‘कहीं हाथ जोड़ने की जगह मोड़कर प्रार्थना, कहीं जुमे को छुट्टी’ : झारखंड में दिखने लगा फिर सरकारी स्कूलों पर ‘उर्दू’ नाम, स्थानीय बनाते हैं दबाव

झारखंड के पलामू के स्कूल में हाथ जोड़ने के बजाए हाथ मोड़ कर प्रार्थना (चित्र साभार- दैनिक जागरण)

झारखंड के पलामू में बने कुछ सरकारी स्कूलों को लेकर पता चला है कि उन्हें धीरे-धीरे उर्दू स्कूल जैसा बनाया जा रहा है। कथिततौर पर इस स्कूल में हो रहे बदलावों के पीछे कुछ स्थानीय लोगों का हाथ है। इन्हीं लोगों के दबाव के चलते अब सरकारी स्कूल में प्रार्थना हाथ जोड़कर नहीं, मोड़कर होती है। वहीं कई लोग अपने बच्चों को शुक्रवार को स्कूल नहीं भेज रहे।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक मामला छतरपुर प्रखंड के डाली पंचायत का है। यहाँ पर क्लास 1 से 8 तक की पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूल उतक्रमित मध्य विद्यालय ठेंकहीटांड है। आरोप है कि इसी स्कूल में सरकार के नियमों की अनदेखी कर के बच्चों के हाथो मोड़ कर प्रार्थना करवाई जा रही है।

इसी के साथ विश्रामपुर के डेहरिया स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में कई अभिभावक शुक्रवार को अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। वहीं बाना के सरकारी स्कूल के नाम के आगे उर्दू अभी तक नहीं हटाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ समय के लिए उर्दू शब्द को कूड़े से ढक दिया गया था जहाँ फिर से कूड़ा हटा लिया गया है।

जागरण से बात करते हुए उत्क्रमित मध्य विद्यालय, ठेंकहीटांड के प्रिंसिपल नागेंद्र राम से हाथ मोड़ कर हो रही प्रार्थना को पहले से आ रही परम्परा बताया है। वहीं डाली पंचायत की मुखिया पूनम जायसवाल ने हाथ मोड़ कर प्रार्थना को सरकारी नियमों के विरुद्ध बताते हुए इसमें तत्काल सुधार की माँग की।

इस मामले पर संज्ञान लेते हुए पलामू के डीईओ सह डीएसई अनिल कुमार ने कहा कि सोमवार को स्कूल बंद है अतः मंगलवार को स्कूल खुलने पर इसकी जाँच की जाएगी। उन्होंने बताया कि जाँच में जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि झारखंड के स्कूलों में इस्लामी तौर-तरीकों को अपनाए जाने का ये पहला मामला नहीं है। जुलाई 2022 में सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड में शिक्षक रामेन्द्र दुबे ने अकबर नाम के आरोपित पर शुक्रवार के बजाए रविवार को छुट्टी देने के चलते अपनी पिटाई का आरोप लगाया था। अकबर को CM सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़ा बताया गया था। जुलाई 2022 में ही झारखंड के 5 जिलों के 70 ऐसे स्कूलों के नाम सामने आए थे जहाँ रविवार के बजाए शुक्रवार को छुट्टी हो रही थी। इसी के साथ उन स्कूलों की प्रार्थना पद्धति भी बदली हुई थी।

जुलाई में ही झारखंड के लोहरदगा में सरकारी स्कूल को उर्दू हाईस्कूल बनाने की शिकायत भाजपा नेता ने की थी जिस पर झारखंड के शिक्षा विभाग ने जाँच के आदेश दिए थे। इसी माह झारखंड हाईकोर्ट में पंकज यादव नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने जनहित याचिका डालते हुए बताया था कि झारखंड के स्कूलों का इस्लामीकरण हो रहा है। याचिका में पंकज यादव ने स्कूलों में बच्चों पर शरिया थोपे जाने का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय से इसे रोकने की माँग की थी। इसके अलावा सितम्बर 2022 में राँची के एक सरकारी स्कूल में कुछ मुस्लिमों ने घुस कर दोस्ती न करने पर छात्रा क उठा ले जाने की धमकी दी थी।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया