Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयहिंदू लगा रहे थे 'जय माता दी' के नारे, पाकिस्तानी प्रशासन ने तोड़ दिया...

हिंदू लगा रहे थे ‘जय माता दी’ के नारे, पाकिस्तानी प्रशासन ने तोड़ दिया हिंगलाज माता का मंदिर: क्रिकेटर दानिश कनेरिया Video शेयर कर बताया

पाकिस्तान में हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है। वहाँ के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने इस बात ट्वीट करके जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि अतिक्रमण का हवाला देकर हिंगलाग माता मंदिर को थारपारकर के मीठी में ध्वस्त किया गया।

पाकिस्तान में हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है। वहाँ के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने इस बात की ट्वीट करके जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि अतिक्रमण का हवाला देकर थारपारकर के मिठी में ‘हिंगलाग माता मंदिर’ को ध्वस्त किया गया।

दानिश कनेरिया ने ट्वीट में लिखा, “पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा हिंदू धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई जारी है। मीरपुरखास के अतिक्रमण निरोधक अदालत के आदेश के बाद पाकिस्तान के मिठी, थारपारकर में हिंगलाज माता मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया है।”

अपने दावे के साथ उन्होंने एक वीडियो भी शेयर की। इसमें कुछ हिंदू खड़े होकर जोर-जोर से ‘हिंगलाज माता की जय हो, हिंदू धर्म की जय हो’ जैसे नारे लगा रहे हैं।

बता दें कि पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों का अपमान होना नया नहीं है। दानिश कनेरिया ने पिछले साल भी कराची में एक हिंदू मंदिर पर हुए हमले की जानकारी दी थी। इस बार भी वो यही गुहार लगा रहे हैं कि कोई हिंदुओं की पीड़ा सुन ले। लेकिन प्रशासन के कान पर जूँ नहीं रेंग रही।

कुछ अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस वीडियो को शेयर करके यही दावा किया है। आदित्य राज कौल ने भी बताया है कि सिंध की मीरपुरखास अतिक्रमण निरोधक कोर्ट द्वारा हिंगलाग माता मंदिर को तोड़ने का आदेश दिया गया। आदित्य ने अपने ट्वीट में पूछा कि क्या इस तरीके से पाकिस्तान में किसी मस्जिद के साथ हो सकता है? दुनिया आखिर ऐसे अत्याचारों पर क्यों चुप है।

वीडियो की पड़ताल करते हुए हमें एक पाकिस्तानी का ट्वीट भी मिला। इसमें उसने दावा किया था- “ये कोई ऐतिहासिक मंदिर नहीं है और न ही कोई धार्मिक स्थल। प्लॉट को किसी ने कब्जाया हुआ था जिसने बाद में उस प्रॉपर्टी पर मंदिर बना दिया, जो असल में दूसरे हिंदू की थी। इसीलिए दूसरी पार्टी ने कोर्ट की शरण ली और फैसला आने के बाद अवैध कब्जे को गिरवाया। पाकिस्तानी सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसी को बेल मिली तो घर नहीं जा सका, कोई अब तक जेल में… संसद की सुरक्षा में सेंधमारी को सामान्य बनाना चाह रहे...

हर पीढ़ी में ऐसे युवा होते हैं जो व्यवस्था बदलना चाहते हैं। लेकिन ये भी समझना जरूरी है कि व्यवस्था बदलने और कानून तोड़ने में अंतर होता है।

PM की हत्या की साजिश, संसद में घुसने का प्रयास और पुलिस पर पथराव: Insta रील से इतर समझें ‘कॉकरोचों’ का एजेंडा, कैसे ठगे...

एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
- विज्ञापन -