Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयजिसने रची 26/11 की साजिश, उसे 'अज्ञात बंदूकधारियों' ने मार डाला: पाकिस्तान में 2...

जिसने रची 26/11 की साजिश, उसे ‘अज्ञात बंदूकधारियों’ ने मार डाला: पाकिस्तान में 2 आतंकी मौलानाओं की हत्या, हाफिज सईद के बेटे के मारे जाने की भी खबर

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, जियाउर रहमान कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में टहल रहा था, तभी बाइक पर सवार बंदूकधारियों ने उसकी हत्या कर दी। कराची पुलिस को इस हत्या की जानकारी 12 सितम्बर को मिली थी, घटनास्थल से 11 गोलियाँ बरामद की गई थीं।

पाकिस्तान में रहकर भारत में हमले करवाने वाले आतंकी अब डर के साये में जी रहे हैं। पाकिस्तान आए दिन बाइक सवार हमलावर किसी ना किसी आतंकी की गोली मारकर हत्या कर रहे हैं। सबसे ताजा उदाहरण पाकिस्तान के कराची में मारे गए आतंकी कैसर फारूक का है। खबर यह भी है कि आतंकी हाफिज सईद का बेटा भी मार दिया गया है।

कैसर फारूक वर्ष 2008 में हुए मुंबई हमलों की साजिश रचने का आरोपित था। उसे 30 सितम्बर 2023 को कराची की एक व्यस्त सड़क के किनारे गोली मार दी गई, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। उसकी हत्या का एक कथित वीडियो भी वायरल हो रहा है। वह आतंकी हाफिज सईद का करीबी था।

फारूक की हत्या को कराची की पुलिस ने लूट के दौरान हुई हत्या बताया है। कराची पुलिस द्वारा पाकिस्तानी अखबार डॉन को दी गई सूचना के अनुसार, फारूक की हत्या ‘मोटरसाइकल सवारों’ ने इसलिए कर दी, क्योंकि लूट के दौरान उनके पास कुछ नहीं मिला था।

फारूक की हत्या से मात्र कुछ दिन पहले ही एक अन्य आतंकी की भी कराची में ‘अनजान मोटरसाइकिल सवारों’ ने हत्या कर दी थी। 12 सितम्बर 2023 को कराची में लश्कर से जुड़े एक आतंकी मौलाना जियाउर रहमान की भी इसी तरीके से हत्या कर दी गई थी।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, जियाउर रहमान कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में टहल रहा था, तभी बाइक पर सवार बंदूकधारियों ने उसकी हत्या कर दी। कराची पुलिस को इस हत्या की जानकारी 12 सितम्बर को मिली थी, घटनास्थल से 11 गोलियाँ बरामद की गई थीं।

जियाउर रहमान की हत्या को पुलिस ने आतंकी हमला बताया था। रहमान लश्कर से लम्बे समय से जुड़ा था और मजहबी काम करता था। रहमान और फारूक की हत्या भी उसी तरह हुई है, जैसे मार्च में इंडियन एयरलाइन्स के विमान IC-814 का एक अपहरणकर्ता आतंकी मिस्त्री ज़हूर इब्राहिम की हुई थी। उसे भी बाइक सवार बन्दूकधारियों ने मारा था।

इसके अलावा, इसी वर्ष मई माह में खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पंजवार और अल बद्र के आतंकी खालिद रजा की भी हत्या इसी तरह से हुई थी। अधिकांश विशेषज्ञों का कहना है कि ये हत्याएँ गैंगवार का नतीजा है।

क्या हाफिज सईद का बेटा भी मारा गया?

सोशल मीडिया पर लगातार यह दावे किए जा रहे हैं कि लश्कर-ए-तैयबा और जमात उद दावा के सरगना और आतंकी हाफिज सईद का बेटा कमालुद्दीन सईद मार दिया गया है। पहले उसके कार सवार हमलावरों द्वारा अपहृत किए जाने की खबर आई थी।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यह दावा किया है कि कमालुद्दीन को 26 सितम्बर 2023 को पेशावर से कुछ कार सवार हमलावरों ने अगवा कर लिया। कमालुद्दीन, हाफिज सईद का छोटा बेटा है। इस अपहरण के बाद ही यह दावा किया गया कि उसकी हत्या हो गई है।

29 सितम्बर को कई सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (पहले ट्विटर) पर किए गए दावों में कहा गया कि कई दिनों तक गायब रहने के बाद अब हाफिज सईद के बेटे कमालुद्दीन की लाश बरामद हुई है। उसे अपहरणकर्ताओं ने मार दिया है।

हालाँकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान के किसी भी समाचार पत्र या सरकारी एजेंसी ने इस अपहरण एवं हत्या को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। कमालुदीन को लेकर लगातार अब कयास लगाए जा रहे हैं। इन सब के बीच हाफिज सईद जेल में है, उसे बीते वर्ष 33 वर्ष की कैद सुनाई गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -