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‘केजरीवाल इस्तीफा दें या जेल से सरकार चलाएँ’: जनता से सवाल पूछेगी AAP, ED की पूछताछ से पहले संभावित गिरफ़्तारी को भुनाने में लगी पार्टी

अरविंद केजरीवाल की संभावित गिरफ्तारी से डरकर उनकी पार्टी AAP इसे भुनाने की कोशिश में लग गई है। विधायक दुर्गेश पाठक का कहना है कि पार्टी दिल्ली के एक-एक आदमी से पूछेगी कि गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल को सीएम पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या तिहाड़ जेल में रहकर सरकार चलानी चाहिए।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली आबकारी नीति के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की संभावित गिरफ्तारी का राजनीतिक फायदा उठाने की तैयारी की है। अब AAP पूरे देश में लोगों से इस मुद्दे पर जुड़ कर भावनात्मक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। AAP कार्यकर्ता ने लोगों से पूछेगी कि क्या केजरीवाल को दिल्ली के सीएम पद से इस्तीफा देना चाहिए या जेल से ही वो सरकार चलाएँ।

तिहाड़ जेल से सरकार चलाने की तैयारी!

आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के प्रभारी दुर्गेश पाठक इस बारे में जानकारी दी। पाठक ने मंगलवार (7 नवंबर 2023) को कहा कि आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल को लेकर लोगों की राय जानेगी। इसके लिए दिल्ली भर में हर घर तक पार्टी पहुँचेगी और सड़क-सड़क पर लोगों से राय पूछेगी।

पाठक ने कहा कि दिल्ली के एक-एक व्यक्ति से संपर्क करके पार्टी जनमत संग्रह कराएगी। इसमें लोगों से पूछा जाएगा कि क्या मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भाजपा के सामने झुक जाना चाहिए और इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद रहकर भी दिल्ली की सरकार चलानी चाहिए।

पार्षदों-विधायकों की माँग, जेल से चलाई जाए सरकार

आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक ने कहा, “एमसीडी की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इसके बाद इसी बैठक में विधायकों और पार्षदों ने माँग की है कि अगर अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) जेल में भी डाल देती है तो उन्हें जेल से ही सरकार चलाना चाहिए। इसके बाद फैसला हुआ है कि ये फैसला जनता पर छोड़ देनी चाहिए।”

पाठक ने आगे कहा, “अब इस मुद्दे पर दिल्ली और पूरे देश में जनमत संग्रह कराया जाएगा। इसी जनसंवाद से पता चल जाएगा कि क्या अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के सीएम पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या तिहाड़ जेल से सरकार चलानी चाहिए। इसके लिए AAP के पार्षद और विधायक देश भर में अभियान चलाकर लोगों की राय जुटाएँगे।”

ईडी के नोटिस पर नहीं पहुँचे अरविंद केजरीवाल

पाठक का बयान ED द्वारा दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जाँच के सिलसिले में अरविंद केजरीवाल को तलब करने के एक हफ्ते बाद आया है। केजरीवाल ने यह कहते हुए समन को नजरअंदाज कर दिया था कि यह राजनीति से प्रेरित था। वो पूछताछ के लिए ED के सामने पेश होने की जगह मध्य प्रदेश में अपनी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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