Homeराजनीति35-A को लेकर PM मोदी से मिले उमर अब्दुल्ला, कहा- कोई ऐसे कदम न...

35-A को लेकर PM मोदी से मिले उमर अब्दुल्ला, कहा- कोई ऐसे कदम न उठाएँ, जिससे स्थिति खराब हो

हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र से सुप्रीम कोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा करने के लिए कहा था जहाँ अनुच्छेद-35A और अनुच्छेद-370 को चुनौती देने वाली काफी याचिकाएँ लंबित हैं।

जम्मू कश्मीर में 35-A की स्थिति को लेकर जारी चर्चा के बीच बृहस्पतिवार (अगस्त 01, 2019) को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हमने पीएम मोदी से कहा कि रियासत में कोई ऐसे कदम न उठाए जाएँ, जिससे वहाँ की स्थिति खराब हो। हमने 35-A और 370 का भी मामला उठाया। साथ ही जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने की माँग की।”

हाल ही में श्रीनगर में एक राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र से सुप्रीम कोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा करने के लिए कहा था जहाँ अनुच्छेद-35A और अनुच्छेद-370 को चुनौती देने वाली काफी याचिकाएँ लंबित हैं।

जम्मू कश्मीर की तमाम छोटी-बड़ी राजनीतिक पार्टियों में अनुच्छेद 35 A को लेकर बहस तेज है। नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट और राज्य के सभी क्षेत्रीय दलों ने अनुच्छेद-35 A और 370 के साथ छेड़छाड़ का विरोध किया है। संविधान के इन दोनों अनुच्छेदों में किसी राज्य को विशेष दर्जा देने का प्रावधान है। हाल ही में महबूबा मुफ़्ती ने भी केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि आर्टिकल 35- A के साथ छेड़छाड़ करना बारूद को हाथ लगाने के बराबर है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -