Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयसरकारी माल बाजार में बेचा: इमरान खान और बीवी बुशरा को 14 साल की...

सरकारी माल बाजार में बेचा: इमरान खान और बीवी बुशरा को 14 साल की जेल, करोड़ों का जुर्माना भी; चुनाव से 8 दिन पहले पूर्व PM की मुश्किलें और बढ़ी

इमरान खान और उनकी बीवी को जिस मामले में सजा सुनाई गई है, वह उनके प्रधानमंत्री रहते हुए विदेशों से गिफ्ट प्राप्त करने का है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में 108 गिफ्ट लिए, लेकिन उन्हें कोषागार में नहीं जमा करवाया। कुछ गिफ्ट बाजार में बेच दिए, जिससे कथित तौर पर इमरान दंपती को करीब 14 करोड़ रुपए मिले थे।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को एक अदालत ने तोशाखाना मामले में 14 साल जेल की सजा सुनाई है। दोनों पर ₹78-78 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है। यह निर्णय पाकिस्तान में आम चुनावों से मात्र 8 दिन पहले आया है। इससे पहले 30 जनवरी 2024 को इमरान खान को साइफर मामले में 10 वर्ष की सजा सुनाई गई थी। अब जिस मामले में सजा सुनाई गई है वह सरकारी गिफ्ट की गड़बड़ियों से जुड़ा है।

यह निर्णय इस्लामाबाद की एक NAB (नेशनल अकाउंटीबिलिटी ब्यूरो) कोर्ट ने सुनाया। इमरान खान के साथ ही उनकी बीवी बुशरा को भी इस मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई है। दोनों अगले 10 वर्षों तक किसी भी सरकारी पद लेने पर रोक लगा दी गई है। बुशरा बीबी को भी इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान इमरान के वकीलों ने और समय माँगा जिसे अदालत ने नकार दिया।

गौरतलब है कि इमरान खान और उनकी बीवी को जिस मामले में आज सजा सुनाई गई है, वह उनके प्रधानमंत्री रहते हुए विदेशों से गिफ्ट प्राप्त करने का है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में 108 गिफ्ट लिए, लेकिन उन्हें कोषागार (तोशाखाना) में नहीं जमा करवाया। इनमें से कुछ गिफ्ट बाजार में बेच दिए, जिससे कथित तौर पर इमरान दंपती को करीब 14 करोड़ रुपए मिले थे।

इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक ए इन्साफ पार्टी (PTI) ने कोर्ट के आदेश का विरोध किया है। इसे एक कंगारू कोर्ट का निर्णय बताया है और कहा है कि यह नवाज शरीफ के इशारे पर दिया गया फैसला है। PTI ने एक्स/ट्विटर पर लिखा, “2 दिन में पाकिस्तान में मौजूद हर कानून को पूरी तरीके से बर्बाद कर दिया गया है। इमरान खान और बुशरा बीबी को एक और फर्जी मुकदमे का सामना करना पड़ा है, जिसमें दोनों को खुद को बचाने का कोई अधिकार नहीं दिया गया। साइफर की तरह इस मामले का भी किसी ऊँची अदालत में टिकने का कोई आधार नहीं है। यह शर्मनाक है कि कानून को नजरअंदाज किया जा रहा है।”

इमरान खान को इससे पहले कल भी एक मामले में 10 वर्ष की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में इमरान सरकार में विदेश मंत्री रहे शाह महमूद कुरैशी को भी 10 वर्ष की सजा सुनाई गई थी। यह मामला अमेरिका में मौजूद पाकिस्तान के राजदूत द्वारा भेजे गए एक नोट की जानकारियाँ सार्वजनिक करने को लेकर था। इससे पहले 5 अगस्त 2023 को भी इमरान खान को एक मामले में सजा सुनाई गई थी। इमरान वर्तमान में अडियाला जेल में बंद हैं।

गौरतलब है कि इमरान को सजा देने के निर्णय तब आए हैं, जब पाकिस्तान में आम चुनाव चल रहे हैं। 8 फरवरी को मतदान होना है। इन चुनावों में लड़ने से भी PTI को अप्रत्यक्ष तरीके से रोक दिया गया है। उसका चुनाव चिन्ह बैट छीन लिया गया है और उसके उम्मीदवारों को अब निर्दलीय बनकर लड़ना पड़ रहा है। इमरान के अलावा भी पार्टी के कई नेता जेलों में बंद हैं। इमरान की पार्टी इसे पाकिस्तानी फ़ौज की साजिश करार देती रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -