ऋषिकेश की पवित्र गंगा नदी के किनारे ‘योगी’ और ‘एस्ट्रोलॉजर’ बनकर ज्ञान बाँटने वाली ओमाना (Mana) का असली चेहरा अब धीरे-धीरे लोगों के सामने आ रहा है। जो महिला कल तक यूट्यूब पर माता लक्ष्मी, सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का गुणगान करके लाखों फॉलोअर्स और फेम बटोरती थी, आज वही सोशल मीडिया पर बैठकर ‘हिंदू धर्म में क्यों पैदा हुई’ का रो-रोकर नाटक कर रही है।
ओमाना ने एक Video जारी कर खुलकर कहा, “मुझे हिंदू होने पर शर्म आ रही है, हिंदू धर्म में पैदा होना मेरा बहुत बड़ा पाप था।” इतना ही नहीं, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के हिंसक प्रदर्शन के दौरान ओमाना खुद सड़कों पर उतरकर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ भड़काऊ बातें करती और लोगों को हिंसा के लिए उकसाती नजर आई है।
कौन है ओमाना: बिजनेस, फिल्म मेकिंग और अध्यात्म का घालमेल
ओमाना (Mana) खुद को एक मल्टी-डायमेंशनल पर्सनैलिटी, स्पिरिचुअल मेंटॉर और बिजनेसमैन बताती है। वह उत्तराखंड के ऋषिकेश में हिमालय की तलहटी में गंगा नदी के किनारे एक बड़ा मेडिटेशन सेंटर चलाती है। उसने अपनी लाइफस्टाइल को इस तरह पेश किया है जैसे वह गृहस्थ और साधक के बीच का संतुलन बनाकर जी रही हो।
पढ़ाई और करियर के मामले में ओमाना के पास डिग्रियों की लंबी सूची है। उसने बिजनेस कम्यूनिकेशन में काम किया, एमबीए (MBA) में गोल्ड मेडल हासिल किया और निफ्ट (NIFT) परीक्षा पास कर आर्किटेक्चरल डिजाइनिंग और रियल एस्टेट डेवलपमेंट का काम शुरू किया।
इसके बाद उसने अमेरिका के लॉस एंजिल्स स्थित मशहूर यूनिवर्सिटी UCLA से फिल्म मेकिंग और डायरेक्शन की पढ़ाई की। उसने एक्टिंग और कथक डांस में भी हाथ आजमाया और कोविड काल के दौरान एक हेल्थकेयर कंपनी चलाकर आरटी-पीसीआर (RT-PCR) किट के रेट घटाने का दावा किया।
ओमाना (Mana) ने अपने ज्ञान, फिल्म मेकिंग की कला और एक्टिंग का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर अपनी ‘गुरु’ वाली इमेज बनाने के लिए किया। वह इंस्टाग्राम पर ‘aumanafoundation‘ हैंडल चलाती है, जहाँ उसके 4 लाख 8 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उसने अपने बायो में ‘जय माँ दुर्गा, जय माँ काली, जय भैरव बाबा’ लिख रखा है ताकि लोग उसे विशुद्ध सनातनी समझें।

इसके अलावा ओमाना के फेसबुक पर उसके 13 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। यूट्यूब पर वह दो चैनल चलाती है- ‘MANA‘ (अंग्रेजी में 41.4K सब्सक्राइबर्स) और ‘Mana Hindi‘ (35.4K सब्सक्राइबर्स)। उसने ‘rulesofdharma.com’ वेबसाइट बनाई है और ‘Rules of Lakshmi: The Blueprint of Abundance’ नाम से ई-बुक भी बेची है। ओमाना के माता लक्ष्मी पर बनाए गए नियमों को देश के बड़े FM रेडियो चैनल 93.5 FM पर भी जगह मिली थी।

यूट्यूब पर हिंदू देवी-देवताओं का गुणगान करके बनाई पहचान
यूट्यूब पर ओमाना के दोनों चैनलों को खंगालने पर पता चलता है कि उसने अपनी पूरी पहचान सनातन धर्म का सहारा लेकर बनाई है। उसने माता लक्ष्मी से जुड़े पवित्र नियमों, धन-समृद्धि पाने के उपायों, वैदिक परंपराओं और भारतीय संस्कृति पर सैकड़ों वीडियो बनाए। उसने हर वीडियो में यही दिखाया कि वह भारत को फिर से समृद्ध और ज्ञानी बनाने के मिशन पर निकली है।
उसके पुराने Videos में वह पर्यावरण बचाने की बात करती थी और कहती थी, “मोदी जी आपको हमने नारायण के रूप में चुना है, हमें बड़ी सड़कें नहीं बल्कि पेड़ और पशु चाहिए।” उसने लोगों को आकर्षित करने के लिए खुद को एक सनातनी विजनरी के रूप में स्थापित किया और लोगों के बीच में अपनी गहरी पैठ बनाई।
अचानक बदला पैंतरा: रोते हुए वीडियो में कहा- ‘हिंदू होना बहुत बड़ा पाप है’
जैसे ही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ा, ओमाना का असली एजेंडा बाहर आ गया। उसने कैमरे के सामने मगरमच्छ के आँसू बहाते हुए 4 मिनट से ज्यादा का एक ड्रामा वीडियो रिकॉर्ड किया। इस वीडियो में उसने सीधे सनातन धर्म और हिंदू समाज पर हमला बोला।
वीडियो में ओमाना कहती है, “हिंदू होना बहुत बुरा है। हिंदू देश में हिंदुओं के बच्चों को पीटा जा रहा है। मैं हिंदू नहीं हूँ, मुझसे बहुत बड़ा पाप हो गया जो मैं इस देश में हिंदू बनकर पैदा हुई। मैं सोचती थी कि भारत में पैदा होना मेरे अच्छे कर्मों का फल है, लेकिन अब मुझे शर्म आ रही है।” उसने लोगों को सलाह दी कि महिलाएँ बच्चों को जन्म न दें, क्योंकि भारत में रहना और पैदा होना पाप है।
"Mujhe Hindu hone par sharam aa rahi hai. Bohot bada paap kiya hoga jo is desh mein paida hui aur ye dharm mila"
— Hindutva Vigilant (@Viglnthindutva) July 21, 2026
Have you seen people from any other religion say things like this about their own religion? pic.twitter.com/hbwf4H4hDg
CJP के प्रदर्शन में उग्र रूप: दिल्ली पुलिस के जवानों पर हमला करने के लिए उकसा रही
एक तरफ सोशल मीडिया पर ओमाना ‘अहिंसा और शांति’ का नाटक कर रही थी, तो दूसरी तरफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शन में उसका हिंसक और उग्र रूप कैमरे में सामने आया। वह भीड़ के बीच खड़ी होकर गंदी-गंदी गालियाँ दे रही थी और प्रदर्शनकारियों को कानून-व्यवस्था तोड़ने के लिए उकसा रही थी।
सामने आए वीडियो में ओमाना खुलेआम चिल्लाती है, “ये क्या चल रहा है? हम इन्हें जान से मारने जा रहे हैं, वर्दी पहन ली तो क्या खुद को पुलिस समझेंगे? मैं तुमसे कह रही हूँ कि जाकर इन्हें मारो, इनके लोगों को जाकर पीटो!” ये है ओमाना की भाषा, जो प्रदर्शनकारियों को शांति का पाठ नहीं, बल्कि हिंसा करना सीखा रही है। किसी को जीवनदान देना नहीं, बल्कि पुलिस के परिवार पर हमला करना सीखा रही है, भाषा में शुद्धता नहीं, बल्कि जहर घोलने जैसे बू आ रही है। छात्रों के हाथों में पुस्तकें नहीं बल्कि लाठी-डंडों के सहारे आगे बढ़ना सीखा रही है। पढ़ लिखकर भविष्य को उज्जवल बनाने की सीख ना देकर, ओमाना अनपढ़ और अंगूठा छाप रहकर सत्ता पर कैसे कब्जा किया जाता है वो सीखा रही है। अपनी छवि चमकाने के लिए ओमाना कुछ भी कर सकती है…
