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अली भाई के लिए हथियार लेकर आया था पाकिस्तानी ड्रोन, राइफल और ग्रेनेड बँधे थे: BSF ने मार गिराया

बीएसएफ के महानिरीक्षक एनएस जमवाल के मुताबिक ड्रोन से बरामद हुआ हथियार किसी 'अली भाई' नाम के व्यक्ति को दिया जाना था, क्योंकि ड्रोन के अंदर से अली भाई के नाम की एक पर्ची भी हथियारों के साथ चिपकी हुई मिली है।

जम्मू-कश्मीर में ड्रोन के जरिए आतंकियों तक हथियार पहुॅंचाने की पाकिस्तान की कोशिश को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है। पाकिस्तान ने भारतीय जवानों की रेकी और हथियारों की सप्लाई के लिए शनिवार (जून 20, 2020) सुबह एक ड्रोन भेजा था। बीएसएफ जवानों की मुस्तैदी के चलते इसे मार गिराया गया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार सुबह 5.10 बजे कठुआ के हीरानगर सेक्टर के ऊरक पाकिस्तानी ड्रोन उड़ता हुआ दिखाई दिया। जिसे सीमा पर मुस्तैदी से तैनात बीएसएफ के जवानों ने मार गिराया। ड्रोन में कुछ हथियार भी बँधे हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन के साथ एक राइफल, दो मैगजीन, 60 राउंड और सात ग्रेनेड बँधे हुए थे, जिन्‍हें जब्‍त कर लिया गया है।

बीएसएफ के महानिरीक्षक एनएस जमवाल ने कहा कि यह एक बड़ी कामयाबी है। पाकिस्तान पंजाब में जो कर रहा है, उसी तरह के तौर-तरीकों को यहाँ भी अपनाया है। छह कोप्टर ड्रोन का वजन लगभग 17.5 किलोग्राम था और खेप का वजन लगभग पाँच से छह किलोग्राम था।

उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से, यह इस तरफ किसी को हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध कराने का एक प्रयास था। वह कौन था, जाँच का विषय है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि ड्रोन में एक चरखी जैसा यंत्र लगा था, जिसकी मदद से पूरी खेप को गिराकर उसे वापस पाकिस्तान जाना था।

बीएसएफ के महानिरीक्षक एनएस जमवाल के मुताबिक ड्रोन से बरामद हुआ हथियार किसी ‘अली भाई’ नाम के व्यक्ति को दिया जाना था, क्योंकि ड्रोन के अंदर से अली भाई के नाम की एक पर्ची भी हथियारों के साथ चिपकी हुई मिली है।

उन्होंने बताया कि बीएसएफ जवानों ने नौ गोलियाँ चलाई और ड्रोन को भारतीय क्षेत्र में 250 मीटर अंदर की ओर मार गिराया। बीएसएफ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच गए हैं और मामले की छानबीन की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि जनवरी 2020 में नगरोटा टोल प्लाजा पर जैश-ए-मोहम्मद के मारे गए आतंकी के पास से भी ऐसे ही हथियार बरामद हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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