Saturday, July 13, 2024
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‘बच्चों को नमाज पढ़ने के लिए छुट्टी क्यों नहीं देते हो’- झारखंड के हिंदू शिक्षक रमेंद्र दुबे को अकबर खान ने विद्यार्थियों के सामने मारा, मंत्री का है करीबी

कहा जा रहा है कि पुलिस ने FIR लिखने के लिए शिकायत दोबारा लिखवाई और उसमें से नमाज सहित अन्य बातों को हटवा दिया। शिक्षक दुबे ने झामुमो नेता अकबर खान से अपनी जान को भी खतरा बताया है और सुरक्षा की माँग की है। शिक्षक का कहना है कि अकबर राज्य के मंत्री जोबा मांझी का करीबी है।

झारखंड (Jharkhand) के मुस्लिम बहुल इलाकों के स्कूलों में रविवार की जगह शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी करने के बाद अब नमाज पढ़ने के लिए छुट्टी नहीं देने पर एक शिक्षक को पीटने को मामला सामने आया है। सत्ताधारी पार्टी के एक नेता ने स्कूल में घुसकर बच्चों के सामने शिक्षक को पीट दिया।

मामला पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड का बताया जा रहा है। यहाँ के सरकारी स्कूल के एक शिक्षक कहना है कि बच्चों को नमाज पढ़ने की छुट्टी नहीं देने का आरोप लगाकर उन्हें पीटा गया। शिक्षक की पिटाई करने वाला सीएम हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का स्थानीय नेता अकबर खान है।

पीड़ित शिक्षक रमेंद्र दुबे है। उनका कहना है कि जब वह मामले की शिकायत लेकर शुक्रवार (29 जुलाई) को गोइलकेरा थाना में गए तो सत्ताधारी पार्टी का नेता होने के कारण उनकी शिकायत नहीं ली गई। अगले दिन शनिवार (30 जुलाई) को उनसे शिकायत ली गई और 24 घंटे के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।

कहा जा रहा है कि पुलिस ने FIR लिखने के लिए शिकायत दोबारा लिखवाई और उसमें से नमाज सहित अन्य बातों को हटवा दिया। शिक्षक दुबे ने झामुमो नेता अकबर खान से अपनी जान को भी खतरा बताया है और सुरक्षा की माँग की है। शिक्षक का कहना है कि अकबर राज्य के मंत्री जोबा मांझी का करीबी है।

पिटाई के बाद जब शिक्षक रमेंद्र दुबे ने अकबर से अपनी गलती पूछी तो उसने कहा कि बच्चों को 11.30 बजे नमाज पढ़ने के लिए छुट्टी क्यों नहीं देते हो। दुबे का कहना है कि उन्होंने बच्चों को नमाज पढ़ने से कभी नहीं रोका, लेकिन अकबर ने कहा कि बच्चों ने ऐसा कहा है।

उधर अकबर खान का कहना है कि मारपीट की कोई घटना नहीं हुई है। अगर 11.50 में छुट्टी होती है तो कोई बच्चा पूजा करने या नमाज पढ़ने या घर जाना चाहता है तो उसे जाने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फँसाया जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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