थरूर ने फिर दी कॉन्ग्रेस को नसीहत!: ट्रंप–ममदानी मुलाकात का Video शेयर कर लिखा- ऐसा भारत में भी नजर आना चाहिए, BJP ने कहा- फतवा आता ही होगा

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर अपने बयान से राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। शनिवार (22 नवंबर 2025) को थरूर ने X पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क सिटी के मेयर-इलेक्ट जोहरान ममदानी के बीच व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में चुनाव के बाद प्रतिद्वंद्वियों को राष्ट्रहित में सहयोग करना चाहिए।

यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप और ममदानी के बीच कई तीखे बयानबाजी हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर हमला बोला था लेकिन नतीजे आने के बाद दोनों नेताओं की व्हाइट हाउस में हुई मीटिंग ने राजनीतिक परिपक्वता का संदेश दिया।

थरूर ने क्या कहा?

शशि थरूर ने मीटिंग का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “लोकतंत्र को इसी तरह काम करना चाहिए। चुनावों में अपने दृष्टिकोण के लिए जोश से लड़ें, बिना किसी रोक-टोक के। लेकिन जब चुनाव खत्म हो जाए और जनता अपना फैसला दे दे, तो राष्ट्र के हित में एक-दूसरे के साथ सहयोग करना सीखें, जिसकी सेवा का वादा आपने किया है।”

थरूर ने आगे कहा कि वह भारत में भी ऐसी राजनीतिक शिष्टता देखने की इच्छा रखते हैं और इसके लिए वह अपनी भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं।

थरूर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनकी पार्टी कॉन्ग्रेस केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ काफी आक्रामक रुख अपनाए हुए है। हाल ही में, थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रामनाथ गोयनका व्याख्यान की भी तारीफ की थी, जिस पर पार्टी के भीतर से उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी थी।

कॉन्ग्रेस के भीतर असहजता, BJP ने साधा निशाना

थरूर के इस बयान ने कॉन्ग्रेस में फिर असहजता पैदा की है। पहले भी संदीप दीक्षित और सुप्रिया श्रीनेत जैसे वरिष्ठ नेताओं ने उनके ‘लचीले रुख’ पर सवाल उठाए थे। इसी बीच, बीजेपी ने थरूर की टिप्पणी को कॉन्ग्रेस नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष तंज के रूप में लिया। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि थरूर का यह पोस्ट कॉन्ग्रेस नेताओं को याद दिलाता है कि राष्ट्र परिवारवाद से ऊपर होना चाहिए। उन्होंने राहुल गाँधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हो सकता है थरूर के खिलाफ कॉन्ग्रेस की ओर से एक और फतवा आ जाए।

बीते कुछ समय से लगातार थरूर कॉन्ग्रेस पार्टी को नसीहत दे रहे हैं और पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की तारीफ कर रहे हैं। इसके चलते वह कई बार कॉन्ग्रेस नेताओं के निशाने पर आए और कई बार तो उन्हें पार्टी छोड़ने की नसीहतें भी मिल चुकी हैं।