मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक मंदिर के पास से स्थानीय हिंदुओं द्वारा अवैध अतिक्रमण को हटवाने का मामला प्रकाश में आया है। घटना मंडीदीप नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 20 मोजमपुरा की है। यहाँ खेड़ापपति के पास वन भूमि पर शानू मियाँ नाम के कबाड़ी ने कब्जा किया हुआ था। क्षेत्र के लोग लगातार इसपर शिकायतें करते थे, मगर सुनवाई न हो पाने से लोग परेशान हो गए। 14 दिसंबर 2025 को उन्होंने खुद ही इकट्ठा होकर इस कब्जे को हटा दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (14 दिसंबर 2025) की सुबह बड़ी संख्या में महिलाएँ, युवा और स्थानीय नागरिक मौके पर एकत्रित हुए। किसी भी प्रशासनिक अमले की मौजूदगी के बिना ही लोगों ने मिलकर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। कुछ ही समय में वन भूमि पर किया गया पूरा अतिक्रमण हटा दिया गया। इस दौरान महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली।
हिंदू संगठनों की शिकायत
स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों का कहना है कि इस अवैध अतिक्रमण को लेकर नगर पालिका और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को पूर्व में कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गई थीं। बावजूद इसके, लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण स्थानीय लोगों ने स्वयं पहल करते हुए अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया।
अतिक्रमण हटाने में शामिल महिलाओं ने बताया कि खेड़ापति मंदिर परिसर में आगामी दिनों में भागवत कथा का आयोजन प्रस्तावित है। आयोजन से पहले मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई आवश्यक थी, लेकिन अवैध कब्जे के कारण दिक्कतें आ रही थीं। कार्रवाई के दौरान मौके पर नारेबाजी भी की गई और प्रशासनिक कार्रवाई न होने को लेकर सवाल उठाए गए।
स्थानीय नागरिकों का कहना था कि यदि समय पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती, तो इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वन भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

