दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे उस दावे का खंडन किया है जिसमें कहा जा रहा था कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की कथित लाठीचार्ज में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई है। पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए लोगों से ऐसी अपुष्ट सामग्री साझा न करने की अपील की है।
दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्टर जारी करते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर एक कथित अखबार की कटिंग वायरल की जा रही है, जिसमें दावा किया गया है कि लाठीचार्ज में घायल होने के बाद अभिजीत दीपके की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार यह अखबार की कटिंग पूरी तरह फर्जी है और लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
पुलिस ने कहा कि अभिजीत दिपके पूरी तरह स्वस्थ, सुरक्षित और फिट हैं। पोस्ट में लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अपुष्ट या फर्जी सामग्री पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही अफवाहों को आगे न बढ़ाने की भी सलाह दी गई है।
दिल्ली पुलिस ने X पर लिखा, “फेक न्यूज अलर्ट। अभिजीत दिपके की मौत का झूठा दावा करने वाली मनगढ़ंत अखबार की कटिंग पूरी तरह फर्जी है। अभिजीत दिपके फिट, स्वस्थ और सुरक्षित हैं। इस तरह की फर्जी सामग्री तैयार करने और उसे फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कृपया अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उसे साझा करें। केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।”
⚠️ FAKE NEWS ALERT
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 24, 2026
A fabricated newspaper clipping falsely claiming the death of Abhijeet Deepke is fake.
He is fit, healthy & safe.
This is malicious & strict legal action will be taken against those creating and spreading such fake content.
Do not believe or share… pic.twitter.com/G7Q7CQ0Ya9
गौरतलब है कि हाल के दिनों में छात्र आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर कई तरह के भ्रामक दावे वायरल हुए हैं। इससे पहले भी दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने और पैलेट गन के इस्तेमाल जैसे कई वायरल दावों का भी खंडन किया था और उन्हें फर्जी बताया था।
ऐसे मामलों में पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी वायरल पोस्ट, फोटो, वीडियो या कथित समाचार पत्र की कटिंग को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जाँच अवश्य करें। पुलिस का कहना है कि फर्जी समाचार फैलाने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

