, फिर भी हमारे लिबरल्स...

चीन के पास अभी अमेरिका जैसी शक्ति नहीं है। भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियाँ अपनाते रहना चाहिए, जैसा वो कर भी रहा है।