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‘नदी से समुद्र तक, फिलिस्तीन आजाद होगा…’: इजरायल के विनाश और गाजा के पक्ष में पोस्ट करना गाजी को पड़ गया भारी, जर्मनी ने फुटबॉल टीम से निकाला

गाजी ने आतंकी संगठन हमास के नारे नदी से समुद्र तक, फिलिस्तीन आजाद होगा (from the river to the sea, Palestine will be free) लिखते हुए इंस्टाग्राम पर कई पोस्ट किए थे। बताते चलें कि हमास और उसके सहयोगी इजरायल के विनाश के लिए इस नारे का उपयोग करते हैं, क्योंकि इजरायल और फिलिस्तीन जॉर्डन नदी और भूमध्यसागर के बीच स्थित है।

जर्मनी का प्रसिद्ध फुटबॉल क्लब मेन्ज़ (German soccer club Mainz) ने हमास पर इज़रायल की कार्रवाई के विरोध में गाजा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने पर डच फॉरवर्ड अनवर अल गाजी को क्लब से हटा दिया। मेन्ज ने शुक्रवार (3 नवंबर 2023) को गाजी के साथ हुए अनुबंध को समाप्त कर दिया। इस पोस्ट को लेकर गाजी को एक बार सस्पेंड भी किया गया था।

मेन्ज़ ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने अनवर अल गाजी का अनुबंध समाप्त कर दिया गया है और तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। मेन्ज ने कहा कि गाजी को उनकी सोशल मीडिया पोस्ट के लिए हटाया गया है। वहीं, जर्मन अभियोजकों ने कहा कि डच खिलाड़ी पर इंस्टाग्राम के माध्यम से नफरत फैलाने के साथ-साथ आपराधिक कृत्यों को नजरअंदाज करके सार्वजनिक शांति को भंग करने का संदेह है।

गाजी ने आतंकी संगठन हमास के नारे नदी से समुद्र तक, फिलिस्तीन आजाद होगा (from the river to the sea, Palestine will be free) लिखते हुए इंस्टाग्राम पर कई पोस्ट किए थे। बताते चलें कि हमास और उसके सहयोगी इजरायल के विनाश के लिए इस नारे का उपयोग करते हैं, क्योंकि इजरायल और फिलिस्तीन जॉर्डन नदी और भूमध्यसागर के बीच स्थित है।

मेन्ज क्लब द्वारा अनुबंध खत्म करने और अल गाजी को हटाने की घोषणा के बाद उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट लिखा। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में गाजी ने लिखा, “जो सही है उसके लिए खड़े रहें, भले ही इसके लिए अकेले खड़े रहना पड़े। गाजा में निर्दोष और कमजोर लोगों पर ढाए जा रहे नारकीय जुल्म की तुलना में मेरी आजीविका का नुकसान कुछ भी नहीं है।”

इसके पहले अल गाजी ने इजरायल हमास विवाद को लेकर 17 अक्टूबर को एक विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट किया था। हालाँकि, उन्होंने पोस्ट को बाद में डिलीट भी कर दिया था। इस तरह की अनुशासनहीनता को देखते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया था। क्लब के आयोजनों को देखते हुए 30 अक्टूबर को ही उनका निलंबन हटाया गया था।

मेन्ज़ ने कहा कि प्रबंधन के साथ बातचीत के बाद 28 साल के गाज़ी ने कहा था कि उन्हें सोशल मीडिया पोस्ट प्रकाशित करने को लेकर अफसोस है और इसके नकारात्मक प्रभावों को लेकर भी उन्हें पछतावा है। क्लब ने कहा कि खिलाड़ी ने यह भी कहा कि वह इज़रायल के अस्तित्व के अधिकार पर सवाल नहीं उठा रहा है।

हालाँकि, अनवर गाजी ने बुधवार (1 नवंबर 2023) को एक बार फिर इजरायल और हमास को लेकर विवादास्पद डालकर जता दिया कि पिछली बार उन्होंने मेन्ज प्रशासन से जो भी कहा था, वह झूठ था। गाजी ने लिखा, “मुझे अपनी स्थिति पर कोई पछतावा नहीं है। मैंने जो कहा था, उससे मैं खुद को अलग नहीं कर रहा हूँ। मैं आज और हमेशा, अपनी आखिरी साँस तक मानवता और उत्पीड़ितों खिलाफ खड़ा रहूँगा।”

अनवर गाजी पहले पीएसवी आइंडहोवन, एस्टन विला और एवर्टन के लिए खेलते थे। इस साल सितंबर महीने में एक फ्री एजेंट के रूप में मेन्ज़ में शामिल हुए थे। वे टीम में विकल्प के रूप में तीन बार प्रदर्शन किया। उनका आखिरी प्रदर्शन बुंडेसलीगा में था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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