This activist runs an illegal ashram in Rishikesh and opposes developmental projects in Uttarakhandhttps://t.co/EPhquBD7jKpic.twitter.com/qS7f65clyj
— Rishi Bagree (@rishibagree) July 21, 2026
ओमाना के दो चेहरों की तुलना करें तो उसका दोगलापन साफ दिखाई देता है। 11 जुलाई 2026 को अपने चैनल ‘4Mana Talks’ पर पोस्ट किए गए वीडियो में वह अध्यात्म का ज्ञान छाँटते हुए कहती है कि ‘ईश्वर का कोई धर्म नहीं होता, आध्यात्मिकता धर्म से परे है।’ लेकिन असल जिंदगी में वह सीधे हिंदू धर्म को कटघरे में खड़ा कर देती है।
ऋषिकेश में आश्रम चलाकर, तंत्र-मंत्र और एस्ट्रोलॉजी के नाम पर लोगों से पैसे कमाने वाली ओमाना अब अचानक देश और धर्म विरोधी ताकतों की जुबान बोलने लगी है। जब तक सनातन धर्म से फेम और डॉलर मिल रहे थे, तब तक वह ‘माँ दुर्गा और काली’ की भक्त बनी रही, लेकिन मौका मिलते ही उसने पूरे सनातन धर्म को गालियाँ देना शुरू कर दिया।
ड्रामा क्वीन ओमाना का पाखंड
अरे ओमाना मैडम… लॉस एंजिल्स (UCLA) से फिल्म मेकिंग और डायरेक्शन की पढ़ाई क्या इसीलिए करके आई थीं कि ऋषिकेश के पवित्र गंगा तट पर बैठकर ‘अध्यात्म का घटिया नाटक’ रच सकें? वाह रे आपका ढोंग! जब तक यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर माता लक्ष्मी के फर्जी नियम और एस्ट्रोलॉजी का चूर्ण बेचकर धंधा चमक रहा था, तब तक यह देश, यह सनातन धर्म और यहाँ के देवी-देवता आपके लिए बहुत महान थे। आपने अपनी पूरी दुकान ही ‘जय माँ दुर्गा’ और ‘जय माँ काली’ का बोर्ड लगाकर सजाई थी।
लेकिन जैसे ही जंतर-मंतर पर आपकी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के उपद्रवियों का भांडा फूटा, आपकी एक्टिंग का लेवल तो सीधे ऑस्कर के लायक हो गया। कैमरे के आगे बैठकर मगरमच्छ के आँसू बहाते हुए कहती हैं, “मुझे हिंदू होने पर शर्म आती है।” अरे मैडम, शर्म तो इस देश के लोगों को आ रही है कि उन्होंने आप जैसी बहरूपिया और ढोंगी महिला को सिर पर बिठाया।
एक तरफ कैमरे के सामने बैठकर ‘बेचारी माँ’ बनने की नौटंकी करती हो और कहती हो कि ‘मेरा दिल रो रहा है’, और दूसरी तरफ सड़कों पर उतरकर लफंगों की तरह गालियाँ बकती हो? खुलेआम भीड़ से कहती हो, “जाओ पुलिस वालों को मारो, इन्हें जान से मार दो!” क्या यही सिखाया है आपको UCLA के डायरेक्शन ने?
आपकी यह दोमुंही चाल अब पूरी तरह एक्सपोज हो चुकी है। एक तरफ अध्यात्म बेचकर नोट छापना और दूसरी तरफ मौका मिलते ही उसी हिंदू धर्म को गाली देना जिसने आपको पहचान दी… यह दोगलापन लोगों के सामने आ चुका है।


