60 हिंदुओं ने एक साथ कबूल किया इस्लाम, कलमा पाठ का वीडियो किया शेयर: पाकिस्तान के सिंध में खौफ या लालच?

अब्दुल रऊफ निजमानी और सामूहिक धर्मांतरण

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बुधवार (जुलाई 7, 2021) को 60 से अधिक हिंदुओं को सामूहिक रूप से इस्लाम में परिवर्तित किया गया। इस मामले में अब्दुल रऊफ़ निज़ामनी नाम का एक व्यक्ति, जन धर्मांतरण प्रक्रिया का सूत्रधार रहा। एक फेसबुक पोस्ट में, आरोपित ने खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “अल्हम्दुलिल्लाह आज मेरी निगरानी में 60 लोग मुसलमान हुए हैं, इनके लिए दुआ करें।”

सामूहिक धर्मांतरण प्रक्रिया का स्क्रीनशॉट

अब्दुल रऊफ निजामनी के फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक, वह पाकिस्तान के सिंध में मतली में नगर समिति का अध्यक्ष है। आरपित के निजी प्रोफाइल पर 4275 फॉलोअर्स हैं।

आरोपित के फेसबुक प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट

उसके द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में, एक इस्लामी मौलवी को 60 हिंदुओं को कलमा (इस्लामी शपथ) पढ़ते हुए और उनका धर्मांतरण सुनिश्चित करते हुए देखा जा सकता है।

Video courtesy: Youtube/OpIndia

एक वीडियो में, उक्त इस्लामी मौलवी को यह दावा करते हुए देखा जा सकता है कि यह उनकी पहली नमाज़ का पाठ था। मौलवी नए धर्मांतरित लोगों से बात करते हुए कहता है, “एक मुसलमान के जीवन का एकमात्र उद्देश्य अल्लाह को खुश करना है। तभी जीवन का उद्देश्य पूरा होगा। केवल उन्हीं का जीवन आगे बढ़ता है, जिन्हें अल्लाह पसंद करते हैं। जिसने अल्लाह को खुश कर लिया, उसकी जिंदगी कामयाब हो जाती है।”

13 साल की हिंदू लड़की का अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन

पाकिस्तान का सिंध प्रांत जबरन धर्म परिवर्तन का गढ़ रहा है। इससे पहले मार्च में, सिंध के कंधकोट इलाके से कविता ओड नाम की एक 13 वर्षीय हिंदू लड़की का अपहरण कर लिया गया था और फिर उसे जबरन इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया था। घटना का एक वीडियो ऑनलाइन वायरल हो गया और इसे पाकिस्तानी पत्रकार नाइला इनायत ने ट्विटर पर शेयर किया।

वीडियो में नाबालिग लड़की को धर्मांतरण समारोह में भीड़ के साथ जमीन पर बैठा हुआ देखा जा सकता है। इनायत के मुताबिक, धर्मांतरण समारोह भरचुंडी मस्जिद के कुख्यात मौलवी मियाँ मिट्ठू ने करवाया था। मिट्ठू एक कट्टर मौलवी और राजनेता है और गरीब हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्मांतरण के लिए कुख्यात है।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के उपाध्यक्ष सुखदेव हेमनानी द्वारा ट्विटर पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, उन्होंने बताया कि वह स्थानीय अधिकारियों के साथ मामले की जाँच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों से साबित हो गया है कि लड़की सिर्फ 13 साल की थी और उसे अदालत में मुकदमा दायर करने के लिए वकीलों की मदद मिल रही थी।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया