Homeदेश-समाजDMK सरकार ने श्री नरसिम्हा अंजनेयर स्वामी मंदिर को ढहाया, विरोध करने वाले 20...

DMK सरकार ने श्री नरसिम्हा अंजनेयर स्वामी मंदिर को ढहाया, विरोध करने वाले 20 भक्तों को लिया हिरासत में: अवैध निर्माण का दिया हवाला

गुस्साए हिंदू भक्तों ने विरोध प्रदर्शन किया और मंदिर के विध्वंस पर आपत्ति भी जताई। विरोध करने और पुलिस के साथ बहस करने वाले लगभग 20 लोगों को हिरासत लिया गया था।

तमिलनाडु सरकार ने सोमवार (10 जनवरी 2022) को चेन्नई में श्री नरसिम्हा अंजनेयर स्वामी मंदिर को ध्वस्त कर दिया। सरकार ने इसके पीछे का कारण वरदराजपुरम में अड्यार नदी के किनारे का अतिक्रमण बताते हुए इसे अवैध मंदिर निर्माण करार देते हुए तोड़ दिया। तांबरम असिसटेंट कमिश्नर के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ राजस्व अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और मंदिर को गिराना शुरू कर दिया।

यह कार्रवाई मंदिर ट्रस्ट को तीन बार अतिक्रमण का नोटिस दिए जाने के बाद की गई है। गुस्साए हिंदू भक्तों ने विरोध प्रदर्शन किया और मंदिर के विध्वंस पर आपत्ति भी जताई। रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार को विरोध करने और पुलिस के साथ बहस करने वाले लगभग 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें पास के सामुदायिक हॉल में हिरासत में रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि श्री नरसिम्हा अंजनेयर स्वामी का मंदिर पिछले 25 वर्षों से मुदिचुर के पास स्थित था और 55 सेंट भूमि पर बनाया गया था। कुछ साल पहले, राजस्व अधिकारियों ने पाया कि मंदिर का निर्माण अतिक्रमित जलाशय पर किया गया है और मंदिर के प्रतिनिधियों को नोटिस जारी किया। तांबरम में नरसिंह अंजनेयर मंदिर की मूर्तियों को विध्वंस के दौरान ट्रस्टियों को सौंप दिया गया था।

‘तटों पर बने मंदिरों पर अतिक्रमण का दावा नहीं किया जा सकता’- कामचीपुरम मठ

जानकारी के मुताबिक मंदिर 25 साल से है। इसे 2015 में गिरा दिया गया था और उसी स्थान पर फिर से बनाया गया था। इससे पहले जुलाई 2021 के महीने में तमिलनाडु सरकार ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अतिक्रमण हटाने के नाम पर एक तालाब मुथनंकुलम के किनारे 125 साल पुराने मंदिर को गिरा दिया था। कामचीपुरम मठ ने तब बताया था कि अधिकांश हिंदू मंदिर नदी या झीलों के किनारे बनाए गए थे ताकि भक्त मंदिरों में प्रवेश करने से पहले स्नान कर सकें या अपने पैर और हाथ धो सकें, जिन्हें अतिक्रमण के रूप में दावा नहीं किया जा सकता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करो’: माँग जब जिद में बदल जाए, प्रदर्शन जब राजनीति की टूल बन जाए तो भीड़तंत्र को लोकतंत्र पर हावी...

कॉकरोचों को पता ही नहीं चला कि कब उनके नीचे की जमीन पर बैटिंग कोई और कर रहा है, और वो भी उस खेल में शामिल हो गए।

जौहर यूनिवर्सिटी के फायदे के लिए बना ₹150 करोड़ का फ्लाईओवर, आजम खान ने कौड़ियों के भाव जमीनें हड़पीं: रामपुर के ग्रामीणों ने ऑपइंडिया...

लोगों का आरोप है कि आजम खान अपने घर से सीधे और बिना किसी जाम के यूनिवर्सिटी पहुँचने के लिए इस ₹150 करोड़ के प्रोजेक्ट को पास करवाया था।
- विज्ञापन -