बाबरी वर्षगाँठ पर CM योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में सुरक्षा तंत्र को दुरुस्त करने का दिया निर्देश

योगी सरकार एक्शन में, सुरक्षा तंत्र को दुरुस्त करने का दिया निर्देश (फ़ाइल फ़ोटो)

योगी आदित्यनाथ ने 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगाँठ से पहले पर्याप्त सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने के लिए सभी नागरिकों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है।

इस महीने की 9 तारीख को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवादित भूमि पर ऐतिहासिक फ़ैसला दिया था। इसके तहत मंदिर निर्माण के लिए हिन्दुओं को पूरी विवादित ज़मीन देने का फ़ैसला सुनाते हुए मस्जिद के लिए अयोध्या में ही विवादित स्थल से अलग पाँच एकड़ ज़मीन देने के आदेश दिया था।

अधिकतर मुस्लिम याचिकाकर्ताओं ने मस्जिद के लिए पाँच एकड़ ज़मीन के आदेश को खारिज कर दिया था और शीर्ष अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ उन्होंने एक समीक्षा याचिका दायर करने की योजना बनाई।

ख़बर के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने वाले सीएम योगी ने कहा कि सभी सुरक्षा व्यवस्था 15 दिसंबर तक लागू रहेगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सीएम ने गश्त, यूपी-112 पेट्रोलिंग के साथ पीस कमिटियों, धर्मगुरुओं और समाज के प्रमुख लोगों से लगातार संवाद कायम रखने पर ज़ोर दिया।

सीएम योगी ने धार्मिक स्थलों, वाणिज्यिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों, एटीएम और बैंकों समेत अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।

ख़बर के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए ज़िला, रेंज और मंडल के पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ क़ानून-व्यवस्था सहित महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी मुख्यालय से लेकर प्रत्येक स्तर पर कम से कम एक घंटा जनसुनवाई के लिए सुनिश्चित करें। महिला अपराधों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए सीएम ने पॉक्सो ऐक्ट से जुड़े मामलों में प्रगति पर संतोष जताया। सीएम ने प्लास्टिक, थर्मोकोल, पॉलीथीन के प्रयोग को प्रभावी तरीके से रोकने को कहा।

इसके अलावा, उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को हर हाल में 30 नवंबर तक स्वेटर उपलब्ध कराए जाएँ। इस लापरवाही बरतने वाले संबंधित डीएम और बीएसए के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई की जाएगी। जनगणना कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना के साथ पारदर्शिता व ईमानदारी से कार्य करते हुए शौचालय निर्माण और अन्य योजनाओं से जुड़े आंकड़ों पर नज़र रखने के निर्देश भी दिए गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया