Homeदेश-समाजजोधपुर: रामनवमी पर शोभायात्रा से लौट रहे भक्तों पर पत्थरबाजी, वाहन फूँके, दो लोग...

जोधपुर: रामनवमी पर शोभायात्रा से लौट रहे भक्तों पर पत्थरबाजी, वाहन फूँके, दो लोग गिरफ़्तार

व्यापारियों के मोहल्ले में दो दिन पहले किसी बात को लेकर कुछ युवकों में आपसी बहस हो गई थी। कुछ लोगों ने मामले को शांत करा दिया था लेकिन रामनवमी की शोभायात्रा में हिस्सा लेने वाले लोग जब अपने घर लौट रहे थे, तभी उन पर कुछ लोगों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।

राजस्थान में जोधपुर के सूरसागर क्षेत्र में रामनवमी पर दो गुटों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि शोभायात्रा से लौट रहे लोगों पर एक समुदाय के लोगों ने पथराव किया। घटना शनिवार (13 अप्रैल) की है जहाँ इस मामले को शांत कराने की कोशिश में दो पुलिसकर्मी समेत पाँच लोग भी घायल हो गए। ख़बर यह भी है कि पथराव के बाद समुदाय विशेष के लोगों ने दो वाहनों को आग भी लगा दी।

दरअसल, सूरसागर क्षेत्र के व्यापारियों के मोहल्ले में दो दिन पहले किसी बात को लेकर कुछ युवकों में आपसी बहस हो गई थी। यह बहस इतनी बढ़ गई कि विवाद साम्प्रदायिक झगड़े में तब्दील हो गया। विवाद बढ़ता देख वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने मामले को शांत करा दिया लेकिन रामनवमी के मौके पर शोभायात्रा में हिस्सा लेने वाले लोग जब अपने घर लौट रहे थे, तभी उन पर कुछ लोगों ने अपनी छतों पर से पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। अचानक पत्थरों की बौछार से शोभायात्रा में शामिल लोगों में अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया। इसी अफ़रा-तफ़री में कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हो गए।

थोड़ी देर के बाद दोनों समुदाय के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई जिसके बाद मामले को शांत कराने पुलिस मौक़े पर पहुँची। पहले तो पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए वहाँ उपस्थित भीड़ को खदेड़ा। उसके बाद जो लोग छत से पथराव कर रहे थे उन्होंने पुलिस पर भी पथराव करना शुरू कर दिया। इससे दो पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं।

बिगड़ती स्थिति पर क़ाबू पाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पुलिस कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ ख़ुद घटना स्थल पर पहुँचे। पुलिस ने पथराव कर रहे दो लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत के विरोध में आए लोगों को पुलिस ने एक तरफ खदेड़ दिया। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। दोनों गुटों के लोगों में आपसी विवाद अभी भी जारी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -