कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक ने 26 दिन के बाद अपना अनशन तोड़ दिया है। अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने अपना दूसरा वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने यह फैसला लिया है।
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे खुद वांगचुक से मिलने पहुँचे थे। उनके साथ लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट जारी किया।
पीएम मोदी ने लिखा, “मैं सोनम वांगचुक जी से आग्रह करता हूँ कि वो डॉक्टर्स की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन फिर से प्राप्त करें। मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि सोनम वांगचुक जी स्वस्थ रहें।”
मैं सोनम जी से आग्रह करता हूँ की वो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वज़न फिर से प्राप्त करें।
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि सोनम जी स्वस्थ रहें।@Wangchuk66 @GitanjaliAngmo
वहीं, सोनम वांगचुक ने भी अपने सोशल मीडिया पर ‘एंड ऑफ हंगर… बिगनिंग ऑफ अकाउंटेबिलिटी’ (END OF HUNGER… BEGINNING OF ACCOUNTABILITY) लिखते हुए अनशन खत्म करने की घोषणा की है।
END OF HUNGER… BEGINNING OF ACCOUNTABILITY…!
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 24, 2026
Sonam Wangchuk ends his fast after 26 days upon getting assurance from the government and members of parliament of all political parties that the issue of accountability in the failing examination system will be discussed on the… pic.twitter.com/0C9YX5VlsL
विपक्षी सांसदों की अपील और 2 दिन चली सख्त बातचीत
सोनम वांगचुक से मिलने के लिए पहले अलग-अलग राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसद पहुँचे थे। इन सभी सांसदों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर करके सोनम वांगचुक से अपना अनशन तुरंत खत्म करने की अपील की थी। सांसदों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि देश की संसद में NEET पेपर लीक और पूरी परीक्षा प्रणाली के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके बाद सरकार के मंत्रियों ने भी यही भरोसा दिया।
सोनम वांगचुक ने अपने Video में बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ इस मुद्दे पर काफी सख्त बातचीत चल रही थी। उनकी सबसे मुख्य माँग यह थी कि सरकार उन्हें केवल जुबानी नहीं, बल्कि लिखित में आश्वासन दे। लिखित दस्तावेज की प्रक्रिया में समय लगने के कारण फैसला होने में दो दिन का अतिरिक्त समय लगा। सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि न्याय के लिए जरूरत पड़ती, तो वे और कई दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठने के लिए पूरी तरह तैयार थे।
सरकार के लिखित पत्र में शामिल ये 3 माँगे
सोनम वांगचुक को दिए गए सरकार के लिखित आश्वासन पत्र में 3 सबसे प्रमुख और मुख्य बातें शामिल की गई हैं। पहली माँग यह मानी गई है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई को आयोजित संसद मार्च में भाग लेने वाले युवाओं के खिलाफ पुलिस कोई केस या मामला दर्ज नहीं करेगी। इससे प्रदर्शनकारी छात्रों को बड़ी राहत मिली है।
दूसरी मुख्य बात यह है कि संसद के आगामी सत्र में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और परीक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार लाने पर गंभीर चर्चा होगी। तीसरी और महत्वपूर्ण सहमति यह बनी है कि हाल ही में नीट (NEET) पेपर लीक के तनाव के कारण जिन छात्रों ने अपनी जान गंवाई या आत्महत्या की, उनके पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा देने पर सरकार बहुत ही सकारात्मक तरीके से विचार कर रही है।
सोनम वांगचुक ने अपना अनुभव साझा किया
सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के बाद लद्दाख की एपेक्स बॉडी के उन तमाम नेताओं का दिल से धन्यवाद किया, जो विशेष रूप से लद्दाख से दिल्ली उनका समर्थन करने आए थे। इसके साथ ही उन्होंने उन सभी 65 सांसदों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उनकी सेहत की चिंता की और उनसे मिलने पहुँचे।
26 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद पहला निवाला चखने का अनुभव साझा करते हुए सोनम वांगचुक काफी भावुक दिखे। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि 26 दिनों के लंबे इंतजार के बाद आज पहली बार उन्हें कुछ खाने को मिला है और इसका स्वाद बेहद बेहतरीन लग रहा है।

