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यूरिन में इन्फेक्शन, मुनव्वर राणा दिल्ली AIIMS में भर्ती: घुटने का भी चल रहा इलाज, चलने-फिरने में होती है दिक्कत

मुनव्वर राणा हाल के समय में अपनी शायरी से ज्यादा हिंदुओं और मोदी सरकार से घृणा की वजह से चर्चा में रहे हैं। इसी साल जनवरी में किसानों को उकसाने की कोशिश करते हुए उन्होंने एक ट्वीट किया था।

शायर मुनव्वर राणा को दिल्ली के एम्स में भर्ती करवाया गया है। मुनव्वर राणा की बेटी सौम्या ने गुरुवार को बताया कि यूरिन में इन्फेक्शन की वजह से उनके पिता की तबीयत पिछले दिनों ज्यादा खराब हो गई थी। इसके बाद उन्हें पहले लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहाँ हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें मंगलवार को दिल्ली एम्स ले जाया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गंभीर हालत होने के चलते शायर का इलाज लगातार डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। बताया जा रहा है कि 68 वर्षीय शायर राणा गले के कैंसर से भी पीड़ित हैं। साल 2017 में उनके सीने में तेज दर्द उठा था। उनके फेफड़ों और गले में इंफेक्शन भी हुआ था, जिसके बाद उन्हें एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था।

राणा के घुटने का भी इलाज चल रहा है। पिछले 7 सालों में कई बार उनके घुटने का ऑपरेशन हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत हो रही थी। बता दें कि राणा को 2014 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।

वैसे मुनव्वर राणा हाल के समय में अपनी शायरी से ज्यादा हिंदुओं और मोदी सरकार से घृणा की वजह से चर्चा में रहे हैं। इसी साल जनवरी में किसानों को उकसाने की कोशिश करते हुए उन्होंने एक ट्वीट किया था। इसमें कहा था, “इस मुल्क के कुछ लोगों को रोटी तो मिलेगी, संसद को गिरा कर वहाँ कुछ खेत बना दो। अब ऐसे ही बदलेगा किसानों का मुकद्दर, सेठों के बनाए हुए गोदाम जला दो। मैं झूठ के दरबार में सच बोल रहा हूँ, गर्दन को उड़ाओ, मुझे या जिंदा जला दो।”

इसी तरह बिहार चुनाव में एनडीए की जीत के बाद उन्होंने ओवैसी को जमकर खरी-खोटी सुनाई थी। इसी तरह फ्रांस में शिक्षक का गला रेतने वाले हमलावर का बचाव करते हुए कहा था, “अगर उसकी जगह मैं होता तो मैं भी वही करता। किसी को इतना मजबूर न करो कि वह कत्ल करने के लिए तैयार हो जाए।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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