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विजयादशमी के जुलूस पर पथराव के बाद मालपुरा में लगे कर्फ़्यू में दी गई 2 घंटे की ढील, बंद रहेगी इंटरनेट सेवा

दशहरे के शुभ अवसर पर मालपुरा कस्बे में अराजक तत्वों ने जुलूस पर पथराव किया था, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण बन गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए ज़िला प्रशासन ने इलाक़े में 9 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से कर्फ़्यू लगा दिया था।

राजस्थान में टोंक के मालपुरा में आज (11 अक्टूबर) कर्फ़्यू में 2 घंटे की ढील दी गई, लेकिन इंटरनेट सेवा रविवार (13 अक्टूबर) तक बंद रहेगी। यह ढील सुबह 8:30 बजे से 10:30 तक दी गई। इसकी जानकारी कलेक्टर केके शर्मा ने दी। शांति समिति की बैठक के बाद इसकी घोषणा की गई। इस दौरान लोगों को दोपहिया वाहन के इस्तेमाल पर छूट दी गई थी। 

दरअसल, दशहरे (8 अक्टूबर) के शुभ अवसर पर मालपुरा कस्बे में अराजक तत्वों ने जुलूस पर पथराव किया था, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण बन गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए ज़िला प्रशासन ने इलाक़े में 9 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से कर्फ़्यू लगा दिया था। साथ ही रात को 12 बजे के बाद से सभी कंपनियों की इंटरनेट सेवा 48 घंटों के लिए बंद कर दी गई थी। इस तरह बीते तीन दिनों से इलाक़े में कर्फ़्यू जारी है।

जानकारी के मुताबिक इलाके में दशहरे का जुलूस जब मुस्लिम बहुल इलाके की आरएसी चौकी के पास से गुजर रहा था, उसी समय माहौल बिगाड़ने के लिए कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इससे जुलूस में शामिल लोगों में भगदड़ मच गई।

दशहरे पर हुई इस घटना के विरोध में मालपुरा के विधायक कन्हैयालाल 150 लोगों के साथ धरने पर बैठ गए और रावण दहन भी नहीं होने दिया गया। इनकी माँग थी कि जब तक पत्थरबाजों को नहीं पकड़ा जाएगा, तब तक वह रावण दहन नहीं करेंगे। लेकिन हालातों के बिगड़ने के डर से प्रशासन ने नगरपालिका के कर्मचारियों के साथ मिलकर बुधवार (9 अक्टूबर) की सुबह 4:30 बजे रावन दहन कर दिया और इसके बाद 6 बजे से ही वहाँ पर कर्फ्यू लगा है। मालपुरा विधायक ने थाने के बाहर बैठकर धरना भी दिया था।

घटना के बाद से इलाके की स्थिति इतनी नाजुक थी कि पूरे दशहरा मैदान को पुलिस व अन्य बलों के जवानों ने अपनी निगरानी में ले लिया। बाद में कलेक्टर केके शर्मा व एसपी आदर्श सिद्धु की उपस्थिति में रावण दहन हो पाया। सुबह कस्बे में अख़बारों के वितरण पर रोक लगाते हुए रोडवेज़ बसों से पहुँचे अखबारों के बंडलों को भी प्रशासन ने कब्ज़े में ले लिया था।

उल्लेखनीय है कि टोंक जिले में मालपुरा कस्बा हमेशा से संवेदनशील रहा है। यहाँ कहा जाता है कि हर साल 2 या 3 बार हिंदू मुस्लिम आबादी आपस में भिड़ते हैं। जिसके चलते कई बार यहाँ दंगे भी हो चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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